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Budaun News: नरौरा से छोड़ा गया 1.50 लाख क्यूसेक पानी, खतरे के निशान से आठ सेमी ऊपर बहने लगी गंगा
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राजपाल।
बदायूं। नरौरा से फिर 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से आठ सेंटीमीटर ऊपर चला है। इससे सहसवान और दातागंज तहसील क्षेत्र के कई गांवों में दशहत है। ग्रामीण घर छोड़कर स्कूलों में शरण लिए हुए हैं। महीने भर से ग्रामीण परेशान हैं। इससे हजारों एकड़ खेती अब तक गंगा में तबाह हो चुकी है।
सोमवार को गंगा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ा है। रविवार को गंगा का जलस्तर 162.46 मीटर था, जो सोमवार को 162.48 मीटर हो गया है। गंगा में खतरे के निशान 162.40 पर है। एक माह में केवल एक दिन खतरे के निशान से पानी नीचे आया था, उसके बाद फिर से ऊपर चल रहा है। 26 गांव के लोग बाढ़ पीड़ित हैं। सरकारी रिकार्ड में केवल 13 राजस्व गांव बाढ़ पीड़ित माने गए हैं। उनके तमाम मजरे भी बाढ़ से पीड़ित हैं। दातागंज तहसील क्षेत्र में सबसे ज्यादा गांव पानी से घिरे हुए हैं।
नौ अगस्त को नरौरा बैराज से गंगा नदी में 2.81 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जो इस सीजन का सर्वाधिक था। तब खतरे के निशान से 31 सेमी ऊपर जाकर जलस्तर 162.71 मीटर हो गया था। इससे गंगा की बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में बाढ़ का संकट और गहरा गया। गांवों के पानी के चपेट में आने की संख्या बढ़ गई थी। हालांकि इससे पहले गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर चल रहा था।
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गिर सकते हैं कई गांव
उसहैत बांध के अंदर के गांवों में अहमद नगर बछौरा, असमया रफतपुर, ठकुरी नगला, भकरी, ईकाई खाम कौन का नगला आदि गांवों में पानी भरा हुआ है। इस क्षेत्र में 18 गावाें में पानी भरा है। गांव के लोग आश्रय स्थलों पर शरण लिए हैं। इन गांवों में सबसे पहले पानी आया था। जब सबसे अधिक पानी आया तो इन गांवों में पानी और ज्यादा चढ़ गया। लोगों को घर गिरने का खतरा लग रहा है। अबतक दो सौ बीघा खेत कट चुके हैं। कटान के अलावा हजारों बीघा खेत पानी में डूबे चल रहे हैं। इनमें पैदावार नहीं हो सकेगी। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से किसानों को अभी तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया है।
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बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री
बदायूं। भाजपा नेता डॉ. शैलेश पाठक ने दातागंज विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर खाद्य सामग्री, कपड़े और आवश्यक वस्तुएं वितरित कीं। उन्होंने तमाम पीड़ितों के लिए भोजन की व्यवस्था भी कराई। संवाद
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बाढ़ पीड़ितों का दर्द
फोटो-40
एक महीने के करीब हो चुका है अपने घर की ओर नहीं गए हैं। घर के चारों ओर पानी भरने के कारण मकान को कितना नुकसान होगा। यह पता नहीं चल पा रहा है। - राजपाल
फोटो-41
परिवार समेत आश्रय स्थल में पड़े हैं। न बच्चों की पढ़ाई हो पा रही है और न सही से सो पा रहे हैं। हर समय गांव और घर की चिंता रहती है। पता नहीं गांव कब तक जा सकेंगे। - विजय भान
गंगा में पानी स्थिति
गंगा का जलस्तर मीटर गेज पर
162.48 मीटर
डैम से डिस्चार्ज
नरौरा से 1,50,798 क्यूसेक
बिजनौर से 1,65,715 क्यूसेक
हरिद्वार से 1,56,655 क्यूसेक
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सोमवार को गंगा का जलस्तर एक बार फिर बढ़ा है। रविवार को गंगा का जलस्तर 162.46 मीटर था, जो सोमवार को 162.48 मीटर हो गया है। गंगा में खतरे के निशान 162.40 पर है। एक माह में केवल एक दिन खतरे के निशान से पानी नीचे आया था, उसके बाद फिर से ऊपर चल रहा है। 26 गांव के लोग बाढ़ पीड़ित हैं। सरकारी रिकार्ड में केवल 13 राजस्व गांव बाढ़ पीड़ित माने गए हैं। उनके तमाम मजरे भी बाढ़ से पीड़ित हैं। दातागंज तहसील क्षेत्र में सबसे ज्यादा गांव पानी से घिरे हुए हैं।
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नौ अगस्त को नरौरा बैराज से गंगा नदी में 2.81 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था जो इस सीजन का सर्वाधिक था। तब खतरे के निशान से 31 सेमी ऊपर जाकर जलस्तर 162.71 मीटर हो गया था। इससे गंगा की बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र में बाढ़ का संकट और गहरा गया। गांवों के पानी के चपेट में आने की संख्या बढ़ गई थी। हालांकि इससे पहले गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर चल रहा था।
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गिर सकते हैं कई गांव
उसहैत बांध के अंदर के गांवों में अहमद नगर बछौरा, असमया रफतपुर, ठकुरी नगला, भकरी, ईकाई खाम कौन का नगला आदि गांवों में पानी भरा हुआ है। इस क्षेत्र में 18 गावाें में पानी भरा है। गांव के लोग आश्रय स्थलों पर शरण लिए हैं। इन गांवों में सबसे पहले पानी आया था। जब सबसे अधिक पानी आया तो इन गांवों में पानी और ज्यादा चढ़ गया। लोगों को घर गिरने का खतरा लग रहा है। अबतक दो सौ बीघा खेत कट चुके हैं। कटान के अलावा हजारों बीघा खेत पानी में डूबे चल रहे हैं। इनमें पैदावार नहीं हो सकेगी। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से किसानों को अभी तक कोई मुआवजा नहीं दिया गया है।
बाढ़ पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री
बदायूं। भाजपा नेता डॉ. शैलेश पाठक ने दातागंज विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर खाद्य सामग्री, कपड़े और आवश्यक वस्तुएं वितरित कीं। उन्होंने तमाम पीड़ितों के लिए भोजन की व्यवस्था भी कराई। संवाद
बाढ़ पीड़ितों का दर्द
फोटो-40
एक महीने के करीब हो चुका है अपने घर की ओर नहीं गए हैं। घर के चारों ओर पानी भरने के कारण मकान को कितना नुकसान होगा। यह पता नहीं चल पा रहा है। - राजपाल
फोटो-41
परिवार समेत आश्रय स्थल में पड़े हैं। न बच्चों की पढ़ाई हो पा रही है और न सही से सो पा रहे हैं। हर समय गांव और घर की चिंता रहती है। पता नहीं गांव कब तक जा सकेंगे। - विजय भान
गंगा में पानी स्थिति
गंगा का जलस्तर मीटर गेज पर
162.48 मीटर
डैम से डिस्चार्ज
नरौरा से 1,50,798 क्यूसेक
बिजनौर से 1,65,715 क्यूसेक
हरिद्वार से 1,56,655 क्यूसेक

राजपाल।

राजपाल।