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स्थायी लोक अदालतमें निपटा पहला मामला
Updated Sat, 09 Dec 2017 12:05 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
बदायूं। लोकहित से जुड़े मामलों को त्वरित गति से निपटाने के उद्देश्य से गठित स्थायी लोक अदालत में शुक्रवार को पहला मामला निपटाया गया, जो तहसीलदार सहसवान और बिजली महकमे के बिसौली क्षेत्र के अधिशासी अभियंता के खिलाफ था।
मामला सहसवान क्षेत्र के मोहल्ला पट्टी यकीन निवासी रमेश कुमार पुत्र रामचंद्र के बिजली के बिल से जुड़ा था। वादी रमेश ने अपने अधिवक्ता ब्रजेंद्र कश्यप के जरिए स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि वादी मजदूरी करने की वजह से घर से बाहर ही रहता था। समय से बिजली का बिल जमा नहीं हो सका था। इस पर बिजली महकमे ने 53 हजार से अधिक की आरसी काट दी,जबकि वादी ने एक मुश्त समाधान योजना के तहत उचित धनराशि जमा कर दी थी। वादी ने बिजली महकमे में बिल जमा करने संबंधी रसीद दिखाई तो विभाग ने माना उस पर कोई बकाया नहीं है, लेकिन आरसी का 10 प्रतिशत भुगतान करने के लिए उस पर दबाव बनाया। अदालत की ओर से नोटिस जारी होने पर बिजली महकमे ने 30 नवंबर 2017 को एडीएम वित्त को पत्र लिखकर आरसी को वापस लेने का अनुरोध किया। पीठ के अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने वादी रमेश की याचिका को बिजली महकमे द्वारा जारी आरसी को वापस लेने के कारण निस्तारित कर दिया।
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मामला सहसवान क्षेत्र के मोहल्ला पट्टी यकीन निवासी रमेश कुमार पुत्र रामचंद्र के बिजली के बिल से जुड़ा था। वादी रमेश ने अपने अधिवक्ता ब्रजेंद्र कश्यप के जरिए स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि वादी मजदूरी करने की वजह से घर से बाहर ही रहता था। समय से बिजली का बिल जमा नहीं हो सका था। इस पर बिजली महकमे ने 53 हजार से अधिक की आरसी काट दी,जबकि वादी ने एक मुश्त समाधान योजना के तहत उचित धनराशि जमा कर दी थी। वादी ने बिजली महकमे में बिल जमा करने संबंधी रसीद दिखाई तो विभाग ने माना उस पर कोई बकाया नहीं है, लेकिन आरसी का 10 प्रतिशत भुगतान करने के लिए उस पर दबाव बनाया। अदालत की ओर से नोटिस जारी होने पर बिजली महकमे ने 30 नवंबर 2017 को एडीएम वित्त को पत्र लिखकर आरसी को वापस लेने का अनुरोध किया। पीठ के अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने वादी रमेश की याचिका को बिजली महकमे द्वारा जारी आरसी को वापस लेने के कारण निस्तारित कर दिया।
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