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जिला अस्पताल में डीएम के हस्तक्षेप पर बुजुर्ग को मिला इलाज
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बदायूं। जिला अस्पताल में मरीजों के प्रति डॉक्टर किस कदर संवेदनहीन हैं, इसका नजारा शुक्रवार को एक वार्ड में देखने को मिला। यूरिन की परेशानी की दवा लेने पहुंचे एक बुजुर्ग को डॉक्टरों ने अनसुना कर दिया। यूरिन डिस्चार्ज नहीं होने की वजह से बेचैन बुजुर्ग वार्डों में चक्कर लगा रहे थे। उनकी पत्नी भी डॉक्टर के सामने गिड़गिड़ाई फिर भी किसी ने गौर नहीं किया। अंत में डीएम के सामने पेश होकर पति की परेशानी बयां की तो उन्होंने अपने मातहत को अस्पताल भेजा। तब कहीं जाकर बुजुर्ग का इलाज शुरू हो सका।
मरीज के प्रति संवेदनशून्यता का मामला पूर्वाह्न का है। शहर के मीरा जी चौकी क्षेत्र से नवी जान सुबह में करीब आठ बजे पत्नी फिरदौस के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। नवी जान को दो दिन पहले यूरिन की दिक्कत हुई, लेकिन शुक्रवार सुबह अचानक यूरिन बंद हो गई। पर्चा बनवाने के बाद वह पति के साथ अस्पताल पहुंचीं। डॉक्टर ने नवीजान को देखने के बजाय दूसरे वार्ड में जाने की बात कहकर टरका दिया। दूसरे वार्ड में दंपती पहुंचे तो कोई डॉक्टर नहीं मिले। यूरिन नहीं आने से बेचैन नवी जान तड़प रहे थे। फिरदौस को पति की हालत देखी नहीं गई। वह पति को अस्पताल में ही छोड़कर डीएम कार्यालय पहुंच गईं। फिरदौस ने बताया कि डीएम ने हकीकत सुनने के बाद अपने बाबू को अस्पताल भेजा। इसके बाद ही नवीजान को उपचार मिल सका।
फिरदौस अपने पति का इलाज कराने के लिए अस्पताल आई थी। डॉ. राजेश वर्मा ने देखा तो सर्जन के लिए रेफर कर दिया। सर्जन उस वक्त ओटी में थे, सो वह ऑपरेशन छोड़कर बाहर नहीं निकल सकते थे। उसी दौरान महिला डीएम कार्यालय चली गई थी।
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- डॉ. भारत भूषण पुष्कर, सीएमएस, जिला अस्पताल।
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मरीज के प्रति संवेदनशून्यता का मामला पूर्वाह्न का है। शहर के मीरा जी चौकी क्षेत्र से नवी जान सुबह में करीब आठ बजे पत्नी फिरदौस के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। नवी जान को दो दिन पहले यूरिन की दिक्कत हुई, लेकिन शुक्रवार सुबह अचानक यूरिन बंद हो गई। पर्चा बनवाने के बाद वह पति के साथ अस्पताल पहुंचीं। डॉक्टर ने नवीजान को देखने के बजाय दूसरे वार्ड में जाने की बात कहकर टरका दिया। दूसरे वार्ड में दंपती पहुंचे तो कोई डॉक्टर नहीं मिले। यूरिन नहीं आने से बेचैन नवी जान तड़प रहे थे। फिरदौस को पति की हालत देखी नहीं गई। वह पति को अस्पताल में ही छोड़कर डीएम कार्यालय पहुंच गईं। फिरदौस ने बताया कि डीएम ने हकीकत सुनने के बाद अपने बाबू को अस्पताल भेजा। इसके बाद ही नवीजान को उपचार मिल सका।
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फिरदौस अपने पति का इलाज कराने के लिए अस्पताल आई थी। डॉ. राजेश वर्मा ने देखा तो सर्जन के लिए रेफर कर दिया। सर्जन उस वक्त ओटी में थे, सो वह ऑपरेशन छोड़कर बाहर नहीं निकल सकते थे। उसी दौरान महिला डीएम कार्यालय चली गई थी।
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- डॉ. भारत भूषण पुष्कर, सीएमएस, जिला अस्पताल।