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बीएससी, एमए वाले डाकिया बाबू बनने को तैयार
Updated Fri, 24 Nov 2017 12:45 AM IST
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लाइन में लगे आवेदक।
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। बेरोजगारी का आलम न पूछिए, ग्रामीण डाक सेवकों के पदों के लिए निकली नौकरी लेने को लंबी कतार लगी है। इसमें भी हैरत की बात यह है कि हाईस्कूल स्तर की इस ग्रामीण क्षेत्र की नौकरी को डीयू से बीएससी और अन्य प्रतिष्ठित विश्व विद्यालयों से डिग्री लिए युवा मैदान में हैं। वह कहते हैं कि कुछ नहीं से कुछ बेहतर है। मुख्य डाकघर में गुरुवार को फीस जमा करने आए ऐसे ही कुछ युवाओं से अमर उजाला टीम ने बात की तो उन्होंने अपनी बात यूं रखी।
पड़ोसी जिले कासगंज के सोरों से शैलेष कुमार यहां फीस जमा करने आए थे। उन्होंने बताया कि वह बीए कर चुके हैं। काफी समय से जॉब की तलाश कर रहे हैं पर कायदे का कोई काम नहीं मिल रहा। अब कंपटीशन की तैयारी कर रहे हैं। यह वेकेंसी निकली तो सोचा आवेदन कर दें, अब चयन हो गया तो घर के पास नौकरी मिल जाएगी।
बिल्सी के ढढूमरा गांव के मूल निवासी राहुल शर्मा का बदायूं में अपना मकान है। राहुल ने बताया कि वह दिल्ली विवि से बीएससी कर चुके हैं। इसके अलावा बीटीसी कंपलीट कर टेट का टेस्ट भी निकाल चुके हैं पर नौकरी नहीं मिल रही। इसलिए यह फार्म भरा है। बताया कि भाई सुमित भी बीटेक करके गुजरात में नौकरी कर रहा है। उसकी भी फीस जमा करने आए हैं। गुजरात के बजाय अपने क्षेत्र में छोटी नौकरी करना वह बेहतर समझते हैं।
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दातागंज के सुल्तानपुर से बृजेश कुमार आए थे। वह बीएससी कर चुके हैं और इन दिनों कंप्यूटर ट्रेड से आईटीआई कर रहे हैं। बताया कि हर साल नौकरी के लिए कई आवेदन करते हैं पर नतीजा कुछ नहीं निकलता।
गुन्नौर के अहरोला नवाजी गांव निवासी पंकज कुमार भी लाइन में लगे थे। उन्होंने बताया कि एमए कर चुके हैं। एलएलबी अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं पर सुरक्षित नौकरी मिल जाए तो क्या कहना। इसीलिए प्रयास कर रहे हैं, देखें क्या होता है।
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126 पदों पर हजारों दावेदार
बदायूं। प्रदेश भर में ग्रामीण डाक सेवा के तहत करीब 5300 पदों पर भर्ती होनी है। सहायक डाक अधीक्षक अजय जैन ने बताया कि इनमें डाकसेवक, पत्रवाहक, पत्र छंटाई करने वाले, शाखा डाकपाल आदि पदों पर नियुक्ति होनी है। बदायूं जिले में ही 126 पद हैं। इसके लिए योग्यता हाईस्कूल है। हाईस्कूल की मेरिट के आधार पर भर्ती होनी है। इससे ज्यादा योग्यता होने का कोई अतिरिक्त भारांक नहीं है। आवेदन ऑनलाइन होने के बाद सौ रुपये फीस डाकघर में जमा करनी होती है। दूसरे डाकघरों में भी फीस जमा हो रही है। मुख्य डाकघर में ही रोज करीब पांच सौ आवेदक फीस जमा कर रहे हैं।
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पड़ोसी जिले कासगंज के सोरों से शैलेष कुमार यहां फीस जमा करने आए थे। उन्होंने बताया कि वह बीए कर चुके हैं। काफी समय से जॉब की तलाश कर रहे हैं पर कायदे का कोई काम नहीं मिल रहा। अब कंपटीशन की तैयारी कर रहे हैं। यह वेकेंसी निकली तो सोचा आवेदन कर दें, अब चयन हो गया तो घर के पास नौकरी मिल जाएगी।
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बिल्सी के ढढूमरा गांव के मूल निवासी राहुल शर्मा का बदायूं में अपना मकान है। राहुल ने बताया कि वह दिल्ली विवि से बीएससी कर चुके हैं। इसके अलावा बीटीसी कंपलीट कर टेट का टेस्ट भी निकाल चुके हैं पर नौकरी नहीं मिल रही। इसलिए यह फार्म भरा है। बताया कि भाई सुमित भी बीटेक करके गुजरात में नौकरी कर रहा है। उसकी भी फीस जमा करने आए हैं। गुजरात के बजाय अपने क्षेत्र में छोटी नौकरी करना वह बेहतर समझते हैं।
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दातागंज के सुल्तानपुर से बृजेश कुमार आए थे। वह बीएससी कर चुके हैं और इन दिनों कंप्यूटर ट्रेड से आईटीआई कर रहे हैं। बताया कि हर साल नौकरी के लिए कई आवेदन करते हैं पर नतीजा कुछ नहीं निकलता।
गुन्नौर के अहरोला नवाजी गांव निवासी पंकज कुमार भी लाइन में लगे थे। उन्होंने बताया कि एमए कर चुके हैं। एलएलबी अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं पर सुरक्षित नौकरी मिल जाए तो क्या कहना। इसीलिए प्रयास कर रहे हैं, देखें क्या होता है।
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126 पदों पर हजारों दावेदार
बदायूं। प्रदेश भर में ग्रामीण डाक सेवा के तहत करीब 5300 पदों पर भर्ती होनी है। सहायक डाक अधीक्षक अजय जैन ने बताया कि इनमें डाकसेवक, पत्रवाहक, पत्र छंटाई करने वाले, शाखा डाकपाल आदि पदों पर नियुक्ति होनी है। बदायूं जिले में ही 126 पद हैं। इसके लिए योग्यता हाईस्कूल है। हाईस्कूल की मेरिट के आधार पर भर्ती होनी है। इससे ज्यादा योग्यता होने का कोई अतिरिक्त भारांक नहीं है। आवेदन ऑनलाइन होने के बाद सौ रुपये फीस डाकघर में जमा करनी होती है। दूसरे डाकघरों में भी फीस जमा हो रही है। मुख्य डाकघर में ही रोज करीब पांच सौ आवेदक फीस जमा कर रहे हैं।