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जिले में फेल हो गई हॉट कुक्ड योजना

Sun, 03 Mar 2019 12:01 AM IST
geetesh jolly geetesh jolly
Updated Sun, 03 Mar 2019 12:01 AM IST
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जिले में फेल हो गई हॉट कुक्ड योजना
बदायूं। शासन की ओर से आंगनबाड़ी में पंजीकृत छोटे बच्चों को पका पकाया भोजन खिलाने के लिए हॉट कुक्ड योजना शुरू की गई, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने इस पर भी नजरें गढ़ा दीं। यही वजह रही कि दिसंबर माह में शासन की ओर से धनराशि मिलने के बाद भी आज तक बच्चों को विभाग की ओर से पका पकाया खाना नहीं मिल सका। अब विभागीय अधिकारी अपनी कमी को छिपाने के लिए बैंकों पर इसका ठीकरा फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
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शासन की ओर से आंगनबाड़ी में पंजीकृत छोटे-छोटे बच्चों को पका पकाया भोजन देने की योजना को संचालित किया गया, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र से लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों तक ने इसमें सेंधमारी करते हुए खाने को मिलने वाले धन की बंदरबांट कर ली। शासन को जब इसकी जानकारी हुई तो उसने तत्काल इस योजना को बंद कर दिया। बाद में शासन ने इस योजना को दोबारा नए सिरे से शुरू किया, लेकिन अधिकारियों ने फिर से इसमें गोलमाल शुरू कर दिया। करीब छह माह पहले शासन ने योजना को दोबारा शुरू करते हुए दिसंबर-18 में 17 हजार बच्चों के खाने के लिए 1.89 लाख की धनराशि भी उपलब्ध करा दी, लेकिन जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय से इस धनराशि को आंगनबाड़ी वर्कर के खाते में नहीं भेजा गया, जिससे छोटे बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिल सका।
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इधर विभागीय अधिकारी खुद को सही साबित करने के लिए बैंक को दोषी बता रहे हैं। उनका कहना है कि 20-25 दिन पहले सभी के खातों में ये धनराशि भेज दी, लेकिन बैंक ने यूजर चार्ज के रूप में ये धनराशि खातों से काट ली। इसको लेकर एलडीएम से बात की गई है, जिसके बाद में ये धनराशि दोबारा खातों में पहुंचेगी, उसके बाद में इस योजना का संचालन किया जा सकेगा।
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ऐसे होता है खाते का संचालन
शासन ने आईसीडीएस केंद्र-हॉट कुक्ड फूड निधि नाम से ग्राम पंचायत स्तर पर अलग बैंक खाता खोलने के निर्देश दिए थे। इस योजना में बैंक खाते का संचालन गांव के प्रधान, सदस्य और आंगनबाड़ी वर्कर को संयुक्त रूप से करना है।

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दिसंबर में 17 हजार बच्चों के खाने के लिए धनराशि शासन से मिल गई थी। 20-25 दिन पहले सभी आंगनबाड़ी के खाते में धनराशि भेज दी, लेकिन बैंक वालों ने ये धनराशि यूजर चार्ज के रूप में काट ली। इस सबंध में एलडीएम से वार्ता हुई है। सरकारी धनराशि है, इसलिए इसमें कोई कटौती नहीं होगी। उन्होंने वापस करने की बात कही है। उसके बाद में योजना शुरू होगी।
- प्रभात कुमार दास, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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