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राजकीय मेडिकल कॉलेज को ग्रांट जारी, शुरू होगा काम
Updated Mon, 08 Jan 2018 10:01 AM IST
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राजकीय मेडिकल कॉलेज को ग्रांट जारी, शुरू होगा काम
प्रमुख सचिव ने एमडी को दी एक अरब 43 करोड़ के बजट की संस्तुति
एक साल से रुका पड़ा है निर्माण, मान्यता मिलने का दावा होगा मजबूत
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। एक साल से लटके राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण अब शुरू हो सकेगा। बजट नहीं मिलने की वजह से काफी समय से काम रुका पड़ा था। अब नए साल में इसके निर्माण का रास्ता खुला है। शासन के प्रमुख सचिव ने महानिदेशक चिकित्सा, शिक्षा एवं प्रशिक्षण को एक अरब 43 करोड़ 94 लाख 60 हजार की ग्रांट जारी की है। इसमें से कुछ धन मेडिकल कॉलेज के लिए दिया जाएगा।
सपा सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट राजकीय मेडिकल कॉलेज की आधारशिला जनवरी 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रखी थी। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव भी कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपेक्षा की थी कि दो साल में अस्पताल और कॉलेज का निर्माण करा दिया जाए। उप्र राजकीय निर्माण निगम को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। सीएम के छोटे भाई स्थानीय सांसद धर्मेंद्र यादव की पहल पर निर्माण निगम को लगातार धन मिलता रहा। कुल बजट 545 करोड़ के करीब था। करीब 350 करोड़ रुपया अलग-अलग किश्त में कॉलेज को मिला। प्रथम चरण में ओपीडी बनाकर चालू कर दी गई। करीब साल भर पहले आचार संहिता लगने की वजह से धन का आवंटन नहीं हुआ और तभी से काम रुका पड़ा था। अब उप्र शासन के प्रमुख सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण को पत्र भेजकर एक अरब 43 करोड़ 94 लाख 60 हजार की ग्रांट जारी करने की संस्तुति की है। यह रकम बदायूं मेडिकल कॉलेज के अलावा कुछ और मेडिकल कॉलेज में निर्माण आदि कार्यों के लिए जारी की गई है, यह भी स्पष्ट किया गया है कि इसे किसी और कार्य में इस्तेमाल न किया जाए।
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पचपन करोड़ से ज्यादा बढ़ाया एस्टीमेट
बदायूं। योजना की कुल लागत 545 करोड़ थी। इसे अधिकतम दो साल में बना दिया जाना था। इस बीच धन न मिलने की वजह से काम अटक गया। अब निर्माण संबंधी चीजों पर जीएसटी अलग से लग रहा है। ऐसे में निर्माण लागत बढ़ना स्वाभाविक है। हाल ही में शासन ने इस बारे में जानकारी तलब की थी। तब मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर वीएन सिंह आदि अधिकारियों ने कुल लागत छह सौ करोड़ से ज्यादा आने का आंकलन किया। इसका प्रस्ताव तीन जनवरी को भेज दिया गया। इसके बाद धन आवंटन का आदेश जारी हो गया।
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एमसीआई ने जताई थी नाराजगी
सप्ताह भर पहले ही एमसीआई की टीम ने कॉलेज का निरीक्षण किया था। तब टीम ने इस बात पर नाराजगी जताई थी कि शैक्षणिक भवन का निर्माण और सहूलियतों पर ध्यान नहीं दिया गया है जो यहां एमबीबीएस की सीटों के आवंटन के लिए जरूरी है। इस पर हाल ही में आए प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह ने बात संभालने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा था कि सीट आवंटन में अभी सात महीने का वक्त है। हमें ग्रांट मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। अब ग्रांट मिलने से निर्माण शुरू होने और मान्यता होने की उम्मीद बढ़ गई है।
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बिजली भी गुल है कॉलेज की
बिजली विभाग ने पिछले दिनों कॉलेज का कनेक्शन काट दिया था। करीब 59 लाख रुपये के बकाये पर अधीक्षण अभियंता विजेंद्र सिंह ने यह कार्रवाई की थी। तब से ओपीडी और प्राचार्य समेत स्टाफ के आवासों में रोशनी व अन्य कार्य के लिए जेनरेटर का सहारा लिया जा रहा है।
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वर्जन
ग्रांट जारी होने की सूचना मिली है। बदायूं मेडिकल कॉलेज को इसमें से कितनी रकम मिलेगी, अभी इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। कॉलेज के कटे हुए बिजली कनेक्शन को जुड़वाना भी प्राथमिकता है। - डॉ. आरपी सिंह, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
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राजकीय मेडिकल कॉलेज को ग्रांट जारी, शुरू होगा काम
प्रमुख सचिव ने एमडी को दी एक अरब 43 करोड़ के बजट की संस्तुति
एक साल से रुका पड़ा है निर्माण, मान्यता मिलने का दावा होगा मजबूत
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। एक साल से लटके राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण अब शुरू हो सकेगा। बजट नहीं मिलने की वजह से काफी समय से काम रुका पड़ा था। अब नए साल में इसके निर्माण का रास्ता खुला है। शासन के प्रमुख सचिव ने महानिदेशक चिकित्सा, शिक्षा एवं प्रशिक्षण को एक अरब 43 करोड़ 94 लाख 60 हजार की ग्रांट जारी की है। इसमें से कुछ धन मेडिकल कॉलेज के लिए दिया जाएगा।
सपा सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट राजकीय मेडिकल कॉलेज की आधारशिला जनवरी 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रखी थी। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव भी कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपेक्षा की थी कि दो साल में अस्पताल और कॉलेज का निर्माण करा दिया जाए। उप्र राजकीय निर्माण निगम को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। सीएम के छोटे भाई स्थानीय सांसद धर्मेंद्र यादव की पहल पर निर्माण निगम को लगातार धन मिलता रहा। कुल बजट 545 करोड़ के करीब था। करीब 350 करोड़ रुपया अलग-अलग किश्त में कॉलेज को मिला। प्रथम चरण में ओपीडी बनाकर चालू कर दी गई। करीब साल भर पहले आचार संहिता लगने की वजह से धन का आवंटन नहीं हुआ और तभी से काम रुका पड़ा था। अब उप्र शासन के प्रमुख सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं प्रशिक्षण को पत्र भेजकर एक अरब 43 करोड़ 94 लाख 60 हजार की ग्रांट जारी करने की संस्तुति की है। यह रकम बदायूं मेडिकल कॉलेज के अलावा कुछ और मेडिकल कॉलेज में निर्माण आदि कार्यों के लिए जारी की गई है, यह भी स्पष्ट किया गया है कि इसे किसी और कार्य में इस्तेमाल न किया जाए।
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पचपन करोड़ से ज्यादा बढ़ाया एस्टीमेट
बदायूं। योजना की कुल लागत 545 करोड़ थी। इसे अधिकतम दो साल में बना दिया जाना था। इस बीच धन न मिलने की वजह से काम अटक गया। अब निर्माण संबंधी चीजों पर जीएसटी अलग से लग रहा है। ऐसे में निर्माण लागत बढ़ना स्वाभाविक है। हाल ही में शासन ने इस बारे में जानकारी तलब की थी। तब मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर वीएन सिंह आदि अधिकारियों ने कुल लागत छह सौ करोड़ से ज्यादा आने का आंकलन किया। इसका प्रस्ताव तीन जनवरी को भेज दिया गया। इसके बाद धन आवंटन का आदेश जारी हो गया।
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एमसीआई ने जताई थी नाराजगी
सप्ताह भर पहले ही एमसीआई की टीम ने कॉलेज का निरीक्षण किया था। तब टीम ने इस बात पर नाराजगी जताई थी कि शैक्षणिक भवन का निर्माण और सहूलियतों पर ध्यान नहीं दिया गया है जो यहां एमबीबीएस की सीटों के आवंटन के लिए जरूरी है। इस पर हाल ही में आए प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह ने बात संभालने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा था कि सीट आवंटन में अभी सात महीने का वक्त है। हमें ग्रांट मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। अब ग्रांट मिलने से निर्माण शुरू होने और मान्यता होने की उम्मीद बढ़ गई है।
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बिजली भी गुल है कॉलेज की
बिजली विभाग ने पिछले दिनों कॉलेज का कनेक्शन काट दिया था। करीब 59 लाख रुपये के बकाये पर अधीक्षण अभियंता विजेंद्र सिंह ने यह कार्रवाई की थी। तब से ओपीडी और प्राचार्य समेत स्टाफ के आवासों में रोशनी व अन्य कार्य के लिए जेनरेटर का सहारा लिया जा रहा है।
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वर्जन
ग्रांट जारी होने की सूचना मिली है। बदायूं मेडिकल कॉलेज को इसमें से कितनी रकम मिलेगी, अभी इसकी जानकारी नहीं हो सकी है। कॉलेज के कटे हुए बिजली कनेक्शन को जुड़वाना भी प्राथमिकता है। - डॉ. आरपी सिंह, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज