{"_id":"5cf2c1dabdec220729257482","slug":"155941325610-badaun-news43","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमबीबीएस कक्षाओं की अनुमति मिलने के बाद में डीएम ने किया निरीक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमबीबीएस कक्षाओं की अनुमति मिलने के बाद में डीएम ने किया निरीक्षण
विज्ञापन
बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज को नए सत्र में एमबीबीएस की कक्षाएं लगाने के लिए अनुमति मिल गई है। इसी के मद्देनजर शनिवार को डीएम ने कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान टूटीं कुर्सियां और सीढ़ियों पर पान-गुटका की गंदगी देख प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह से गहरी नाराजगी जताई। साथ ही कहा कि सारी व्यवस्था चाक चौबंद रहनी चाहिए। छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
डीएम दिनेश कुमार सिंह ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया और भर्ती मरीजों से बात कर सुविधाओं की जानकारी ली। डीएम ने मरीजों से इलाज व शुल्क आदि के बारे में भी तीमारदारों से पूछताछ की। उन्होंने निर्देश दिए कि जगह-जगह बोर्ड लगाएं जाएं कि जो भी व्यक्ति थूकता पाया गया उससे पांच सौ जुर्माना वसूला जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि एक बैंक और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस चौकी की व्यवस्था की जाए। मलेरिया के मरीजों के लिए वार्ड आरक्षित किया जाए। मरीजों को झोलाछापों की ठगी से बचाया जाए। प्राचार्य से कहा कि मरीजों की सुविधाओं को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने सीढ़ियों पर पान-पुड़िया के दाग देखकर नाराजगी जताई।
यहां बता कि इससे पहले 21 मई को डीएम ने कॉलेज का निरीक्षण किया था। तब मेडिकल कॉलेज में लिफ्ट और एसी बंद मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई थी और एक सप्ताह के भीतर ठीक कराकर सुचारू रूप से चलाने के निर्देश दिए थे। शनिवार को डीएम पहुंचे, तो लिफ्ट और एसी ठीक मिले। डीएम ने प्रसन्नता व्यक्त की।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम दिनेश कुमार सिंह ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया और भर्ती मरीजों से बात कर सुविधाओं की जानकारी ली। डीएम ने मरीजों से इलाज व शुल्क आदि के बारे में भी तीमारदारों से पूछताछ की। उन्होंने निर्देश दिए कि जगह-जगह बोर्ड लगाएं जाएं कि जो भी व्यक्ति थूकता पाया गया उससे पांच सौ जुर्माना वसूला जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि एक बैंक और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस चौकी की व्यवस्था की जाए। मलेरिया के मरीजों के लिए वार्ड आरक्षित किया जाए। मरीजों को झोलाछापों की ठगी से बचाया जाए। प्राचार्य से कहा कि मरीजों की सुविधाओं को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने सीढ़ियों पर पान-पुड़िया के दाग देखकर नाराजगी जताई।
विज्ञापन
यहां बता कि इससे पहले 21 मई को डीएम ने कॉलेज का निरीक्षण किया था। तब मेडिकल कॉलेज में लिफ्ट और एसी बंद मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई थी और एक सप्ताह के भीतर ठीक कराकर सुचारू रूप से चलाने के निर्देश दिए थे। शनिवार को डीएम पहुंचे, तो लिफ्ट और एसी ठीक मिले। डीएम ने प्रसन्नता व्यक्त की।
विज्ञापन