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इमरजेंसी वार्ड के बाहर भरा सीवर का पानी
Updated Wed, 01 Nov 2017 06:08 PM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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बदायूं। सीवर टैंक लीकेज होने से इमरजेंसी वार्ड के बाहर तीन दिन से बदबूदार गंदा पानी भरा है। दुर्गंध की वजह से मरीज और तीमारदारों का यहां रुकना मुश्किल हो गया है। अस्पताल में लगभग सभी डॉक्टर दिन में जो से तीन बार वार्ड में मरीजों को देखने आते हैं लेकिन किसी ने भी वार्ड के बाहर सफाई कराने की जहमत नहीं उठाई।
स्वास्थ्य विभाग मरीजों को बेहतर सुविधा देने का दावा करता है लेकिन वहीं अगर सरकारी अस्पतालों की बात तो अस्पतालों में मरीजों को रुकना मुश्किल है। जिला अस्पताल में सीवर टैंक लीकेज से इमरजेंसी वार्ड के बाहर तीन दिन से गंदा पानी भरा है। तीन से भरे पानी की दुर्गंध से मरीज और तीमार दारों का बुरा हाल है। लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की वजह से सीवर टैंक की लीकेज ठीक नहीं हो सकी। सीवर टैंक और सफाई की देखरेख की व्यवस्था संभालने वाले जिम्मेदार डॉक्टर भी अंजान बैठे हैं। आलम यह है कि इमरजेंसी वार्ड के पास खड़े होने वाले डॉक्टर, कर्मचारी, मरीज, तीमारदार आदि लोग बदबू की वजह से मुंह पर रूमाल रखे दिखाई दिए। सीएमएस डॉ. आरएस यादव का कहना है कि अस्पताल की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी अस्पताल के बाबुओं की होती है। जिम्मेदार लोगों को समस्या से अवगत करा दिया गया है। जल्द ही सीवर टैंक लीकेज को ठीक करा दिया जाएगा।
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स्वास्थ्य विभाग मरीजों को बेहतर सुविधा देने का दावा करता है लेकिन वहीं अगर सरकारी अस्पतालों की बात तो अस्पतालों में मरीजों को रुकना मुश्किल है। जिला अस्पताल में सीवर टैंक लीकेज से इमरजेंसी वार्ड के बाहर तीन दिन से गंदा पानी भरा है। तीन से भरे पानी की दुर्गंध से मरीज और तीमार दारों का बुरा हाल है। लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की वजह से सीवर टैंक की लीकेज ठीक नहीं हो सकी। सीवर टैंक और सफाई की देखरेख की व्यवस्था संभालने वाले जिम्मेदार डॉक्टर भी अंजान बैठे हैं। आलम यह है कि इमरजेंसी वार्ड के पास खड़े होने वाले डॉक्टर, कर्मचारी, मरीज, तीमारदार आदि लोग बदबू की वजह से मुंह पर रूमाल रखे दिखाई दिए। सीएमएस डॉ. आरएस यादव का कहना है कि अस्पताल की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी अस्पताल के बाबुओं की होती है। जिम्मेदार लोगों को समस्या से अवगत करा दिया गया है। जल्द ही सीवर टैंक लीकेज को ठीक करा दिया जाएगा।
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