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अब सदर तहसीलदार के आवास की बिजली कटी
Updated Wed, 03 Jan 2018 10:05 AM IST
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अब सदर तहसीलदार के
आवास की बिजली कटी
सीडीओ और तहसीलदार ने दफ्तर के बकाए का अंश जमा कराया
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
बकाया बिलों की वसूली के लिए बिजली विभाग की सख्ती जारी है। राजकीय मेडिकल कॉलेज की बत्ती गुल करने के बाद मंगलवार को सदर तहसीलदार और कर्मचारियों के आवासों का कनेक्शन काट दिया गया। तहसील कार्यालय की बिजली गुल होने की नौबत आई तो तहसीलदार ने आननफानन में बकाए की आधी रकम जमा कर कनेक्शन कटने से बचा लिया तो सीडीओ कार्यालय ने भी बकाया बिल की कुछ रकम को जमाकर अपना कार्यालय अंधेरे में डूबने से बचा लिया।
पांच दिन पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज पर 59 लाख का बकाया होने पर बिजली विभाग के प्रथम खंड ने उसका कनेक्शन काट दिया। तब से मेडिकल कॉलेज वाले जनरेटर में हजारों का डीजल फूंककर जैसे-तैसे ओपीडी चला रहे हैं। प्राचार्य समेत स्टाफ के आवासों का भी यही हाल है। वहीं बिजली विभाग की वसूली करने वाले तहसील कार्यालय को भी बिजली वालों ने नही छोड़ा। ऐसे में विभाग ने तहसील की बत्ती काट दी तो तहसीलदार ने अपने कार्यालय पर बिजली विभाग का तीस में से 18 लाख रुपये जमा कराकर अपने कार्यालय की बत्ती गुल होने से बचा ली। वहीं बिजली विभाग की सख्ती के बाद सीडीओ ने विकास भवन पर बिजली बकाया 22 लाख में से 17 लाख रूपये जमा करा दिए। वहीं अन्य सरकारी विभागों ने बिजली वालों को जल्द भुगतान करने का आश्वासन दिया।
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मेडिकल कॉलेज का बकाया जमा होने पर ही कनेक्शन जोड़ा जायेगा। तहसील आवास की बत्ती भी काटी गई है। अन्य विभागों ने जल्द ही बिजली के बिलों को जमा करने का आश्वासन दिया है। शहर में बिलों के वसूली के लिए अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
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- विजेंद्र सिंह, एक्सीएन प्रथम खंड
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आवास की बिजली कटी
सीडीओ और तहसीलदार ने दफ्तर के बकाए का अंश जमा कराया
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं।
बकाया बिलों की वसूली के लिए बिजली विभाग की सख्ती जारी है। राजकीय मेडिकल कॉलेज की बत्ती गुल करने के बाद मंगलवार को सदर तहसीलदार और कर्मचारियों के आवासों का कनेक्शन काट दिया गया। तहसील कार्यालय की बिजली गुल होने की नौबत आई तो तहसीलदार ने आननफानन में बकाए की आधी रकम जमा कर कनेक्शन कटने से बचा लिया तो सीडीओ कार्यालय ने भी बकाया बिल की कुछ रकम को जमाकर अपना कार्यालय अंधेरे में डूबने से बचा लिया।
पांच दिन पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज पर 59 लाख का बकाया होने पर बिजली विभाग के प्रथम खंड ने उसका कनेक्शन काट दिया। तब से मेडिकल कॉलेज वाले जनरेटर में हजारों का डीजल फूंककर जैसे-तैसे ओपीडी चला रहे हैं। प्राचार्य समेत स्टाफ के आवासों का भी यही हाल है। वहीं बिजली विभाग की वसूली करने वाले तहसील कार्यालय को भी बिजली वालों ने नही छोड़ा। ऐसे में विभाग ने तहसील की बत्ती काट दी तो तहसीलदार ने अपने कार्यालय पर बिजली विभाग का तीस में से 18 लाख रुपये जमा कराकर अपने कार्यालय की बत्ती गुल होने से बचा ली। वहीं बिजली विभाग की सख्ती के बाद सीडीओ ने विकास भवन पर बिजली बकाया 22 लाख में से 17 लाख रूपये जमा करा दिए। वहीं अन्य सरकारी विभागों ने बिजली वालों को जल्द भुगतान करने का आश्वासन दिया।
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मेडिकल कॉलेज का बकाया जमा होने पर ही कनेक्शन जोड़ा जायेगा। तहसील आवास की बत्ती भी काटी गई है। अन्य विभागों ने जल्द ही बिजली के बिलों को जमा करने का आश्वासन दिया है। शहर में बिलों के वसूली के लिए अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
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- विजेंद्र सिंह, एक्सीएन प्रथम खंड