{"_id":"5b3e5efa4f1c1bbe248b4b81","slug":"131530814202-budaun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दादामियां के माता-पिता की मजार पर हुआ लंगर-कुरानख्वानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दादामियां के माता-पिता की मजार पर हुआ लंगर-कुरानख्वानी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Thu, 05 Jul 2018 11:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक ओर जहां लोग अपने स्वार्थ के लिए जाति और धर्म का सहारा लेकर लोगों के दिलों में नफरत पैदा करने में लगे हैं। वहीं विकासखंड जगत क्षेत्र के गांव बमनी में दादा मियां के माता-पिता की मजार पर गुरुवार को लंगर और कुरानख्वानी में हजारों हिंदू-मुस्लिम लोगों ने हिस्सा लेकर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की।
सखानू में दादा मियां की मजार है। उनके माता-पिता मूलरूप से बमनी गांव के रहने वाले थे। वहीं पर उनकी मजार है। लोगों ने इसके लिए अपना खेत छोड़ दिया था। साथ ही पीने के पानी को हैंडपंप भी लगवाया था। आज उनकी मजार पर लंगर और कुरानख्वानी का आयोजन किया गया। दोनों धर्मों के लोग एक-दूसरे को लंगर और कुरानख्वानी करा रहे थे। इस मौके पर हजरत जिया मियां, हाफिज फैजान अशरफ आदि प्रमुख लोग थे।
विज्ञापन
सखानू में दादा मियां की मजार है। उनके माता-पिता मूलरूप से बमनी गांव के रहने वाले थे। वहीं पर उनकी मजार है। लोगों ने इसके लिए अपना खेत छोड़ दिया था। साथ ही पीने के पानी को हैंडपंप भी लगवाया था। आज उनकी मजार पर लंगर और कुरानख्वानी का आयोजन किया गया। दोनों धर्मों के लोग एक-दूसरे को लंगर और कुरानख्वानी करा रहे थे। इस मौके पर हजरत जिया मियां, हाफिज फैजान अशरफ आदि प्रमुख लोग थे।
विज्ञापन