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रूबी की खोज में जुटे गोताखोरों को गंगा में मिला अज्ञात शव
Updated Thu, 03 May 2018 01:40 AM IST
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रूबी की खोज में जुटे गोताखोरों को गंगा में मिला अज्ञात शव
कछला घाट पर ननाखेड़ा निवासी लड़की की गुमशुदगी का मामला
गंगा में लोग जलप्रवाह कर जाते हैं अविवाहितों के शव
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)।
बुद्घ पूर्णिमा वाले दिन गंगा नहाते समय गुम ननाखेड़ा निवासी ग्रामीण की बेटी की गुमशुदगी के मामले में परिजन तीसरे दिन भी गंगाघाट पर डटे रहे। उन्होंने गोताखोरों के जरिये पश्चिमी छोर पर काफी दूर तक तलाश भी कराई। खोजबीन के दौरान गोताखोरों के हत्थे एक शव आ गया, लेकिन वह रूबी का नहीं था। बाद में उसका प्रवाह कर दिया गया।
गुम रूबी का पिता राजेंद्र शर्मा अपने परिजनों और गोताखोरों के साथ बुधवार सुबह में फिर कछला गंगाघाट पर पहुंच गया। उसने गोताखोरों को बुलाकर गंगा के पश्चिमी छोर कादरचौक की ओर से खोजबीन कराई। नाव के जरिये करीब दो किलोमीटर तक खोजबीन में लगे गोताखोरों को पूर्वाह्न एक शव मिल गया। उसे बाहर निकाल कर देखा तो वह भी किसी युवती का था। राजेंद्र समेत उसके घरवालों ने शव को देखा लेकिन उसे रूबी का शव होने से इंकार कर दिया। बाद में गोताखोरों ने उसे फिर से गंगा में बहा दिया। गोताखोरों की मानें तो कुछ लोग अविवाहित शव का दाह संस्कार करने की बजाय उनका जलप्रवाह कर देते हैं। यह शव भी उन्हीं में से कोई था।
शाम तक रूबी की खोजबीन का काम चला। गोताखोरों ने रूबी के पिता को यह भी बताया कि कोई भी अगर गंगा में डूब जाता है तो उसका शव 24 घंटे के बाद गंगा में उतराने लगता है। बता दें कि गंगा में जल स्तर भी काफी कम है, लेकिन रूबी का पता नहीं लगने से उसके घरवालों की परेशानी बढ़ गई है। गुम लड़की का पिता शाम को कछला चौकी पर भी पहुंचा। पुलिस ने घरवालों को आसपास इलाके में भी खोजबीन करने की सलाह दी है। इधर, चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार ने बताया कि रूबी को डूबते हुए किसी भी परिजन ने नहीं देखा था। उन्होंने गंगा में कोई शव मिलने से इंकार किया है।
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कछला घाट पर ननाखेड़ा निवासी लड़की की गुमशुदगी का मामला
गंगा में लोग जलप्रवाह कर जाते हैं अविवाहितों के शव
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)।
बुद्घ पूर्णिमा वाले दिन गंगा नहाते समय गुम ननाखेड़ा निवासी ग्रामीण की बेटी की गुमशुदगी के मामले में परिजन तीसरे दिन भी गंगाघाट पर डटे रहे। उन्होंने गोताखोरों के जरिये पश्चिमी छोर पर काफी दूर तक तलाश भी कराई। खोजबीन के दौरान गोताखोरों के हत्थे एक शव आ गया, लेकिन वह रूबी का नहीं था। बाद में उसका प्रवाह कर दिया गया।
गुम रूबी का पिता राजेंद्र शर्मा अपने परिजनों और गोताखोरों के साथ बुधवार सुबह में फिर कछला गंगाघाट पर पहुंच गया। उसने गोताखोरों को बुलाकर गंगा के पश्चिमी छोर कादरचौक की ओर से खोजबीन कराई। नाव के जरिये करीब दो किलोमीटर तक खोजबीन में लगे गोताखोरों को पूर्वाह्न एक शव मिल गया। उसे बाहर निकाल कर देखा तो वह भी किसी युवती का था। राजेंद्र समेत उसके घरवालों ने शव को देखा लेकिन उसे रूबी का शव होने से इंकार कर दिया। बाद में गोताखोरों ने उसे फिर से गंगा में बहा दिया। गोताखोरों की मानें तो कुछ लोग अविवाहित शव का दाह संस्कार करने की बजाय उनका जलप्रवाह कर देते हैं। यह शव भी उन्हीं में से कोई था।
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शाम तक रूबी की खोजबीन का काम चला। गोताखोरों ने रूबी के पिता को यह भी बताया कि कोई भी अगर गंगा में डूब जाता है तो उसका शव 24 घंटे के बाद गंगा में उतराने लगता है। बता दें कि गंगा में जल स्तर भी काफी कम है, लेकिन रूबी का पता नहीं लगने से उसके घरवालों की परेशानी बढ़ गई है। गुम लड़की का पिता शाम को कछला चौकी पर भी पहुंचा। पुलिस ने घरवालों को आसपास इलाके में भी खोजबीन करने की सलाह दी है। इधर, चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार ने बताया कि रूबी को डूबते हुए किसी भी परिजन ने नहीं देखा था। उन्होंने गंगा में कोई शव मिलने से इंकार किया है।
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