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डाकिया का इंतजार खत्म, घर बैठे लीजिए ड्राइविंग लाइसेंस
Updated Fri, 22 Sep 2017 11:43 PM IST
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बदायूं।
दिल्ली और कर्नाटक की तर्ज पर अब यूपी में परिवहन विभाग ऑप्टिकल फाइबर रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम लागू होगा। अक्तूबर से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले उपभोक्ताओं को लाइसेंस के लिए डाकिए का इंतजार करना नहीं पड़ेगा। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस घर बैठे डॉउन लोड किया जा सकेगा।
एआरटीओ प्रशासन नानक चंद्र शर्मा ने बताया कि परिवहन मुख्यालय ने इंट्रीगेटेड ट्रांसपोर्ट ऑप्टिकेशन साफ्टवेयर लगाने का निर्देश यूपी के सभी कार्यालयों में जारी किया है। इस साफ्टवेयर को अपडेट करने का काम लगभग पूरा हो चुका है। अक्तूबर माह से यह साफ्टवेयर काम करना शुरू कर देगा। नए सिस्टम के तहत वाहन-4 और सारथी- 4 नामक सुविधा इस साफ्टवेयर के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। जिसमें ऑटोमैटिक एसएमएस जारी होने के बाद उपभोक्ताओं को सभी जानकारी उपलब्ध होंगी।
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यह है वाहन-4 की व्यवस्था
अब तक किसी भी वाहन को खरीदते समय फाइनेंस, रजिस्ट्रेशन, टैक्स जमा, नंबर उपलब्ध कराने का काम डीलर करता है। उपभोक्ता को एक महीने के अंदर वाहन का नंबर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन वाहन-4 में ऐसा नहीं है। डीलर आपके दस्तावेज जिस दिन परिवहन विभाग के कार्यालय में जमा करेगा उसी समय आवेदक के मोबाइल पर वाहन का पंजीकरण नंबर एसएमएस के जरिए पहुंच जाएगा। उपभोक्ता को पता चल जाएगा की उसके वाहन को क्या नंबर मिला है। इसी तरह कामर्शियल वाहनों का परमिट टैक्स, फिटनेस किस दिन खत्म हो रहा है। एआरटीओ प्रशासन बताते हैं कि नए सिस्टम के तहत फर्जीवाड़ा खत्म हो जाएगा घर बैठे उपभोक्ता को पूरी जानकारी मिल सकेगी।
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यह है सारथी-4 की व्यवस्था
लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदक को कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उसेे कार्यालय में आकर टेस्ट देना होता है। यह प्रक्रिया पूरी करने के बाद विभाग डाक के जरिए लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस उपभोक्ता के घर पर भेजता है लेकिन सारथी-4 मेें आवेदक ऑनलाइन लाइसेंस फीस जमा करेगा। जिस दिन वह बायोमैट्रिक करने और टेस्ट के लिए परिवहन कार्यालय जाएगा। उसी दिन शाम को विभाग की ओर से आवेदक को एसएमएस के जरिए यूजर आईडी और पासवर्ड भेज दिया जाएगा। जिससे आवेदनकर्ता अपना लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस आसानी से घर बैठे डॉउनलोड कर निकाल सकेगा।
दिल्ली और कर्नाटक की तर्ज पर अब यूपी में परिवहन विभाग ऑप्टिकल फाइबर रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम लागू होगा। अक्तूबर से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले उपभोक्ताओं को लाइसेंस के लिए डाकिए का इंतजार करना नहीं पड़ेगा। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस घर बैठे डॉउन लोड किया जा सकेगा।
एआरटीओ प्रशासन नानक चंद्र शर्मा ने बताया कि परिवहन मुख्यालय ने इंट्रीगेटेड ट्रांसपोर्ट ऑप्टिकेशन साफ्टवेयर लगाने का निर्देश यूपी के सभी कार्यालयों में जारी किया है। इस साफ्टवेयर को अपडेट करने का काम लगभग पूरा हो चुका है। अक्तूबर माह से यह साफ्टवेयर काम करना शुरू कर देगा। नए सिस्टम के तहत वाहन-4 और सारथी- 4 नामक सुविधा इस साफ्टवेयर के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। जिसमें ऑटोमैटिक एसएमएस जारी होने के बाद उपभोक्ताओं को सभी जानकारी उपलब्ध होंगी।
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यह है वाहन-4 की व्यवस्था
अब तक किसी भी वाहन को खरीदते समय फाइनेंस, रजिस्ट्रेशन, टैक्स जमा, नंबर उपलब्ध कराने का काम डीलर करता है। उपभोक्ता को एक महीने के अंदर वाहन का नंबर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन वाहन-4 में ऐसा नहीं है। डीलर आपके दस्तावेज जिस दिन परिवहन विभाग के कार्यालय में जमा करेगा उसी समय आवेदक के मोबाइल पर वाहन का पंजीकरण नंबर एसएमएस के जरिए पहुंच जाएगा। उपभोक्ता को पता चल जाएगा की उसके वाहन को क्या नंबर मिला है। इसी तरह कामर्शियल वाहनों का परमिट टैक्स, फिटनेस किस दिन खत्म हो रहा है। एआरटीओ प्रशासन बताते हैं कि नए सिस्टम के तहत फर्जीवाड़ा खत्म हो जाएगा घर बैठे उपभोक्ता को पूरी जानकारी मिल सकेगी।
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यह है सारथी-4 की व्यवस्था
लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदक को कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उसेे कार्यालय में आकर टेस्ट देना होता है। यह प्रक्रिया पूरी करने के बाद विभाग डाक के जरिए लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस उपभोक्ता के घर पर भेजता है लेकिन सारथी-4 मेें आवेदक ऑनलाइन लाइसेंस फीस जमा करेगा। जिस दिन वह बायोमैट्रिक करने और टेस्ट के लिए परिवहन कार्यालय जाएगा। उसी दिन शाम को विभाग की ओर से आवेदक को एसएमएस के जरिए यूजर आईडी और पासवर्ड भेज दिया जाएगा। जिससे आवेदनकर्ता अपना लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस आसानी से घर बैठे डॉउनलोड कर निकाल सकेगा।