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शासन की कार्रवाई का नहीं पड़ा असर, लेखपालों का धरना जारी
Updated Fri, 13 Jul 2018 11:08 PM IST
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शासन की कार्रवाई का नहीं पड़ा असर, लेखपालों का धरना जारी
एडीएम ने बातचीत कर मामला सुलझाने की कोशिश की
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। शासन की कार्रवाई का लेखपालों के आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ा और शुक्रवार को भी उनका धरना जारी रहा। हालांकि शासन के इशारे पर एडीएम प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव ने लेखपालों के साथ बैठकर मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।
शासन के निर्देश पर गुरुवार को जिला प्रशासन ने जिले के 25 लेखपालों को निलंबित कर दिया। इसके बावजूद लेखपालों का जोश ठंडा नहीं पड़ा। शुक्रवार सुबह से ही लेखपाल दोगुने जोश के साथ मालवीय आवास पर एकत्र हुए और जमकर प्रदेेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि लेखपाल अब पीछे नहीं हटने वाले हैं। जिलाध्यक्ष भोजराज सिंह ने कहा कि हमारी कलम बंद हड़ताल का जिला मुख्यालय पर पांचवां दिन है। सरकार हमारी मांगों की अनदेखी कर रही है। हम भी पीछे हटने वाले नहीं हैं। जिलामंत्री कमल कुमार सिंह ने कहा कि हमारी मांग जायज है। यह सभी लेखपालों का अधिकार है। इसे लेकर रहेंगे। सदर तहसील अध्यक्ष विवेक सक्सेना, रिजवान अली ने कहा कि लेखपालों को जो पूरे महीने के लिए भत्ता दिया जा रहा है वह नाकाफी है। कोई भी व्यक्ति सौ रुपये महीने में कैसे कहीं आ जा सकता है। दातागंज तहसील अध्यक्ष श्याम कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार कुछ भी कर ले लेखपाल झुकने वाले नहीं हैं। सहसवान तहसील अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने कहा कि हमारी आठ सूत्री मांग हैं। जो प्रदेश सरकार के पास काफी समय से पेंडिंग थी। उन मांगों को हमें अब पूरा कराना है। बिसौली तहसील अध्यक्ष तेजपाल सिंह ने कहा कि वेतन में इतनी विसंगति है जो अब बर्दाश्त नहीं होती है। तहसील बिल्सी के मंत्री छत्रपाल यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार को हमारे आगे झुकना ही पड़ेगा।
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बेनतीजा रही प्रशासन के साथ वार्ता
शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में एडीएम प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में लेखपाल संघ के पदाधिकारियों के साथ में वार्ता हुई। जो बेनतीजा रही। जिलामंत्री कमल कुमार सिंह ने बताया कि हम अपनी मांग पर अड़े हैं। प्रशासन कुछ मांगों पर विचार करने की बात कह रहा है लेकिन हमें अपनी आठ मांगों को पूरी कराना है।
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एडीएम ने बातचीत कर मामला सुलझाने की कोशिश की
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। शासन की कार्रवाई का लेखपालों के आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ा और शुक्रवार को भी उनका धरना जारी रहा। हालांकि शासन के इशारे पर एडीएम प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव ने लेखपालों के साथ बैठकर मामला सुलझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।
शासन के निर्देश पर गुरुवार को जिला प्रशासन ने जिले के 25 लेखपालों को निलंबित कर दिया। इसके बावजूद लेखपालों का जोश ठंडा नहीं पड़ा। शुक्रवार सुबह से ही लेखपाल दोगुने जोश के साथ मालवीय आवास पर एकत्र हुए और जमकर प्रदेेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि लेखपाल अब पीछे नहीं हटने वाले हैं। जिलाध्यक्ष भोजराज सिंह ने कहा कि हमारी कलम बंद हड़ताल का जिला मुख्यालय पर पांचवां दिन है। सरकार हमारी मांगों की अनदेखी कर रही है। हम भी पीछे हटने वाले नहीं हैं। जिलामंत्री कमल कुमार सिंह ने कहा कि हमारी मांग जायज है। यह सभी लेखपालों का अधिकार है। इसे लेकर रहेंगे। सदर तहसील अध्यक्ष विवेक सक्सेना, रिजवान अली ने कहा कि लेखपालों को जो पूरे महीने के लिए भत्ता दिया जा रहा है वह नाकाफी है। कोई भी व्यक्ति सौ रुपये महीने में कैसे कहीं आ जा सकता है। दातागंज तहसील अध्यक्ष श्याम कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार कुछ भी कर ले लेखपाल झुकने वाले नहीं हैं। सहसवान तहसील अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने कहा कि हमारी आठ सूत्री मांग हैं। जो प्रदेश सरकार के पास काफी समय से पेंडिंग थी। उन मांगों को हमें अब पूरा कराना है। बिसौली तहसील अध्यक्ष तेजपाल सिंह ने कहा कि वेतन में इतनी विसंगति है जो अब बर्दाश्त नहीं होती है। तहसील बिल्सी के मंत्री छत्रपाल यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार को हमारे आगे झुकना ही पड़ेगा।
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बेनतीजा रही प्रशासन के साथ वार्ता
शुक्रवार को कलक्ट्रेट परिसर में एडीएम प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में लेखपाल संघ के पदाधिकारियों के साथ में वार्ता हुई। जो बेनतीजा रही। जिलामंत्री कमल कुमार सिंह ने बताया कि हम अपनी मांग पर अड़े हैं। प्रशासन कुछ मांगों पर विचार करने की बात कह रहा है लेकिन हमें अपनी आठ मांगों को पूरी कराना है।
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