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डेंगू और चिकनगुनिया से बचने को किया जाएगा जागरुक
Updated Fri, 11 Aug 2017 06:19 PM IST
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बदायूं। स्वास्थ्य विभाग लोगों को जानलेवा बीमारी डेंगू और चिकनगुनिया से बचने के लिए जागरूक करेगा। इसके लिए गोष्ठियों का आयोजन करने के साथ ही पंफलेट भी बंटवाए जाएंगे। हालांकि, इस साल अब तक डेंगू या चिकनगुनिया का कोई संदिग्ध मरीज सामने नहीं आया है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग अभी से एहतियात के तौर पर तैयारियों में जुटा है। इसके लिए सीएचसी और पीएचसी स्तर तक टीमों का गठन किया गया है।
हाल ही में बदायूं की महिला को दिल्ली में डेंगू की पुष्टि होने के बाद ज्यादा एहतियात से काम लिया जा रहा है।
जिले में संक्रामक रोग हर साल कहर बरपाते हैं। खासकर गंदगी की वजह से डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप रहता है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग इन बीमारियों से निपटने के लिए हर साल पहले से व्यवस्थाएं करता है। इसके बाद भी सैकड़ों लोगों की जान संक्रामक बीमारियों से चली जाती है। बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही संक्रामक बीमारियों का प्रकोप शुरू हो जाता है। पिछले साल डेंगू के दो दर्जन से ज्यादा मामले सामने आए थे। जानकारों का कहना है कि डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप आमतौर पर अगस्त के बाद शुरू होता है। जुलाई के महीने तक मलेरिया का प्रकोप रहता है। संक्रामक रोग नियंत्रण सेल प्रभारी डॉ. कौशल गुप्ता ने बताया आमतौर पर डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप अगस्त के बाद शुरू होता है। इस साल अब तक डेंगू या चिकनगुनिया का कोई संदिग्ध मरीज नहीं मिला है। अगर कोई मरीज मिलता है तो उसका सेंपुल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। लोगों को जागरूक करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। बदायूं की एक महिला को दिल्ली में डेंगू की पुष्टि के बाद सतर्कता से काम लिया जा रहा है।
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हाल ही में बदायूं की महिला को दिल्ली में डेंगू की पुष्टि होने के बाद ज्यादा एहतियात से काम लिया जा रहा है।
जिले में संक्रामक रोग हर साल कहर बरपाते हैं। खासकर गंदगी की वजह से डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप रहता है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग इन बीमारियों से निपटने के लिए हर साल पहले से व्यवस्थाएं करता है। इसके बाद भी सैकड़ों लोगों की जान संक्रामक बीमारियों से चली जाती है। बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही संक्रामक बीमारियों का प्रकोप शुरू हो जाता है। पिछले साल डेंगू के दो दर्जन से ज्यादा मामले सामने आए थे। जानकारों का कहना है कि डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप आमतौर पर अगस्त के बाद शुरू होता है। जुलाई के महीने तक मलेरिया का प्रकोप रहता है। संक्रामक रोग नियंत्रण सेल प्रभारी डॉ. कौशल गुप्ता ने बताया आमतौर पर डेंगू और चिकनगुनिया का प्रकोप अगस्त के बाद शुरू होता है। इस साल अब तक डेंगू या चिकनगुनिया का कोई संदिग्ध मरीज नहीं मिला है। अगर कोई मरीज मिलता है तो उसका सेंपुल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। लोगों को जागरूक करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। बदायूं की एक महिला को दिल्ली में डेंगू की पुष्टि के बाद सतर्कता से काम लिया जा रहा है।
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