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जेल पहुंचा मलेरिया, डेंगू का डंक, 28 सेंपल लिए
Updated Wed, 23 Aug 2017 11:51 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जगत ब्लॉक से शुरू हुआ मलेरिया का प्रकोप जिला जेल तक पहुंच गया है। कई बंदी और कैदी बुखार की चपेट में हैं। जेल प्रशासन ने इस बारे में स्वास्थ्य विभाग को लिखा, इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जेल में बंद 28 बंदियों और कैदियों के सेंपल लिए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट गुरुवार तक आ जाएगी।
जिला जेल की क्षमता 529 बंदियों और कैदियों को रखने की है। यहां क्षमता से चार गुना 1900 से ज्यादा बंदी और कैदी बंद हैं। ऐसे में संक्रामक रोगों के सीजन में बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। जिले में 15 दिन पहले ही मलेरिया दस्तक दे चुका है। अब तक 17 लोगों की जान भी जा चुकी है। जेल में कई बंदियों और कैदियों को बुखार की शिकायत पर जेल प्रशासन भी हरकत में आ गया। हालांकि, इनका जेल अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके बावजूद जेल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मलेरिया और डेंगू के संदिग्ध मरीजों की जांच करा लेना जरूरी समझा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को लिखा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जेल पहुंच कर यहां बंद बंदियों और कैदियों के 28 सेंपल लिए हैं। इनकी जांच की जा रही है। गुरुवार को रिपोर्ट आने साथ साफ हो जाएगा कि जेल में कोई बंदी-कैदी मलेरिया या डेंगू की चपेट में तो नहीं है। जेलर प्रेम सागर शुक्ला ने बताया कि एहतियात के तौर पर बंदियों और कैदियों के रक्त की जांच कराई गई है। ताकि अगर किसी बंदी-कैदी को डेंगू या मलेरिया की शिकायत होती है तो उसका बेहतर इलाज कराया जा सके।
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सात गांवों में मिले बुखार के 556 मरीज, 120 स्लाइड बनाईं
हेल्थ टीमों ने 11 मरीजों के सेंपल जांच को लैब भेजे
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जगत ब्लॉक में 15 दिन पहले बुखार का प्रकोप शुरू हुआ था। स्वास्थ्य विभाग ने सुध नहीं ली, इसके चलते 18 अगस्त को ललबुझिया गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। बुखार से जिले में लगातार मौतों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को जगत ब्लॉक के गांव ललबुझिया, पड़ौलिया, अंतेनगला, गोविंद नगला, फरीदापुर, रायपुर, उझौली में हेल्थ कैंप लगाए। कैंपों के दौरान इन गांवों में बुखार के 556 मरीज मिले। 120 लोगों की स्लाइड बनाई गई और डेंगू के संदिग्ध 11 मरीजों के सेंपल निए गए। हेल्थ कैंप के दौरान मरीजों को दवाओं का वितरण भी किया गया। इधर, ग्राम पंचायतों की ओर से अब तक गांवों में डीडीटी पाउडर और मच्छरनाशक दवाओं का छिड़काव शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में स्थिति काबू में नहीं आ रही। संक्रामक रोग नियंत्रण सेल प्रभारी डॉ. कौशल गुप्ता ने बताया कि जिन गांवों में ज्यादा खतरा है वहां फोकस किया जा रहा है। हालात धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रहे हैं।
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सहपुरा में 18 लोग बुखार की चपेट में
गुलड़िया। जगत ब्लॉक के गांव सहपुरा में भी बुखार ने दस्तक दे दी है। गांव में 18 से ज्यादा लोग बुखार की चपेट में हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव की सुध नहीं ली है। गांव में संगीता, विनीत कुमार, प्रदीप, हशमुख, बंटू, विवेक, राजीव, जगदीश, सुनीता, लल्लू, राजीव, रवि, रिंकू, प्रेमपाल, अवनीश आदि बुखार की चपेट में हैं। चार लोगों का जिला अस्पताल में भी इलाज चल रह है।
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जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया के तीन और मरीज मिले
बदायूं। जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। स्लाइड जांच में चार और मरीजों को इस जानलेवा मलेरिया की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही इनकी तादाद सात हो गई है। मरीजों का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि सभी की हालत में सुधार है।
जिले में जानलेवा बुखार अब तक 17 लोगों की जान ले चुका है। कई प्रयासों के बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पा रहे। जिले में जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। मंगलवार को रायपुर और पड़ौलिया गांवों में बुखार पीड़ितों के सेंपल लिए गए थे। बुधवार को इनकी जांच रिपोर्ट आ गई है। इनमें चार लोगों को फैल्सीपेरम मलेरिया और 11 लोगों को मलेरिया की पुष्टि हुई है। ज्यादा गंभीर लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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वर्जन...
हालात अब सामान्य हो रहे हैं। जिन गांवों में बुखार का प्रकोप है वहां अभियान चलाकर व्यापक रूप से हेल्थ कैंप लगाए जा रहे हैं। कुछ ही समय में हालात पर पूरी तरह से काबू पा लिया जाएगा।
-डॉ. नेमी चंद्रा, सीएमओ
बदायूं। जगत ब्लॉक से शुरू हुआ मलेरिया का प्रकोप जिला जेल तक पहुंच गया है। कई बंदी और कैदी बुखार की चपेट में हैं। जेल प्रशासन ने इस बारे में स्वास्थ्य विभाग को लिखा, इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जेल में बंद 28 बंदियों और कैदियों के सेंपल लिए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट गुरुवार तक आ जाएगी।
जिला जेल की क्षमता 529 बंदियों और कैदियों को रखने की है। यहां क्षमता से चार गुना 1900 से ज्यादा बंदी और कैदी बंद हैं। ऐसे में संक्रामक रोगों के सीजन में बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। जिले में 15 दिन पहले ही मलेरिया दस्तक दे चुका है। अब तक 17 लोगों की जान भी जा चुकी है। जेल में कई बंदियों और कैदियों को बुखार की शिकायत पर जेल प्रशासन भी हरकत में आ गया। हालांकि, इनका जेल अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके बावजूद जेल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मलेरिया और डेंगू के संदिग्ध मरीजों की जांच करा लेना जरूरी समझा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को लिखा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जेल पहुंच कर यहां बंद बंदियों और कैदियों के 28 सेंपल लिए हैं। इनकी जांच की जा रही है। गुरुवार को रिपोर्ट आने साथ साफ हो जाएगा कि जेल में कोई बंदी-कैदी मलेरिया या डेंगू की चपेट में तो नहीं है। जेलर प्रेम सागर शुक्ला ने बताया कि एहतियात के तौर पर बंदियों और कैदियों के रक्त की जांच कराई गई है। ताकि अगर किसी बंदी-कैदी को डेंगू या मलेरिया की शिकायत होती है तो उसका बेहतर इलाज कराया जा सके।
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सात गांवों में मिले बुखार के 556 मरीज, 120 स्लाइड बनाईं
हेल्थ टीमों ने 11 मरीजों के सेंपल जांच को लैब भेजे
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। जगत ब्लॉक में 15 दिन पहले बुखार का प्रकोप शुरू हुआ था। स्वास्थ्य विभाग ने सुध नहीं ली, इसके चलते 18 अगस्त को ललबुझिया गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। बुखार से जिले में लगातार मौतों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को जगत ब्लॉक के गांव ललबुझिया, पड़ौलिया, अंतेनगला, गोविंद नगला, फरीदापुर, रायपुर, उझौली में हेल्थ कैंप लगाए। कैंपों के दौरान इन गांवों में बुखार के 556 मरीज मिले। 120 लोगों की स्लाइड बनाई गई और डेंगू के संदिग्ध 11 मरीजों के सेंपल निए गए। हेल्थ कैंप के दौरान मरीजों को दवाओं का वितरण भी किया गया। इधर, ग्राम पंचायतों की ओर से अब तक गांवों में डीडीटी पाउडर और मच्छरनाशक दवाओं का छिड़काव शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में स्थिति काबू में नहीं आ रही। संक्रामक रोग नियंत्रण सेल प्रभारी डॉ. कौशल गुप्ता ने बताया कि जिन गांवों में ज्यादा खतरा है वहां फोकस किया जा रहा है। हालात धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रहे हैं।
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सहपुरा में 18 लोग बुखार की चपेट में
गुलड़िया। जगत ब्लॉक के गांव सहपुरा में भी बुखार ने दस्तक दे दी है। गांव में 18 से ज्यादा लोग बुखार की चपेट में हैं। अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव की सुध नहीं ली है। गांव में संगीता, विनीत कुमार, प्रदीप, हशमुख, बंटू, विवेक, राजीव, जगदीश, सुनीता, लल्लू, राजीव, रवि, रिंकू, प्रेमपाल, अवनीश आदि बुखार की चपेट में हैं। चार लोगों का जिला अस्पताल में भी इलाज चल रह है।
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जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया के तीन और मरीज मिले
बदायूं। जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। स्लाइड जांच में चार और मरीजों को इस जानलेवा मलेरिया की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही इनकी तादाद सात हो गई है। मरीजों का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि सभी की हालत में सुधार है।
जिले में जानलेवा बुखार अब तक 17 लोगों की जान ले चुका है। कई प्रयासों के बाद भी हालात सामान्य नहीं हो पा रहे। जिले में जानलेवा फैल्सीपेरम मलेरिया के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। मंगलवार को रायपुर और पड़ौलिया गांवों में बुखार पीड़ितों के सेंपल लिए गए थे। बुधवार को इनकी जांच रिपोर्ट आ गई है। इनमें चार लोगों को फैल्सीपेरम मलेरिया और 11 लोगों को मलेरिया की पुष्टि हुई है। ज्यादा गंभीर लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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वर्जन...
हालात अब सामान्य हो रहे हैं। जिन गांवों में बुखार का प्रकोप है वहां अभियान चलाकर व्यापक रूप से हेल्थ कैंप लगाए जा रहे हैं। कुछ ही समय में हालात पर पूरी तरह से काबू पा लिया जाएगा।
-डॉ. नेमी चंद्रा, सीएमओ