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बरेली के युवक की हत्या की कोशिश में दो को जेल
Updated Wed, 20 Dec 2017 11:36 PM IST
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बदायूं। जिले के सीमावर्ती कटरी इलाके में जमीन और पशु चोरी के विवादों में फायरिंग की घटनाएं होती रहती हैं। बारह साल पहले भी बरेली जिले के मूल निवासी युवक की हत्या की कोशिश की गई थी। इस मामले में अब फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय की न्यायाधीश सोनिका चौधरी ने दो आरोपियों को सात साल कैद की सजा सुनाई है, तीसरे आरोपी की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।
बरेली के थाना फरीदपुर के गांव अहीर गौंटिया निवासी रामभरोसे ने 17 फरवरी 2005 को दातागंज कोतवाली में अहीर गौंटिया के ही अरविंद यादव और राजवीर तथा बदायूं जिले के दातागंज के गांव धिमरपुरा निवासी ओमप्रकाश के खिलाफ हत्या की कोशिश की रिपोर्ट कराई थी। रामभरोसे ने बताया था कि उसकी तीन भैंसों को ओमप्रकाश जबरन ले गया था। इससे उन लोगों की रंजिश चल रही थी। उसकी कुछ जमीन रामगंगा के पार दातागंज कोतवाली क्षेत्र में आती है। 17 फरवरी की शाम उसका बेटा धूमसिंह अपने खेत की रखवाली कर रहा था। तभी ओमप्रकाश, राजवीर और अरविंद तीनों नाजायज असलहे लेकर वहां आ गए। इन्होंने धूमसिंह को जान से मारने के लिए फायर किया जो उसके मुंह पर लगा और वह चिल्लाकर गिर पड़ा। तब आरोपी उसे मरा समझकर चले गए। इस मामले में दातागंज पुलिस ने जांच की और तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। पुलिस के उपलब्ध कराए साक्ष्य, बयान और एडीजीसी क्रिमनल रामेश्वरी की पैरवी के बलबूते अदालत ने आरोपों को सही माना। बुधवार को अरविंद और राजवीर को जज ने सात-सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर ही पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना डाला है। जुर्माना अदा न करने पर छह-छह महीने का अतिरिक्त कारावास भी हो सकता है। घटना के तीसरे आरोपी ओमप्रकाश की मौत हो चुकी है।
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बरेली के थाना फरीदपुर के गांव अहीर गौंटिया निवासी रामभरोसे ने 17 फरवरी 2005 को दातागंज कोतवाली में अहीर गौंटिया के ही अरविंद यादव और राजवीर तथा बदायूं जिले के दातागंज के गांव धिमरपुरा निवासी ओमप्रकाश के खिलाफ हत्या की कोशिश की रिपोर्ट कराई थी। रामभरोसे ने बताया था कि उसकी तीन भैंसों को ओमप्रकाश जबरन ले गया था। इससे उन लोगों की रंजिश चल रही थी। उसकी कुछ जमीन रामगंगा के पार दातागंज कोतवाली क्षेत्र में आती है। 17 फरवरी की शाम उसका बेटा धूमसिंह अपने खेत की रखवाली कर रहा था। तभी ओमप्रकाश, राजवीर और अरविंद तीनों नाजायज असलहे लेकर वहां आ गए। इन्होंने धूमसिंह को जान से मारने के लिए फायर किया जो उसके मुंह पर लगा और वह चिल्लाकर गिर पड़ा। तब आरोपी उसे मरा समझकर चले गए। इस मामले में दातागंज पुलिस ने जांच की और तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। पुलिस के उपलब्ध कराए साक्ष्य, बयान और एडीजीसी क्रिमनल रामेश्वरी की पैरवी के बलबूते अदालत ने आरोपों को सही माना। बुधवार को अरविंद और राजवीर को जज ने सात-सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर ही पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना डाला है। जुर्माना अदा न करने पर छह-छह महीने का अतिरिक्त कारावास भी हो सकता है। घटना के तीसरे आरोपी ओमप्रकाश की मौत हो चुकी है।
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