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सीडीओ महिला अस्पताल और एसएनसीयू का किया निरीक्षण
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बदायूं। सीडीओ निशा अनंत ने महिला अस्पताल और एसएनसीयू का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि एसएनसीयू में नवजात बच्चों का गंभीरता से इलाज चल रहा है। हां, बेड कुछ कम हैं। इसके लिए बेड की व्यवस्था की जा रही है। बाकी दवाइयां आदि पूरी करा दी गई हैं।
सीडीओ निशा अनंत करीब दो माह पहले से महिला अस्पताल को सुधारने की जिम्मेदारी ले चुकी हैं। पिछले माह उन्होंने प्रत्येक दिन महिला अस्पताल और एसएनसीयू का निरीक्षण किया। एक-एक कमी को तलाश किया था, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार लाया जा सके। एसएनसीयू का एक तरफ से निरीक्षण किया। दवाइयों से लेकर ऑक्सीजन आदि को भी चेक किया। साथ ही स्टाफ की उपस्थिति चेक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जो बच्चे एसएनसीयू में भर्ती कराए गए हैं, उनकी देखभाल और इलाज की जिम्मेदारी स्टाफ की है। किसी भी बच्चे को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। हर बच्चे का गंभीरता से उपचार करें। नवजात बच्चों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महिला अस्पताल की सीएमएस रेखा रानी ने बताया कि महिला अस्पताल का एसएनसीयू व्यवस्थाओं में प्रदेश के दसवें स्थान पर है। यहां गंभीर से गंभीर बच्चों का इलाज किया जाता है। एसएनसीयू में बच्चों के इलाज के लिए चार डॉक्टर लगे हैं। यहां फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है।
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सीडीओ निशा अनंत करीब दो माह पहले से महिला अस्पताल को सुधारने की जिम्मेदारी ले चुकी हैं। पिछले माह उन्होंने प्रत्येक दिन महिला अस्पताल और एसएनसीयू का निरीक्षण किया। एक-एक कमी को तलाश किया था, जिससे अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार लाया जा सके। एसएनसीयू का एक तरफ से निरीक्षण किया। दवाइयों से लेकर ऑक्सीजन आदि को भी चेक किया। साथ ही स्टाफ की उपस्थिति चेक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जो बच्चे एसएनसीयू में भर्ती कराए गए हैं, उनकी देखभाल और इलाज की जिम्मेदारी स्टाफ की है। किसी भी बच्चे को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। हर बच्चे का गंभीरता से उपचार करें। नवजात बच्चों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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महिला अस्पताल की सीएमएस रेखा रानी ने बताया कि महिला अस्पताल का एसएनसीयू व्यवस्थाओं में प्रदेश के दसवें स्थान पर है। यहां गंभीर से गंभीर बच्चों का इलाज किया जाता है। एसएनसीयू में बच्चों के इलाज के लिए चार डॉक्टर लगे हैं। यहां फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है।
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