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ग्राम प्रधानों के सहयोग बिना पूरा न होगा ओडीएफ का लक्ष्य

Tue, 18 Jul 2017 05:34 PM IST
Updated Tue, 18 Jul 2017 05:34 PM IST
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ग्राम प्रधानों के सहयोग बिना पूरा न होगा ओडीएफ का लक्ष्य
बदायूं। सीडीओ शेषमणि पांडेय ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले को प्रत्येक दशा में 31 दिसंबर तक खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए जब तक ग्राम प्रधान सहयोग नहीं करेंगे, तब तक यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता।
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मंगलवार को विकास भवन स्थित सभाकक्ष में ब्लाक उझानी, जगत एवं सालारपुर के ग्राम प्रधानों से पंचायतराज विभाग के अधिकारियों ने एक दिवसीय प्रशिक्षण देकर प्रशासनिक मशीनरी को सहयोग करने की अपील की। सीडीओ ने कहा कि गंदगी से फैलने वाली बीमारियों के संबंध में तो सभी प्रधान और ग्रामीण भलीभांति जानते ही हैं, लेकिन स्वच्छ शौचालय का गड्ढा कैसे बनाया जाए और सीट किस प्रकार लगाई जाए, इसकी भी जानकारी प्रत्येक ग्राम प्रधान को होनी चाहिए। जनपद के सभी ब्लाकों के ग्राम प्रधानों को बारी-बारी से एक दिवसीय प्रशिक्षण देकर सहयोग की अपील की जाएगी। प्रशिक्षण की शुरुआत ब्लाक उझानी, जगत एवं सालारपुर से की गई है। सीडीओ ने कहा कि प्रशिक्षण में सभी ग्राम प्रधान शपथ लें कि अपनी ग्राम पंचायत को ओडीएफ कराने में पूर्ण सहयोग करेंगे। अग्रणीय भूमिका निभाने वाले ग्राम प्रधानों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। सीडीओ ने कहा कि जो ग्रामीण आर्थिक रूप से सम्पन्न हैं वे अपना शौचालय स्वयं बनाएं। गांव में पंचायत राज विभाग की टीम गरीबों का सूचीबद्ध करेगी। प्रधान सहयोग कर सूची तैयार कराएं। शौचालय निर्माण के लिए केवल अति गरीबों को ही आर्थिक सहायता दी जाएगी। प्रशिक्षण में प्रभारी डीपीआरओ शशिकांत शर्मा, नौशेरा के ग्राम प्रधान सोहनपाल साहू, ग्राम गठौना के प्रधान धर्मेंद्र सिंह, ग्राम पंचायत रुहान के प्रधान धर्मेंद्र सहित अन्य प्रधानगण मौजूद रहे।
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ओडीएफ गांवों में मिलेंगी तमाम सरकारी सुविधाएं
बदायूं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत जो ग्राम पंचायतें ओडीएफ हो जाएंगी। वहां पात्रता सूची के आधार पर शत प्रतिशत पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अलावा शासन की अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा। ओडीएफ गांवों में बीस लाख रुपये की लागत से तैयार होने वाले ठोस, तरल अवशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड, ल्यूकिड, वेस्ट मैनेजमेंट) का प्रस्ताव प्राप्त होने पर उसे प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की जाएगी।
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एक ग्राम मानव मल में एक करोड़ वायरस
बदायूं। यूनिसेफ के मंडलीय स्वच्छता समन्वयक अब्दुल अहद जांबाज ने तीनों ब्लाकों के ग्राम प्रधानों को प्रशिक्षण देते हुए कहा कि ग्राम प्रधान गांव के एक-एक व्यक्ति को बेहतर ढंग से समझा सकते हैं। गंदगी से होने वाले नुकसान के संबंध में भी उन्होंने बताया। कहा, एक ग्राम मानव मल में एक करोड़ वायरस के साथ दस लाख वैक्टिरिया पाए जाते हैं और एक हजार परजीवी शिष्ट के साथ ही सौ परजीवी अंडे भी शामिल रहते हैं। इसलिए प्रयास किया जाएं कि किसी भी दशा में मल वातावरण के संपर्क में न आने पाए।
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