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गंगा मइया में स्नान कर मांगी मनौतियां
Updated Thu, 22 Nov 2018 10:03 PM IST
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मेला ककोड़ा: गंगा मइया में स्नान कर मानी मनौतियां
बच्चों ने उठाया झूलों का लुत्फ, मौत का कुंआ, काला जादू और सर्कस रहे आकर्षण का केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
मेला ककोड़ा (बदायूं)। रुहेलखंड के सुप्रसिद्ध मेला ककोड़ा में बसे तंबुओं के शहर में प्रदेश भर के श्रद्धालुओं और साधू संतों के पहुंचने का सिलसिला गुरुवार को जारी रहा। मेला ककोड़ा में पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद दान पुण्य किया। मौत का कुंआ, कालाजादू और सर्कस आकर्षण का केंद्र रहे।
मेला ककोड़ा में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति का दीप जलाकर गंगा की निर्मलधार में प्रवाहित किया और पतित पावनी मां गंगे से लोक कल्याण की कामना की। मां गंगा को वस्त्र पहनाए। मेले में महिला-पुरुषों ने बच्चों के साथ नौकायन किया। बच्चों ने रेत पर विभिन्न आकृतियां बनाकर जमकर मौज मस्ती की। इसके बाद महिलाओं, युवतियों ने मीना बाजार में जमकर खरीदारी की। वहीं बच्चों ने बड़े झूलों, नाव, ब्रेकडांस, कार आदि झूलों का जमकर लुत्फ उठाया।
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गायत्री परिवार ने चलाया सफाई अभियान: मेला ककोड़ा में गायत्री परिवार की ओर से गंगा किनारे सफाई अभियान चलाया गया। सुबह कैंप कार्यालय पर गायत्री महायज्ञ हुआ।
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श्रद्धालुओं को नहीं देना पड़ा टोल टैक्स: हर साल मेला ककोड़ा जाने वाले लोगों को सुतिया पुलिया के नाम से जिला पंचायत को आने-जाने पर टैक्स देना पड़ता था। इस बार सुतिया पुलिया को लेकर टैंडर निकाला गया, लेकिन कोई लेने नहीं पहुंचा। ऐसे में जिला पंचायत की ओर से टोल टैक्स की वसूली नहीं की गई। इस संबंध में विभागीय अधिकारी कुछ भी बताने से बचते रहे।
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आज होगी पुलिस की कड़ी परीक्षा: कार्तिक पूर्णिमा के दिन शुक्रवार को मेला ककोड़ा में लाखों श्रद्धालु जुटेंगे। पिछले साल मेला ककोड़ा में ट्रैफिक की सही व्यवस्था नहीं थी। इसकी वजह से सात-आठ घंटे तक लगातार जाम रहा था। शुक्रवार को पुलिस की कड़ी परीक्षा होगी।
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मूंछ प्रतियोगिता रही आकर्षण का केंद्र: मेला ककोड़ा में पहली बार जिला स्तरीय मूंछ प्रतियोगिता हुई। इसमें 21 प्रतिभागियों ने भाग लिया। पहला पुरस्कार वीरेंद्र यादव, नौली हरनाथपुर, दूसरा पुरस्कार भूदे सैनी मोहम्मदी बिनावर और तीसरा स्थान दरियाव सिंह दरियामई उघैती को मिला। प्रथम को पांच, दूसरे को तीन, तीसरे को दो और बाकी लोगों को एक-एक हजार रुपये ओर प्रमाण पत्र दिया गया। वहीं गैर बरेली के मटकापुर से आए ठाकुर राम सिंह की इक्कीस फुट की मूंछ को विशेष पुरस्कार दिया गया।
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प्रतियोगिता में अधिकारी और नेता सब दौड़े
मेला ककोडा। मिनी कुंभ मेला ककोड़ा में डीएम ने इस बार खेलों को बढ़ावा देने लिए मिनी स्टेडियम बनाया। इसका डीएम ने शुभारंभ किया। इस प्रतियोगिता में शहर विधायक महेश चंद्र सक्सेना, शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य, एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य समेत अन्य अधिकारियों ने भी प्रतिभाग किया। इसके अलावा महिला, पुरुषों की कुश्ती, कबड्डी, बॉडी बिल्डिंग आदि प्रतियोगिता हुई। -----------
ऐसा हैं संगम..जहां आते हैं मुस्लिम परिवार भी मेला ककोड़ा। प्राचीन मेला ककोड़ा में हर जाति-धर्म के लोग आते हैं। इस बार भी कई मुस्लिम परिवार मेले में आए हैं। इन लोगों का कहना है कि मेला ककोड़ा हमारे जिले की शान और पहचान हैं। फिर क्यों इस मौके को जाने दें। मुस्लिम परिवारों का कहना था कि मेले से प्रेम और भाईचारा बढ़ता है। यहां पर सब मिलजुलकर मेले का आनंद लेते हैं। अन्य धर्मों के लोग भी मेले में काफी संख्या में आए हैं। ----------
गंगा महाआरती से जगमग हुआ घाट
गंगा महासभा की ओर से हर साल गंगा आरती से कराई जाती है। इस बार गंगा तट पर बनारस के पंडितों की ओर से गंगा की आरती की गई। गंगा महासभा अध्यक्ष प्रेमस्वरूप पाठक, धीरज सक्सेना, मयूर वैश्य आदि मौजूद रहे।
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बच्चों ने उठाया झूलों का लुत्फ, मौत का कुंआ, काला जादू और सर्कस रहे आकर्षण का केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
मेला ककोड़ा (बदायूं)। रुहेलखंड के सुप्रसिद्ध मेला ककोड़ा में बसे तंबुओं के शहर में प्रदेश भर के श्रद्धालुओं और साधू संतों के पहुंचने का सिलसिला गुरुवार को जारी रहा। मेला ककोड़ा में पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद दान पुण्य किया। मौत का कुंआ, कालाजादू और सर्कस आकर्षण का केंद्र रहे।
मेला ककोड़ा में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति का दीप जलाकर गंगा की निर्मलधार में प्रवाहित किया और पतित पावनी मां गंगे से लोक कल्याण की कामना की। मां गंगा को वस्त्र पहनाए। मेले में महिला-पुरुषों ने बच्चों के साथ नौकायन किया। बच्चों ने रेत पर विभिन्न आकृतियां बनाकर जमकर मौज मस्ती की। इसके बाद महिलाओं, युवतियों ने मीना बाजार में जमकर खरीदारी की। वहीं बच्चों ने बड़े झूलों, नाव, ब्रेकडांस, कार आदि झूलों का जमकर लुत्फ उठाया।
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गायत्री परिवार ने चलाया सफाई अभियान: मेला ककोड़ा में गायत्री परिवार की ओर से गंगा किनारे सफाई अभियान चलाया गया। सुबह कैंप कार्यालय पर गायत्री महायज्ञ हुआ।
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श्रद्धालुओं को नहीं देना पड़ा टोल टैक्स: हर साल मेला ककोड़ा जाने वाले लोगों को सुतिया पुलिया के नाम से जिला पंचायत को आने-जाने पर टैक्स देना पड़ता था। इस बार सुतिया पुलिया को लेकर टैंडर निकाला गया, लेकिन कोई लेने नहीं पहुंचा। ऐसे में जिला पंचायत की ओर से टोल टैक्स की वसूली नहीं की गई। इस संबंध में विभागीय अधिकारी कुछ भी बताने से बचते रहे।
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आज होगी पुलिस की कड़ी परीक्षा: कार्तिक पूर्णिमा के दिन शुक्रवार को मेला ककोड़ा में लाखों श्रद्धालु जुटेंगे। पिछले साल मेला ककोड़ा में ट्रैफिक की सही व्यवस्था नहीं थी। इसकी वजह से सात-आठ घंटे तक लगातार जाम रहा था। शुक्रवार को पुलिस की कड़ी परीक्षा होगी।
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मूंछ प्रतियोगिता रही आकर्षण का केंद्र: मेला ककोड़ा में पहली बार जिला स्तरीय मूंछ प्रतियोगिता हुई। इसमें 21 प्रतिभागियों ने भाग लिया। पहला पुरस्कार वीरेंद्र यादव, नौली हरनाथपुर, दूसरा पुरस्कार भूदे सैनी मोहम्मदी बिनावर और तीसरा स्थान दरियाव सिंह दरियामई उघैती को मिला। प्रथम को पांच, दूसरे को तीन, तीसरे को दो और बाकी लोगों को एक-एक हजार रुपये ओर प्रमाण पत्र दिया गया। वहीं गैर बरेली के मटकापुर से आए ठाकुर राम सिंह की इक्कीस फुट की मूंछ को विशेष पुरस्कार दिया गया।
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प्रतियोगिता में अधिकारी और नेता सब दौड़े
मेला ककोडा। मिनी कुंभ मेला ककोड़ा में डीएम ने इस बार खेलों को बढ़ावा देने लिए मिनी स्टेडियम बनाया। इसका डीएम ने शुभारंभ किया। इस प्रतियोगिता में शहर विधायक महेश चंद्र सक्सेना, शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य, एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य समेत अन्य अधिकारियों ने भी प्रतिभाग किया। इसके अलावा महिला, पुरुषों की कुश्ती, कबड्डी, बॉडी बिल्डिंग आदि प्रतियोगिता हुई। -----------
ऐसा हैं संगम..जहां आते हैं मुस्लिम परिवार भी मेला ककोड़ा। प्राचीन मेला ककोड़ा में हर जाति-धर्म के लोग आते हैं। इस बार भी कई मुस्लिम परिवार मेले में आए हैं। इन लोगों का कहना है कि मेला ककोड़ा हमारे जिले की शान और पहचान हैं। फिर क्यों इस मौके को जाने दें। मुस्लिम परिवारों का कहना था कि मेले से प्रेम और भाईचारा बढ़ता है। यहां पर सब मिलजुलकर मेले का आनंद लेते हैं। अन्य धर्मों के लोग भी मेले में काफी संख्या में आए हैं। ----------
गंगा महाआरती से जगमग हुआ घाट
गंगा महासभा की ओर से हर साल गंगा आरती से कराई जाती है। इस बार गंगा तट पर बनारस के पंडितों की ओर से गंगा की आरती की गई। गंगा महासभा अध्यक्ष प्रेमस्वरूप पाठक, धीरज सक्सेना, मयूर वैश्य आदि मौजूद रहे।