फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   ‘हर बात पर करें गौर, मुसीबतों से नहीं हारें, बने वीरांगना’

‘हर बात पर करें गौर, मुसीबतों से नहीं हारें, बने वीरांगना’

Fri, 18 Jan 2019 06:21 PM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Fri, 18 Jan 2019 06:21 PM IST
विज्ञापन
‘हर बात पर करें गौर, मुसीबतों से नहीं हारें, बने वीरांगना’
बदायूं। अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को नेहरू मेमोरियल शिव नारायन दास स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ‘कानून की पाठशाला’ आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं से कहा गया कि वे खुद को कमजोर न समझें, डर को पीछे छोड़ें और वीरांगना बनें।
विज्ञापन

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि आज शहर की छात्राएं और महिलाएं पुलिस हेल्पलाइन नंबरों को अच्छी तरह याद कर चुकीं हैं, पर ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं अभी जागरूक नहीं हैं। उनके घरों में पुरुष ही पुलिस से मदद मांगने जाते हैं। अब उनको भी जागरूक होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि छात्राएं किसी से कमजोर नहीं हैं। उन्हें अपने हक के लिए लड़ना होगा। पुलिस हर समय उनके साथ है। कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. शिवराज कुमार ने कहा कि रास्ते कभी नहीं बदलते, खुद को बदलना पड़ता है। खुद को पहचानो, दूसरों को जागरूक करो तभी अपराजिता अभियान आगे बढ़ेगा। डॉ. संतोष कुमार सिंह, डॉ. राम स्वारथ, डॉ. मोहनलाल मौर्य, डॉ. आरके शर्मा ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रश्मि सक्सेना व डॉ. प्रगति सक्सेना के निर्देशन में छात्राओं ने मां सरस्वती की वंदना व स्वागत गीत प्रस्तुत किया। एनएसएस की दीक्षा समेत कई छात्राओं ने भी अपने विचार रखे। डॉ. मनवीर सिंह, अनिल कुमार गुलाटी, विनोद कुमार मौर्य, प्रतिभा अग्निहोत्री, निशा पाठक आदि मौजूद रहे। संचालन सुमित कुमार मिश्र ने किया।
विज्ञापन


डरे नहीं, मां-बाप को बताएं समस्या
आज के दौर में छात्राएं तभी निडर बन सकती हैं। जब वह अपने परिवार वालों से कुछ भी छिपाना बंद कर देंगी। उनके साथ कोई भी हादसा या घटना हो तो तुरंत अपने माता-पिता को जरूर बताएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-गौरी रस्तोगी

हौसला अफजाई में नहीं हो कटौती
-आगे बढ़ने का मन तभी होता है, जब छात्राओं की हौसला अफजाई हो। उन्हें बेड़ियों में नहीं बांधें, अगर उनकी कुछ करने की इच्छा है तो हौसला अफजाई में कटौती नहीं करें। - राधा चौहान

बेटी को सूरज बनाओ, लोग निगाह झुकाकर देखेंगे
अधिकतर मां-बाप बेटे की चाह रखते हैं लेकिन बेटियां एक नहीं दो घर चलाती हैं। इसलिए उन्हें डराओ नहीं, उन्हें सूरज बनाओ, जिससे उन्हें देखने वाले भी अपनी निगाह झुका लें।

-दीक्षा

बेटियों को कमजोर न समझें
-आज बेटियां आसमान छू रहीं हैं। हर विभाग में जॉब कर रहीं हैं। वे घरेलू दायरे से बाहर निकल चुकीं हैं। इसलिए बेटियों को कमजोर नहीं समझें, उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास करें।
-शिवांगी द्विवेदी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed