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जिला अस्पताल में कर्मचारियों की हड़ताल, मरीज हलकान
Updated Mon, 07 May 2018 09:08 PM IST
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जिला अस्पताल में कर्मचारियों की हड़ताल, मरीज हलकान
एक बजे तक नहीं बने पर्चे और नहीं मिली दवा, भटकते रहे मरीज वर्दी की मांग को अल्टीमेटम दे चुके थे कर्मचारी, सिटी मजिस्ट्रेट ने खत्म कराया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिला अस्पताल में सोमवार को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने वर्दी की मांग को लेकर हड़ताल कर दी। उन्होंने धरना प्रदर्शन किया और वर्दी दिलाए जाने की मांग की। इस दौरान अस्पताल का कामकाज ठप पड़ा रहा। पर्चे नहीं बने और न ही मरीजों को दवा मिल सकी। दोपहर एक बजे सिटी मजिस्ट्रेट ने अस्पताल पहुंच कर पंद्रह दिन के अंदर वर्दी दिलाने का आश्वासन दिया तब कहीं कर्मचारी शांत हुए।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कई महीने से वर्दी दिलाने की मांग कर रहे थे। कई बार अस्पताल में हड़ताल भी कर चुके थे लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका। जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने तीन दिन पहले अस्पताल प्रशासन को हड़ताल की चेतावनी दी थी। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन को भी अवगत कराया था। सोमवार सुबह धरना प्रदर्शन से पहले सदर कोतवाली पुलिस बल जिला अस्पताल पहुंच गया। सुबह आठ बजे से ही सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सीएमएस कार्यालय के सामने दरी बिछा कर धरने पर बैठ गए। उन्होंने सीएमएस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कर्मचारी एकता का प्रदर्शन किया। कुछ कर्मचारियों ने कपड़े उतारकर प्रदर्शन किया। इस दौरान अस्पताल में सारा कामकाज ठप पड़ा रहा। अस्पताल में साफ-सफाई नहीं हो सकी। वार्डों में पोंछा भी नहीं लगा। मरीजों के लिए न तो पर्चे बने और न ही उन्हें दवाएं मिल सकीं। सूचना पर पहुंचे इंस्पेक्टर अशोक कुमार सोलंकी और एसआई सत्य सिंह ने सुबह करीब 11:30 बजे सीएमएस और कर्मचारियों के बीच सुलह कराने का प्रयास किया। परंतु सीएमएस द्वारा बजट नहीं होने की बात सुनकर कर्मचारी भड़क गए। उन्होंने अपना धरना प्रदर्शन जारी रखा। करीब एक बजे सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को समझाते हुए कहा कि 15 दिन में उनको वर्दी दिला दी जाएगी। इसके बाद कर्मचारी हड़ताल खत्म करते हुए काम पर लग गए। इस दौरान कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष कमल, सुलेमान अंसारी, रामचंद्र गुप्ता, करनेश कुमार, सुरेश चंद्र शाक्य, उमेश यादव, ममता देवी, रामपाल यादव आदि मौजूद रहे।
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तौलिये के बाद खुला साबुन घोटाला
जिला अस्पताल में हड़ताल के दौरान चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों ने तौलिया घोटाले के बाद साबुन घोटाले की भी पोल खोल दी। कर्मचारियों ने कहा कि अस्पताल में 14 सौ तौलियों की खरीद दिखाकर पैसा हजम कर लिया गया। उसी तरह साबुन घोटाला हुआ है। रिकार्ड में साबुन खरीद हो रही है, लेकिन किसी कर्मचारी को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।
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दलाल बना ठेकेदार
जिला अस्पताल दलाली का अड्डा बन गया है। यहां ठेकेदारी के नाम पर एक व्यक्ति दलाली कर रहा है। सीएमएस से संबंध नहीं बिगड़े इसके लिए वह कर्मचारियों के विरोध में रहा। हड़ताल के दौरान सीएमएस की हां में हां मिलाता रहा। सीएमएस के बदले कर्मचारियों को जवाब देता रहा। कर्मचारियों ने कहा यह व्यक्ति अस्पताल के प्रत्येक कार्य में दलाली कर रहा है। उसमें एक बाबू को मोटी कमीशन भी देता है।
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जिला अस्पताल में कर्मचारियों की हड़ताल, मरीज हलकान
एक बजे तक नहीं बने पर्चे और नहीं मिली दवा, भटकते रहे मरीज वर्दी की मांग को अल्टीमेटम दे चुके थे कर्मचारी, सिटी मजिस्ट्रेट ने खत्म कराया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जिला अस्पताल में सोमवार को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने वर्दी की मांग को लेकर हड़ताल कर दी। उन्होंने धरना प्रदर्शन किया और वर्दी दिलाए जाने की मांग की। इस दौरान अस्पताल का कामकाज ठप पड़ा रहा। पर्चे नहीं बने और न ही मरीजों को दवा मिल सकी। दोपहर एक बजे सिटी मजिस्ट्रेट ने अस्पताल पहुंच कर पंद्रह दिन के अंदर वर्दी दिलाने का आश्वासन दिया तब कहीं कर्मचारी शांत हुए।
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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कई महीने से वर्दी दिलाने की मांग कर रहे थे। कई बार अस्पताल में हड़ताल भी कर चुके थे लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका। जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने तीन दिन पहले अस्पताल प्रशासन को हड़ताल की चेतावनी दी थी। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन को भी अवगत कराया था। सोमवार सुबह धरना प्रदर्शन से पहले सदर कोतवाली पुलिस बल जिला अस्पताल पहुंच गया। सुबह आठ बजे से ही सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सीएमएस कार्यालय के सामने दरी बिछा कर धरने पर बैठ गए। उन्होंने सीएमएस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कर्मचारी एकता का प्रदर्शन किया। कुछ कर्मचारियों ने कपड़े उतारकर प्रदर्शन किया। इस दौरान अस्पताल में सारा कामकाज ठप पड़ा रहा। अस्पताल में साफ-सफाई नहीं हो सकी। वार्डों में पोंछा भी नहीं लगा। मरीजों के लिए न तो पर्चे बने और न ही उन्हें दवाएं मिल सकीं। सूचना पर पहुंचे इंस्पेक्टर अशोक कुमार सोलंकी और एसआई सत्य सिंह ने सुबह करीब 11:30 बजे सीएमएस और कर्मचारियों के बीच सुलह कराने का प्रयास किया। परंतु सीएमएस द्वारा बजट नहीं होने की बात सुनकर कर्मचारी भड़क गए। उन्होंने अपना धरना प्रदर्शन जारी रखा। करीब एक बजे सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को समझाते हुए कहा कि 15 दिन में उनको वर्दी दिला दी जाएगी। इसके बाद कर्मचारी हड़ताल खत्म करते हुए काम पर लग गए। इस दौरान कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष कमल, सुलेमान अंसारी, रामचंद्र गुप्ता, करनेश कुमार, सुरेश चंद्र शाक्य, उमेश यादव, ममता देवी, रामपाल यादव आदि मौजूद रहे।
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तौलिये के बाद खुला साबुन घोटाला
जिला अस्पताल में हड़ताल के दौरान चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों ने तौलिया घोटाले के बाद साबुन घोटाले की भी पोल खोल दी। कर्मचारियों ने कहा कि अस्पताल में 14 सौ तौलियों की खरीद दिखाकर पैसा हजम कर लिया गया। उसी तरह साबुन घोटाला हुआ है। रिकार्ड में साबुन खरीद हो रही है, लेकिन किसी कर्मचारी को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा।
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दलाल बना ठेकेदार
जिला अस्पताल दलाली का अड्डा बन गया है। यहां ठेकेदारी के नाम पर एक व्यक्ति दलाली कर रहा है। सीएमएस से संबंध नहीं बिगड़े इसके लिए वह कर्मचारियों के विरोध में रहा। हड़ताल के दौरान सीएमएस की हां में हां मिलाता रहा। सीएमएस के बदले कर्मचारियों को जवाब देता रहा। कर्मचारियों ने कहा यह व्यक्ति अस्पताल के प्रत्येक कार्य में दलाली कर रहा है। उसमें एक बाबू को मोटी कमीशन भी देता है।