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‘कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम है ई-नेम योजना’
Updated Fri, 15 Dec 2017 12:29 AM IST
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जागरूकता रैली।
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। ई-नेम दिवस पर गुरुवार को मंडी समिति परिसर में रैली और कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें दो व्यापारियों अकरम हुसैन और चमन प्रकाश मौर्य के साथ दो किसानों राजू और रामकुमार को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना के तहत गुरुवार सुबह 10 बजे मंडी परिसर में किसानों और व्यापारियों को जोड़ने के लिए जागरूकता रैैैली निकाली गई। इसमें मंडी परिसर के कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ किसान और व्यापारी शामिल रहे। इसके बाद ई-नेम कार्यशाला हुई। मंडी सचिव प्रवीण कुमार अवस्थी ने कहा कि ई-नेम योजना कृषि क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। इस योजना से किसानों को भरपूर फायदा होगा और अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी। राष्ट्रीय कृषि बाजार पोर्टल आर्थिक दृष्टि से कृषि जगत के लिए टर्निंग प्वाइंट होगा। अब किसान खुद फैसला करेंगे कि उनका माल कब और कहां बिकेगा? किसानों और व्यापारियों से कहा कि ई-नेम पोर्टल को पहली प्राथमिकता दें।
वहीं मंडी एनालिस्ट मनमोहन गंगवार ने कहा कि देश की सभी कृषि मंडी राष्ट्रीय कृषि बाजार पोर्टल से जोड़ दी गई हैं। बाजार के बढ़ने से किसानों को लाभ होगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृषि बाजार पोर्टल से किसान, बिचौलिए और उपभोक्ता तीनों को ही लाभ मिलेगा। किसानों को मंडी में अपना उत्पाद बेचने का विकल्प नहीं रहता था मगर अब किसान दूसरी मंडियों में भी अपना उत्पाद बेच सकते हैं। इस अवसर पर हरिओम सक्सेना, जितेंद्र सक्सेना, विष्णु शर्मा, संजय शर्मा, हिमांशु, सौरभ, मनमोहन, अशोक शर्मा, राम बाबू, भगवान सिंह, प्रवेंद्र, श्याम सिंह, शशि प्रभा आदि उपस्थित रहे।
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राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना के तहत गुरुवार सुबह 10 बजे मंडी परिसर में किसानों और व्यापारियों को जोड़ने के लिए जागरूकता रैैैली निकाली गई। इसमें मंडी परिसर के कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ किसान और व्यापारी शामिल रहे। इसके बाद ई-नेम कार्यशाला हुई। मंडी सचिव प्रवीण कुमार अवस्थी ने कहा कि ई-नेम योजना कृषि क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। इस योजना से किसानों को भरपूर फायदा होगा और अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी। राष्ट्रीय कृषि बाजार पोर्टल आर्थिक दृष्टि से कृषि जगत के लिए टर्निंग प्वाइंट होगा। अब किसान खुद फैसला करेंगे कि उनका माल कब और कहां बिकेगा? किसानों और व्यापारियों से कहा कि ई-नेम पोर्टल को पहली प्राथमिकता दें।
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वहीं मंडी एनालिस्ट मनमोहन गंगवार ने कहा कि देश की सभी कृषि मंडी राष्ट्रीय कृषि बाजार पोर्टल से जोड़ दी गई हैं। बाजार के बढ़ने से किसानों को लाभ होगा। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृषि बाजार पोर्टल से किसान, बिचौलिए और उपभोक्ता तीनों को ही लाभ मिलेगा। किसानों को मंडी में अपना उत्पाद बेचने का विकल्प नहीं रहता था मगर अब किसान दूसरी मंडियों में भी अपना उत्पाद बेच सकते हैं। इस अवसर पर हरिओम सक्सेना, जितेंद्र सक्सेना, विष्णु शर्मा, संजय शर्मा, हिमांशु, सौरभ, मनमोहन, अशोक शर्मा, राम बाबू, भगवान सिंह, प्रवेंद्र, श्याम सिंह, शशि प्रभा आदि उपस्थित रहे।
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