फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   दवाओं की किल्लत के बीच बुखार से सात और मौतें

दवाओं की किल्लत के बीच बुखार से सात और मौतें

Sun, 27 Aug 2017 07:59 PM IST
Updated Sun, 27 Aug 2017 07:59 PM IST
विज्ञापन
दवाओं की किल्लत के बीच बुखार से सात और मौतें
बदायूं। दवाओं की किल्लत के बीच चौबीस घंटे में जगत, समरेर और वजीरगंज ब्लॉक के गांवों में बुखार से सात लोगों की जान चली गई। वजीरगंज ब्लॉक के गांव पेंपल में एक छात्रा समेत चार लोगों की मौत हो गई। जबकि जगत के गांव उतरना और तजपुरा में एक-एक जान चली गई। वहीं समरेर ब्लॉक के गांव बौरा में भी बुखार से एक मौत हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अफसर बुखार से हो रहीं मौतों पर काबू पाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहे हैं। छह और मौतों के बाद जिले में बुखार से मरने वालों का आंकड़ा दो दर्जन के पार हो गया है। दवाओं की किल्लत पर शनिवार को एडी हेल्थ ने सीएमओ से रिपोर्ट भी तलब की थी। दवाओं की खरीद न होने पर नाराजगी भी जताई थी। सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा का कहना है कि जहां से भी बुखार की सूचना मिल रही है, टीम को भेजा जा रहा है।
विज्ञापन

सैदपुर/बगरैन। जगत के बाद बुखार का कहर वजीरगंज ब्लॉक में भी पहुंच गया है। क्षेत्र के गांव पेंपल में चौबीस घंटे के भीतर बुखार से एक छात्रा समेत चार लोगों की मौत हो गई। चार मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम रविवार को गांव पहुंची। पेंपल निवासी विश्नू दयाल की 20 वर्षीय बेटी कुमारी लोकेश को चार दिन से बुखार आ रहा था। इलाज के दौरान शनिवार रात एक निजी अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। इसी गांव के बृजपाल की 18 वर्षीय बेटी कुमारी रिंकी की भी बुखार से मौत हो गई। रिंकू का इलाज भी निजी डॉक्टर से कराया जा रहा था। रविवार सुबह रेवती लाल के छह साल के बेटे भूपेंद्र की बुखार से मौत हो गई। हालत बिगड़ने पर परिवारवाले भूपेंद्र को इलाज के लिए ले जा रहे थे। उससे पहले ही भूपेंद्र ने दम तोड़ दिया। इसी गांव के 68 वर्षीय बुजुर्ग छुन्नी मौर्य को भी कई दिन से बुखार आ रहा था। उन्होंने भी रविवार सुबह दम तोड़ दिया। एक ही गांव में बुखार से चार मौतों के बाद गांव के लोग दहशत में हैं। यहां माहौल गमगीन है।
विज्ञापन

मूसाझाग/गुलडिय़ा। जगत ब्लॉक के गांव तजपुरा और उतरना में भी रविवार को बुखार ने दो जिंदगियां निगल लीं। इस ब्लॉक में बुखार से मरने वालों की संख्या अब तक 20 हो गई है। तजपुरा निवासी अरविंद की आठ वर्षीय बेटी संतोष को कई दिन से बुखार आ रहा था। परिवार वाले निजी डॉक्टर से इलाज करा रहे थे। रविवार को संतोष ने दम तोड़ दिया। इधर, उतरना गांव में बुखार पीड़ित 67 वर्षीय छुट्टन अंसारी ने बुखार के चलते दम तोड़ दिया। गांव के लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र गुलड़िय़ा नजदीक होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने गांव की सुध नहीं ली है। गांव में सरताज (10), बेबी (8), शब्बू (7), अनस (5), निशा (13), भगवती (40), गनेशा देवी (65), दीपक (15), राजेश्वर (65), पुत्तन (35), अभिलाख (28), अनवर (70), दिलावर (27), आसमां (26), आसिम (16) समेत दो दर्जन लो बीमार हैं। दातागंज। समरेर ब्लॉक में भी जानलेवा बुखार का प्रकोप पहुंच गया है। क्षेत्र के गांव बौरा में रविवार को गांव के 48 वर्षीय बाबूराम पुत्र शिवदयाल की बुखार से मौत हो गई। उनको दो दिन पहले बुखार आया था। गांव में वीरावती, राम सिंह, मोहिनी, गंगाराम, गुड्डू, देववती समेत दो दर्जन लोग बीमार हैं। समरेर स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. राजवीर ने बताया कि बुखार के सीजन में अस्पताल की ओपीडी में 300 से 400 मरीज पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

हालात बिगड़ने पर 20 हजार पैरासीटामॉल खरीदीं
बदायूं। बुखार से लगातार हो रहीं मौतों से जब हालात बेकाबू होने लगे तब स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बुखार में काम आने वाली पैरासीटामॉल टेबलेट की लोकल परचेज की है। स्थानीय स्तर पर विभाग ने 20 हजार पैरासीटामॉल टेबलेट खरीदी हैं। इनका वितरण इन गांवों में कराया जा रहा है जहां बुखार का प्रकोप है।


जो मौतें सामान्य या अन्य किसी गंभीर बीमारी से हो रही हैं उनको भी बुखार से मलेरिया से मौत होना बताया जा रहा है। सीएमओ को सख्त निर्देश दिए गए हैं। बुखार से हो रही मौतों पर काबू पाने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस संबंध में शासन को भी अवगत करा दिया गया है।
डॉ. प्रमिला गौड़, एडी हेल्थ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed