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बिजली दरें कम करने के लिए भाकियू का प्रदर्शन
Updated Fri, 15 Dec 2017 11:53 PM IST
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धरना देते भाकियू।
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। ग्रामीण इलाकों में बढ़ी बिजली दरों के खिलाफ शुक्रवार को भाकियू ने मोर्चा खोल दिया। मालवीय आवास गृह पर धरना देकर किसानों ने बढ़े दाम तत्काल वापस लेने की मांग की। कई और मुद्दे भी उठाए और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष ठाकुर धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश में बिजली के दामों में अचानक बढ़ोत्तरी की गई है। इसमें 50 से लेकर 150 प्रतिशत तक की वृद्धि की जा रही है। इससे किसान और गरीब वर्ग के लोगों की कमर टूट जाएगी। किसी भी वस्तु का रेट थोक मूल्य सूचकांक या महंगाई दर के आधार पर तय किया जाता है। इस मामले में सरकार किसानों से दोहरा व्यवहार कर रही है। किसानों की फसलों के मूल्य में महंगाई दर से भी कम वृद्धि की जाती है। इसका उदाहरण हाल में ही गन्ना, धान, गेहूं में की गई वृद्धि है। वहीं, बिजली की दरों में 50 प्रतिशत वृद्धि से किसानों की सिंचाई लागत में भारी वृद्धि होगी। देश के अन्य राज्यों में किसानों के साथ इतना अन्याय नहीं होता। कुछ राज्यों में राज्य सरकार किसानों को नि:शुल्क बिजली उपलब्ध कराती है। प्रदेश सरकार के इस फैसले से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा व किसानों पर कर्ज का भार भी बढ़ेगा।
मंडल प्रवक्ता राजेश सक्सेना ने कहा कि बिजली विभाग द्वारा घोषित नई दरों को अविलंब वापस लिया जाए। जिला संगठन मंत्री करन राठौर ने कहा कि फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे की खरीद को अपराध माना जाए। सभी मुख्य फसलों, फलों, प्रदेश में आलू, गन्ना, धान के किसान को बोनस दिया जाए। मंडल उपाध्यक्ष चौधरी सौदान सिंह ने कहा आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज कराए गए सभी मुकदमे वापस लिए जाएं। जेल में बंद किसानों को रिहा किया जाए। इस मौके पर राजेश कुमार, गौतम ठाकुर, आरिफ गाजी, हारुन गौस, सुशील कुमार, अमरपाल, वीरपाल, रामाशंकर शंखधार आदि किसान मौजूद रहे। बाद में नारेबाजी करते किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां डीएम की गैर मौजूदगी में एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य न सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन लिया।
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सहसवान। भाकियू ने बढी हुई बिजली दरों समेत विभिन्न मांगों को लेकर तहसील में नारेबाजी की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। भाकियू जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह और जिला प्रवक्ता नरेंद्र सक्सेना के नेतृत्व में तहसीलदार राधेश्याम शर्मा को सौंपे ज्ञापन में लिखा है कि बढी हुई बिजली दरें तत्काल वापस ली जाएं। किसानों के पुराने कर्ज माफ किए जाएं और उन्हें कम ब्याज दरों पर कृषि कार्य के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाए।
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तहसील में सभा कर जताया विरोध
बदायूं। भाकियू (अराजनैतिक) की एक सभा तहसील परिसर में हुई। इसमें किसानों की विभिन्न समस्याओं को उठाकर निस्तारण पर जोर दिया गया। तहसील अध्यक्ष निसारुद्दीन ने कहा कि गन्ना मिल प्रबंधन किसानों का शोषण कर रहे हैं। उनका गन्ना रिजेक्ट बताकर खारिज किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यहां सर्वेश सिंह पटेल, रवेंद्र सिंह, शंकरलाल, रविदेव, कल्याण सिंह, वीरेश शर्मा व सुरेंद्र आदि मौजूद थे।
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जिलाध्यक्ष ठाकुर धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश में बिजली के दामों में अचानक बढ़ोत्तरी की गई है। इसमें 50 से लेकर 150 प्रतिशत तक की वृद्धि की जा रही है। इससे किसान और गरीब वर्ग के लोगों की कमर टूट जाएगी। किसी भी वस्तु का रेट थोक मूल्य सूचकांक या महंगाई दर के आधार पर तय किया जाता है। इस मामले में सरकार किसानों से दोहरा व्यवहार कर रही है। किसानों की फसलों के मूल्य में महंगाई दर से भी कम वृद्धि की जाती है। इसका उदाहरण हाल में ही गन्ना, धान, गेहूं में की गई वृद्धि है। वहीं, बिजली की दरों में 50 प्रतिशत वृद्धि से किसानों की सिंचाई लागत में भारी वृद्धि होगी। देश के अन्य राज्यों में किसानों के साथ इतना अन्याय नहीं होता। कुछ राज्यों में राज्य सरकार किसानों को नि:शुल्क बिजली उपलब्ध कराती है। प्रदेश सरकार के इस फैसले से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा व किसानों पर कर्ज का भार भी बढ़ेगा।
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मंडल प्रवक्ता राजेश सक्सेना ने कहा कि बिजली विभाग द्वारा घोषित नई दरों को अविलंब वापस लिया जाए। जिला संगठन मंत्री करन राठौर ने कहा कि फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे की खरीद को अपराध माना जाए। सभी मुख्य फसलों, फलों, प्रदेश में आलू, गन्ना, धान के किसान को बोनस दिया जाए। मंडल उपाध्यक्ष चौधरी सौदान सिंह ने कहा आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज कराए गए सभी मुकदमे वापस लिए जाएं। जेल में बंद किसानों को रिहा किया जाए। इस मौके पर राजेश कुमार, गौतम ठाकुर, आरिफ गाजी, हारुन गौस, सुशील कुमार, अमरपाल, वीरपाल, रामाशंकर शंखधार आदि किसान मौजूद रहे। बाद में नारेबाजी करते किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां डीएम की गैर मौजूदगी में एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य न सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन लिया।
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सहसवान। भाकियू ने बढी हुई बिजली दरों समेत विभिन्न मांगों को लेकर तहसील में नारेबाजी की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। भाकियू जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह और जिला प्रवक्ता नरेंद्र सक्सेना के नेतृत्व में तहसीलदार राधेश्याम शर्मा को सौंपे ज्ञापन में लिखा है कि बढी हुई बिजली दरें तत्काल वापस ली जाएं। किसानों के पुराने कर्ज माफ किए जाएं और उन्हें कम ब्याज दरों पर कृषि कार्य के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाए।
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तहसील में सभा कर जताया विरोध
बदायूं। भाकियू (अराजनैतिक) की एक सभा तहसील परिसर में हुई। इसमें किसानों की विभिन्न समस्याओं को उठाकर निस्तारण पर जोर दिया गया। तहसील अध्यक्ष निसारुद्दीन ने कहा कि गन्ना मिल प्रबंधन किसानों का शोषण कर रहे हैं। उनका गन्ना रिजेक्ट बताकर खारिज किया जा रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यहां सर्वेश सिंह पटेल, रवेंद्र सिंह, शंकरलाल, रविदेव, कल्याण सिंह, वीरेश शर्मा व सुरेंद्र आदि मौजूद थे।
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