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कलेक्ट्रेट के सामने गन्ना किसानों ने सड़क पर बैठकर किया प्रदर्शन, नारेबाजी
Updated Tue, 11 Dec 2018 12:29 AM IST
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कलक्ट्रेट पर गन्ना किसानों का जोरदार प्रदर्शन, जाम लगाया, नारेबाजी
किसानों ने एडीएम कार्यालय को भी घेरा, एडीएम एफआर और जिला गन्ना अधिकारी के आश्वासन पर शांत हुए किसान
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। गन्ना खरीद शुरू होने से पहले ही किसान समस्याओं से जूझने लगे हैं। कई दिनों से किसान गन्ने को लेकर तौल के लिए केंद्रों पर जमे हुए हैं, लेकिन तौल नहीं हो रही है। सर्दी के मौसम में घर छोड़कर केंद्रों पर जमे इन किसानों का आक्रोश सोमवार को चरम पर पहुंच गया। दातागंज रोड स्थित एक मैदान पर काफी संख्या में जमा होकर किसानों ने तौल नहीं होने पर हंगामा किया। राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हजारों की संख्या में गन्ना किसानों के सड़क पर आने की खबर मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। सर्दी के मौसम में किसानों के तेवर बेहद आक्रामक थे। पुलिस ने शांत रहना ही उचित समझा, हालांकि पुलिस ने गन्ना महकमे के अफसरों से बात कर समस्याओं को दूर कराने का आश्वासन दिया, लेकिन कई दिनों से परेशान ये किसान पुलिस की सुनने को तैयार नहीं थे। कहा कि शासन की मंशा ही अन्नदाताओं को परेशान करने की रही है। यही वजह है कि जिले के अनेक गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान नहीं हुआ है। जिसकी वजह से किसान आर्थिक दुश्वारियां उठा रहे हैं। जुलूस की शक्ल में पहुंचे किसानों ने कचहरी तिराहे पर जाम लगाया, फिर एडीएम एफआर कार्यालय पर प्रदर्शन किया। बाद में एडीएम एफआर और जिला गन्ना अधिकारी के आश्वासन पर शांत हुए।
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों ओर बाइकों के जरिए गन्ना किसान सुबह से ही यहां पर पहुंचने लगे। दोपहर तक उनकी संख्या काफी हो गई। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शासन के आदेश पर नया पेराई सत्र 25 नवंबर से शुरू हो गया है। जिले की एक मात्र सहकारी चीनी मिल शेखूपुर और यदु शुगर मिल ने गन्ना क्रय केंद्र भी खोले, जो सिर्फ नाम को ही है। अधिकतर केंद्रों पर गन्ने की तौल नहीं हो रही है। मजबूरन बहुत से किसान कोल्हू वालों को कम दाम पर गन्ना बेचने को मजबूर है। वक्ताओं ने कहा कि किसानों की इस दुर्दशा के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। जिसने कई दिन से तौल बंद होने के बाद भी इस दिशा में कोई सार्थक कदम नहीं उठाए हैं। जबकि गन्ना किसान काफी परेशान है। यदि ऐसे ही हालात रहे तो जिले के सभी गन्ना किसान व्यवस्था को छिन्न-भिन्न कर देंगे। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। किसानों ने गन्ना मिल प्रशासन और अधिकारियों के खिलाफ भी जोरदार नारेबाजी की। दोपहर को किसान जुलूस निकालते के साथ ज्ञापन देने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे। इस बीच उन्होंने कचहरी तिराहे पर जाम भी लगाया। जाम की वजह से दोनों और वाहनों की कतार लग गई। पुलिस ने किसानों को ज्ञापन देने के लिए एडीएम कार्यालय भेजा। यहां पहुंचकर किसानों ने जमकर नारेबाजी की। एडीएम एफआर महेंद्र सिंह ने किसानों के बीच में पहुंचकर उनका ज्ञापन लिया। किसानों को आश्वासन दिया कि बंद क्रय केंद्रों को खोलने के निर्देश दिए हैं, जल्द ही वह खुल जाएंगे।
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यदु शुगर मिल पर 90 करोड़ बकाया
किसानों की आय दोगुनी करने की बात करने वाली केंद्र और राज्य सरकार जिले के सैकड़ों गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान नहीं दिला पा रही है। बिसौली स्थित यदु शुगर मिल पर जिले के सैकड़ों किसानों का 90 करोड़ से अधिक बकाया है। हालांकि सरकार किसानों के आंसू पोंछने की बात कह रही है। शासन का स्पष्ट कहना है कि वह प्रदेश के सभी चीनी मिल प्रशासन को बकाया भुगतान करने के आदेश दे चुकी है।
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...और जब पुलिस के फूल गए हाथ-पांव
काफी संख्या में किसानों के हाथों में गन्ना लिए देख पुलिस प्रशासन के भी हाथ पैर फूल गए। पुलिस वालों को इस बात का अंदेशा था कि कहीं कोई किसान गड़बड़ न कर दें, तब स्थिति बिगाड़ सकती है। पुलिस वालों का रवैया काफी नरम रहा। कुछ पुलिस वालों ने ये भी कहा कि किसानों की समस्या जायज है लेकिन वह क्या कर सकते हैं। पुलिस वालों की बात को सुनकर किसान भी शांत ही रहे। तीन चार घंटे तक किसान अपना विरोध प्रदर्शित करते रहे। उनके जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
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प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
अन्नदाता किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, मुनेंद्रपाल शर्मा, भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रवेंद्र सिंह, जमुना सिंह, राजकुमार सिंह, शंकर लाल, कुलदीप, पप्पू, सुखलाल, महेश, मुन्नी, राजकुमारी, जमुना सिंह आदि रहे।
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अभी अरली और सामान्य गन्ने की खरीद की जा रही है। इसी हिसाब से इंडेंड जारी किया जा रहा है। पिछले दो साल से किसानों से रिजेक्ट गन्ना बंद करने को कहा जा रहा है। कुछ माफिया गन्ना किसानों को भड़का रहे हैं। पर्चियों के आधार पर गन्ने की खरीद की जा रही है।
- एचएस गंगवार, यूनिट हेड यदु शुगर मिल
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कलक्ट्रेट पर गन्ना किसानों का जोरदार प्रदर्शन, जाम लगाया, नारेबाजी
किसानों ने एडीएम कार्यालय को भी घेरा, एडीएम एफआर और जिला गन्ना अधिकारी के आश्वासन पर शांत हुए किसान
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। गन्ना खरीद शुरू होने से पहले ही किसान समस्याओं से जूझने लगे हैं। कई दिनों से किसान गन्ने को लेकर तौल के लिए केंद्रों पर जमे हुए हैं, लेकिन तौल नहीं हो रही है। सर्दी के मौसम में घर छोड़कर केंद्रों पर जमे इन किसानों का आक्रोश सोमवार को चरम पर पहुंच गया। दातागंज रोड स्थित एक मैदान पर काफी संख्या में जमा होकर किसानों ने तौल नहीं होने पर हंगामा किया। राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हजारों की संख्या में गन्ना किसानों के सड़क पर आने की खबर मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। सर्दी के मौसम में किसानों के तेवर बेहद आक्रामक थे। पुलिस ने शांत रहना ही उचित समझा, हालांकि पुलिस ने गन्ना महकमे के अफसरों से बात कर समस्याओं को दूर कराने का आश्वासन दिया, लेकिन कई दिनों से परेशान ये किसान पुलिस की सुनने को तैयार नहीं थे। कहा कि शासन की मंशा ही अन्नदाताओं को परेशान करने की रही है। यही वजह है कि जिले के अनेक गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान नहीं हुआ है। जिसकी वजह से किसान आर्थिक दुश्वारियां उठा रहे हैं। जुलूस की शक्ल में पहुंचे किसानों ने कचहरी तिराहे पर जाम लगाया, फिर एडीएम एफआर कार्यालय पर प्रदर्शन किया। बाद में एडीएम एफआर और जिला गन्ना अधिकारी के आश्वासन पर शांत हुए।
ट्रैक्टर-ट्रॉलियों ओर बाइकों के जरिए गन्ना किसान सुबह से ही यहां पर पहुंचने लगे। दोपहर तक उनकी संख्या काफी हो गई। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शासन के आदेश पर नया पेराई सत्र 25 नवंबर से शुरू हो गया है। जिले की एक मात्र सहकारी चीनी मिल शेखूपुर और यदु शुगर मिल ने गन्ना क्रय केंद्र भी खोले, जो सिर्फ नाम को ही है। अधिकतर केंद्रों पर गन्ने की तौल नहीं हो रही है। मजबूरन बहुत से किसान कोल्हू वालों को कम दाम पर गन्ना बेचने को मजबूर है। वक्ताओं ने कहा कि किसानों की इस दुर्दशा के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है। जिसने कई दिन से तौल बंद होने के बाद भी इस दिशा में कोई सार्थक कदम नहीं उठाए हैं। जबकि गन्ना किसान काफी परेशान है। यदि ऐसे ही हालात रहे तो जिले के सभी गन्ना किसान व्यवस्था को छिन्न-भिन्न कर देंगे। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। किसानों ने गन्ना मिल प्रशासन और अधिकारियों के खिलाफ भी जोरदार नारेबाजी की। दोपहर को किसान जुलूस निकालते के साथ ज्ञापन देने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे। इस बीच उन्होंने कचहरी तिराहे पर जाम भी लगाया। जाम की वजह से दोनों और वाहनों की कतार लग गई। पुलिस ने किसानों को ज्ञापन देने के लिए एडीएम कार्यालय भेजा। यहां पहुंचकर किसानों ने जमकर नारेबाजी की। एडीएम एफआर महेंद्र सिंह ने किसानों के बीच में पहुंचकर उनका ज्ञापन लिया। किसानों को आश्वासन दिया कि बंद क्रय केंद्रों को खोलने के निर्देश दिए हैं, जल्द ही वह खुल जाएंगे।
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यदु शुगर मिल पर 90 करोड़ बकाया
किसानों की आय दोगुनी करने की बात करने वाली केंद्र और राज्य सरकार जिले के सैकड़ों गन्ना किसानों के बकाए का भुगतान नहीं दिला पा रही है। बिसौली स्थित यदु शुगर मिल पर जिले के सैकड़ों किसानों का 90 करोड़ से अधिक बकाया है। हालांकि सरकार किसानों के आंसू पोंछने की बात कह रही है। शासन का स्पष्ट कहना है कि वह प्रदेश के सभी चीनी मिल प्रशासन को बकाया भुगतान करने के आदेश दे चुकी है।
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...और जब पुलिस के फूल गए हाथ-पांव
काफी संख्या में किसानों के हाथों में गन्ना लिए देख पुलिस प्रशासन के भी हाथ पैर फूल गए। पुलिस वालों को इस बात का अंदेशा था कि कहीं कोई किसान गड़बड़ न कर दें, तब स्थिति बिगाड़ सकती है। पुलिस वालों का रवैया काफी नरम रहा। कुछ पुलिस वालों ने ये भी कहा कि किसानों की समस्या जायज है लेकिन वह क्या कर सकते हैं। पुलिस वालों की बात को सुनकर किसान भी शांत ही रहे। तीन चार घंटे तक किसान अपना विरोध प्रदर्शित करते रहे। उनके जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
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प्रदर्शन में ये रहे मौजूद
अन्नदाता किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह, मुनेंद्रपाल शर्मा, भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रवेंद्र सिंह, जमुना सिंह, राजकुमार सिंह, शंकर लाल, कुलदीप, पप्पू, सुखलाल, महेश, मुन्नी, राजकुमारी, जमुना सिंह आदि रहे।
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अभी अरली और सामान्य गन्ने की खरीद की जा रही है। इसी हिसाब से इंडेंड जारी किया जा रहा है। पिछले दो साल से किसानों से रिजेक्ट गन्ना बंद करने को कहा जा रहा है। कुछ माफिया गन्ना किसानों को भड़का रहे हैं। पर्चियों के आधार पर गन्ने की खरीद की जा रही है।
- एचएस गंगवार, यूनिट हेड यदु शुगर मिल