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बिजली-पानी कनेक्शन काटे जाने की नौबत आई तो लगवाए टीके
Updated Wed, 08 Nov 2017 12:23 AM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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बदायूं। प्रदेश के 52 जिलों के साथ बदायूं में भी मंगलवार को सघन मिशन इंद्रधनुष योजना का शुभारंभ हो गया। डीएम ने इसकी औपचारिकता पूरी की। उनके सामने दो ऐसे मामले आए जिनमें परिवारवालों ने बच्चों का टीकाकरण कराने से इंकार कर दिया। डीएम ने सख्ती दिखाई तो टीकाकरण कराया गया।
डीएम दिनेश कुमार सिंह ने शहर के हाईरिस्क एरिया मोहल्ला चौधरी सराय में टीकाकरण सत्र का शुभारंभ किया। यहां कुछ कर्मचारियों ने डीएम को बताया कि स्थानीय लोगों में टीकाकरण को लेकर भ्रांतियां फैली हैं। ऐसे ही दो अभिभावक अपने मासूम बच्चों का टीकाकरण नहीं करा रहे। तब डीएम इन बच्चों के घर पहुंचे। डेढ़ साल के रोहन के माता पिता अमित और सुनीता और छह महीने की बच्ची रानी के माता-पिता राजू और सुमन से बात की तो उन्होंने टीकाकरण कराने से मना कर दिया। डीएम ने उन्हें बताया कि अगर आप बच्चों को टीके नहीं लगवाएंगे तो उन्हें भविष्य में कई बीमारियां हो सकती हैं। इस पर भी अभिभावक तैयार न हुए तो डीएम ने मोहल्ले वालों की मौजूदगी में कर्मचारियों से कहा कि इनका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाए। इनके बिजली और पानी के कनेक्शन भी काट दिए जाएं। इसके बाद डीएम चले गए। बाद में अभिभावकों ने कर्मचारियों से बच्चों का टीकाकरण करा लिया। इस मौके पर सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा, डीटीओ डॉ. जेपी श्रीवास्तव, डॉ. कुमार गुंजन और सुभाष सिंह आदि मौजूद रहे।
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हर बच्चे और गर्भवती का टीकाकरण होगा : नेमी चंद्रा
बदायूं। सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने सघन मिशन इंद्रधनुष के शुभारंभ के बाद विभागीय तैयारियों को लेकर अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि अब तक मिशन इंद्रधनुष के तहत काम हो रहा था। अक्तूबर माह में ही जिले ने टीकाकरण को लेकर दिया गया लक्ष्य काफी हद तक पूरा कर लिया था। डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने भी निरीक्षण के दौरान इसकी सराहना की थी। अब नए अभियान में दिसंबर 2018 तक दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण का लक्ष्य 90 फीसदी पूरा करना है। बताया कि ट्रिपल ए यानि आंगनबाड़ी, आशा और एएनएम के सहारे विभाग लक्ष्य पूरा करने में जुटा है। पीएम मोदी के इस अभियान का मकसद घुमंतु परिवारों, ईट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूर परिवारों के बच्चों और महिलाओं का टीकाकरण करना भी है जो आमतौर पर नहीं हो पाता। इसे शत प्रतिशत पूरा करके ही मातृ और बाल शिशु दर पर नियंत्रण किया जा सकता है।
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डीएम दिनेश कुमार सिंह ने शहर के हाईरिस्क एरिया मोहल्ला चौधरी सराय में टीकाकरण सत्र का शुभारंभ किया। यहां कुछ कर्मचारियों ने डीएम को बताया कि स्थानीय लोगों में टीकाकरण को लेकर भ्रांतियां फैली हैं। ऐसे ही दो अभिभावक अपने मासूम बच्चों का टीकाकरण नहीं करा रहे। तब डीएम इन बच्चों के घर पहुंचे। डेढ़ साल के रोहन के माता पिता अमित और सुनीता और छह महीने की बच्ची रानी के माता-पिता राजू और सुमन से बात की तो उन्होंने टीकाकरण कराने से मना कर दिया। डीएम ने उन्हें बताया कि अगर आप बच्चों को टीके नहीं लगवाएंगे तो उन्हें भविष्य में कई बीमारियां हो सकती हैं। इस पर भी अभिभावक तैयार न हुए तो डीएम ने मोहल्ले वालों की मौजूदगी में कर्मचारियों से कहा कि इनका राशन कार्ड निरस्त कर दिया जाए। इनके बिजली और पानी के कनेक्शन भी काट दिए जाएं। इसके बाद डीएम चले गए। बाद में अभिभावकों ने कर्मचारियों से बच्चों का टीकाकरण करा लिया। इस मौके पर सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा, डीटीओ डॉ. जेपी श्रीवास्तव, डॉ. कुमार गुंजन और सुभाष सिंह आदि मौजूद रहे।
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हर बच्चे और गर्भवती का टीकाकरण होगा : नेमी चंद्रा
बदायूं। सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने सघन मिशन इंद्रधनुष के शुभारंभ के बाद विभागीय तैयारियों को लेकर अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि अब तक मिशन इंद्रधनुष के तहत काम हो रहा था। अक्तूबर माह में ही जिले ने टीकाकरण को लेकर दिया गया लक्ष्य काफी हद तक पूरा कर लिया था। डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने भी निरीक्षण के दौरान इसकी सराहना की थी। अब नए अभियान में दिसंबर 2018 तक दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण का लक्ष्य 90 फीसदी पूरा करना है। बताया कि ट्रिपल ए यानि आंगनबाड़ी, आशा और एएनएम के सहारे विभाग लक्ष्य पूरा करने में जुटा है। पीएम मोदी के इस अभियान का मकसद घुमंतु परिवारों, ईट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूर परिवारों के बच्चों और महिलाओं का टीकाकरण करना भी है जो आमतौर पर नहीं हो पाता। इसे शत प्रतिशत पूरा करके ही मातृ और बाल शिशु दर पर नियंत्रण किया जा सकता है।
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