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मंडप बना पुलिस लाइन, 124 जोड़े बने जीवनसाथी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Sat, 24 Feb 2018 01:10 AM IST
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पुलिस लाइन मैदान शुक्रवार को ऐेतिहासिक पलों का गवाह बना। मौका था सामूहिक विवाह का। हमेशा सुनसान रहने वाले पुलिस लाइन मैदान को मंडप की तरह सुंदर तरीके से सजाया गया था। यहां 124 युवक-युवतियों ने जीवन पर्यंत एक-दूसरे का साथ निभाने का वचन दिया। इनमें 17 जोड़ों का निकाह कराया गया तो 104 जोड़े सात फेरों के बंधन में बंधे। तीन ने बौद्ध धर्म के अनुसार शादी की। इस मौके पर मुख्य अतिथि और जिले के प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और डीएम दिनेश कुमार सिंह के अलावा सत्ता पक्ष के प्रतिनिधियों, अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने आशीर्वाद दिया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित समारोह की मेजबानी डीएम दिनेश कुमार सिंह ने की। योजना के तहत जिले के 142 परिवारों ने सामूहिक विवाह को पंजीकरण कराया था। आवेदन पत्रों की जांच के बाद 124 जोड़े पात्र मिले। 18 जोड़े नहीं पहुंचे, ऐसे में पात्र 124 जोड़ों का विवाह/ निकाह कराया गया।
सुबह करीब नौ बजे दूल्हा-दुल्हन विवाह पंडाल में लाए गए। वहीं सबका मेकअप कराया गया। पूर्वाह्न 11 बजे विवाह कार्यक्रम शुरू हुए। 104 जोड़ों का हिंदू, तीन जोड़ों का बौद्ध का रीति रिवाज से विवाह हुआ तो 17 मुस्लिम युवक-युवतियों का निकाह काजियों ने कराया। विवाह कार्य संपन्न होने के बाद सबको भोज कराया गया।
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सभी जोड़ों को दिए उपहार
सामूहिक विवाह में जिन कन्याओं का विवाह हुआ उन सभी को उपहार दिए गए। कन्या पक्ष के लोगों ने प्रशासन की व्यवस्थाओं को सराहा।
रंगारंग कार्यक्रम भी हुए
केदारनाथ महिला इंटर कॉलेज की छात्राओं ने मंच पर अनेक रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुतियों को मौजूद लोगों ने खूब सराहा। शादी से संबंधित गीतों पर छात्राओं ने नृत्य किया।
सेल्फी का भी रहा खूब क्रेज
सामूहिक वैवाहिक समारोह में कन्या और वर पक्ष के अलावा शहर और जिले के तमाम संभ्रांत लोगों को बुलाया गया था। इस दौरान युवा और युवतियां जमकर सेल्फी लेते दिखे। ज्यादातर ने नवदंपति के साथ सेल्फी लीं।
घूसखोरी रोकने के लिए शुरू की गई सामूहिक विवाह योजना
जिले के प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रदेश सरकार के इस कदम को ऐतिहासिक बताया। कहा कि सरकार सबका साथ-सबका विकास चाहती है। घूसखोरी रोकने के लिए सामूहिक विवाह योजना का आयोजन किया गया। इससे कामों में पारदर्शिता आई है जो सरकार का मुख्य उद्देश्य था। इसे लोगों ने पंसद किया है। प्रदेश सरकार की ओर से बिना किसी भेदभाव के हिंदू व मुस्लिम जोड़ों की शादी कराई गई। इन सभी का श्रम विभाग में पंजीकरण कराया गया। ताकि इन्हें योजना का लाभ मिल सके।
प्रदेश उपाध्यक्ष बीएल वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है सबको सामान अधिकार दिए जाएं। सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने कहा कि मोदी सरकार का जादू हर तरफ छा रहा है, यह रामराज्य नहीं तो और क्या है। इसके अलावा जिलाध्यक्ष, विधायकों ने विचार रखे। डीएम दिनेश कुुमार सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।
नहीं दिखीं पालिका चेयरमैन
बदायूं नगर पालिका चेयरमैन दीपमाला गोयल पूरे कार्यक्रम के दौरान नहीं दिखीं। वहीं ब्रज क्षेत्र के उपाध्यक्ष जितेंद्र सक्सेना भी नहीं दिखे।
समारोह में यह रहे मौजूद
जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य, सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, बिल्सी विधायक आरके शर्मा, शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य, दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह, पूर्व विधायक योगेंद्र सागर, पूर्व विधायक प्रेमस्वरूप पाठक, भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सीमा चौहान, हर प्रसाद सिंह पटेल, विमलेश चौहान, रजनी मिश्रा, शारदेंदु पाठक, अंकित मौर्य, राजेश्वर सिंह पटेल आदि। वहीं, अधिकारियों में एसएसपी चंद्रप्रकाश, सीडीओ शेषमणि पांडेय, एडीएम एफआर महेंद्र सिंह, एडीएम प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी कमल किशोर आदि मौजूद रहे।
एक तरफ मंत्रोच्चार दूसरी ओर कबूल है..
सामूहिक विवाह और निकाह समारोह जैसे कार्यक्रम से यहां सामाजिक सद्भाव की बयार बही। एक ही परिसर में तीन धर्मों के लोगों के वैवाहिक कार्यक्रम उन्हीं की रीति से पूरे जोशो खरोश से संपन्न कराए गए तो हर किसी ने इस शानदार पहल का स्वागत किया।
पुलिस के बूटों की धमक से दहलने वाले पुलिस लाइन मैदान पर शुक्रवार को सामाजिक समरसता का मेला था। प्रशासन के भव्य इंतजाम में कई संस्थाओं के सहयोग ने चार चांद लगा दिए। सबसे अहम बात अलग-अलग धर्मों के लोगों का सामूहिक कार्यक्रम होना था। चूंकि हिंदू जोड़ों की संख्या सबसे ज्यादा 104 रही, इसलिए बड़ा पंडाल इन्हीं के लिए लगाया गया था। यहां गायत्री परिवार के आचार्यों ने वैदिक रीति से उनका विवाह कराया। हवन में नवदंपतियों की आहुतियों के साथ वैदिक मंत्र और ऋचाएं गूंजीं तो माहौल भक्तिभाव से ओतप्रोत हो गया। धार्मिक क्रियाकलाप के साथ ही नवदंपतियों की हंसी ठिठोली भी गूंज रही थी। आचार्यों ने नवदंपतियों को सुखमय जीवन का आशीर्वाद दिया।
दूसरी ओर लगे पंडाल में काजी मुस्लिम जोड़ों का निकाह पढ़ा रहे थे। 17 मुस्लिम जोड़ों को डीआईओएस की ओर से जुटाए गए काजियों ने कुरान की आयतों से एक-दूजे का बना दिया। छुआरे खिलाने के साथ ही आखिर में खुतबा की रस्म निभाई गई। निकाह कबूल है... की गूंज के साथ ही जोड़ों के साथ आए उनके परिवारीजनों और मित्रों ने मुबारकबाद पेश कर दी। इसके बाद मंत्री और अधिकारियों ने भी इनके सुखमय जीवन की कामना की।
एक कोने पर बने तीसरे पंडाल में अलापुर रोड के बौद्ध विहार से आए भंते रक्तपाल और भमरत्न ने तीन जोड़ों को विवाह बंधन में बांध दिया।
दिव्यांग सुग्रीव और प्रियंका की भी बन गई जोड़ी
गायत्री परिवार की रीति से दिव्यांग जोड़े का भी विवाह संपन्न हो गया। उझानी के बसोमा निवासी सुग्रीव शर्मा पैरों से दिव्यांग हैं। बिल्सी के महमदगंज निवासी प्रियंका शर्मा भी एक पैर से अक्षम हैं। सुग्रीव के किसी रिश्तेदार ने इन दोनों के रिश्ते की बात शुरू की थी। बात चल रही थी, इस बीच प्रशासनिक आयोजन में इन्हें शामिल कर लिया गया। नवदंपति काफी खुश थे। बताया कि वह दोनों अब उम्र भर एकदूसरे का सहारा बनेंगे।
रेलिया बैरन पिया को नहीं लाई, तीन दुल्हनें निराश
रेलिया बैरन पिया को लिए जाए रे...गीत की टीस शुक्रवार को विवाह समारोह में मौजूद तीन दुल्हनों काजल, सुशीला और स्मिता के चेहरे पर साफ दिखी। वह पूरे समय इंतजार करती रहीं पर उनके भावी जीवनसाथी आखिरी वक्त तक नहीं आए। वजह ट्रेन का छूटना रहा।सामूहिक विवाह योजना में बगरैन निवासी जगदीश ने आवेदन किया था। इसमें उन्होंने एक बेटी की शादी बड़गांव निवासी मंगल व दूसरी बेटी की शादी खेड़ा नवादा के आकाश से तय की थी। यह दोनों हिमाचल प्रदेश के बद्दी में काम करते हैं। शादी की तारीख तय होने के बाद गुरुवार शाम को यह बदायूं के लिए रवाना होने स्टेशन पहुंचे। उनके पहुंचने से पहले ट्रेन निकल गई। उन्होंने आने की हर कोशिश की लेकिन शुक्रवार को वह शाम तक पुलिस परेड ग्राउंड नहीं पहुंच सके। मायूस दोनों बहनें काजल, सुशीला लौट गई। वहीं उघैती के चाचीपुर गांव निवासी प्रेमवीर सिंह ने अपनी बेटी की शादी रनवीर सिंह से तय की थी। रनवीर भी ट्रेन के विलंब से चलने के कारण कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके। जबकि पांच मुस्लिम युवक भी निकाह में नहीं पहुंच सके।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित समारोह की मेजबानी डीएम दिनेश कुमार सिंह ने की। योजना के तहत जिले के 142 परिवारों ने सामूहिक विवाह को पंजीकरण कराया था। आवेदन पत्रों की जांच के बाद 124 जोड़े पात्र मिले। 18 जोड़े नहीं पहुंचे, ऐसे में पात्र 124 जोड़ों का विवाह/ निकाह कराया गया।
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सुबह करीब नौ बजे दूल्हा-दुल्हन विवाह पंडाल में लाए गए। वहीं सबका मेकअप कराया गया। पूर्वाह्न 11 बजे विवाह कार्यक्रम शुरू हुए। 104 जोड़ों का हिंदू, तीन जोड़ों का बौद्ध का रीति रिवाज से विवाह हुआ तो 17 मुस्लिम युवक-युवतियों का निकाह काजियों ने कराया। विवाह कार्य संपन्न होने के बाद सबको भोज कराया गया।
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सभी जोड़ों को दिए उपहार
सामूहिक विवाह में जिन कन्याओं का विवाह हुआ उन सभी को उपहार दिए गए। कन्या पक्ष के लोगों ने प्रशासन की व्यवस्थाओं को सराहा।
रंगारंग कार्यक्रम भी हुए
केदारनाथ महिला इंटर कॉलेज की छात्राओं ने मंच पर अनेक रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुतियों को मौजूद लोगों ने खूब सराहा। शादी से संबंधित गीतों पर छात्राओं ने नृत्य किया।
सेल्फी का भी रहा खूब क्रेज
सामूहिक वैवाहिक समारोह में कन्या और वर पक्ष के अलावा शहर और जिले के तमाम संभ्रांत लोगों को बुलाया गया था। इस दौरान युवा और युवतियां जमकर सेल्फी लेते दिखे। ज्यादातर ने नवदंपति के साथ सेल्फी लीं।
घूसखोरी रोकने के लिए शुरू की गई सामूहिक विवाह योजना
जिले के प्रभारी मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रदेश सरकार के इस कदम को ऐतिहासिक बताया। कहा कि सरकार सबका साथ-सबका विकास चाहती है। घूसखोरी रोकने के लिए सामूहिक विवाह योजना का आयोजन किया गया। इससे कामों में पारदर्शिता आई है जो सरकार का मुख्य उद्देश्य था। इसे लोगों ने पंसद किया है। प्रदेश सरकार की ओर से बिना किसी भेदभाव के हिंदू व मुस्लिम जोड़ों की शादी कराई गई। इन सभी का श्रम विभाग में पंजीकरण कराया गया। ताकि इन्हें योजना का लाभ मिल सके।
प्रदेश उपाध्यक्ष बीएल वर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है सबको सामान अधिकार दिए जाएं। सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने कहा कि मोदी सरकार का जादू हर तरफ छा रहा है, यह रामराज्य नहीं तो और क्या है। इसके अलावा जिलाध्यक्ष, विधायकों ने विचार रखे। डीएम दिनेश कुुमार सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।
नहीं दिखीं पालिका चेयरमैन
बदायूं नगर पालिका चेयरमैन दीपमाला गोयल पूरे कार्यक्रम के दौरान नहीं दिखीं। वहीं ब्रज क्षेत्र के उपाध्यक्ष जितेंद्र सक्सेना भी नहीं दिखे।
समारोह में यह रहे मौजूद
जिलाध्यक्ष हरीश शाक्य, सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, बिल्सी विधायक आरके शर्मा, शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य, दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह, पूर्व विधायक योगेंद्र सागर, पूर्व विधायक प्रेमस्वरूप पाठक, भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सीमा चौहान, हर प्रसाद सिंह पटेल, विमलेश चौहान, रजनी मिश्रा, शारदेंदु पाठक, अंकित मौर्य, राजेश्वर सिंह पटेल आदि। वहीं, अधिकारियों में एसएसपी चंद्रप्रकाश, सीडीओ शेषमणि पांडेय, एडीएम एफआर महेंद्र सिंह, एडीएम प्रशासन अजय कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी कमल किशोर आदि मौजूद रहे।
एक तरफ मंत्रोच्चार दूसरी ओर कबूल है..
सामूहिक विवाह और निकाह समारोह जैसे कार्यक्रम से यहां सामाजिक सद्भाव की बयार बही। एक ही परिसर में तीन धर्मों के लोगों के वैवाहिक कार्यक्रम उन्हीं की रीति से पूरे जोशो खरोश से संपन्न कराए गए तो हर किसी ने इस शानदार पहल का स्वागत किया।
पुलिस के बूटों की धमक से दहलने वाले पुलिस लाइन मैदान पर शुक्रवार को सामाजिक समरसता का मेला था। प्रशासन के भव्य इंतजाम में कई संस्थाओं के सहयोग ने चार चांद लगा दिए। सबसे अहम बात अलग-अलग धर्मों के लोगों का सामूहिक कार्यक्रम होना था। चूंकि हिंदू जोड़ों की संख्या सबसे ज्यादा 104 रही, इसलिए बड़ा पंडाल इन्हीं के लिए लगाया गया था। यहां गायत्री परिवार के आचार्यों ने वैदिक रीति से उनका विवाह कराया। हवन में नवदंपतियों की आहुतियों के साथ वैदिक मंत्र और ऋचाएं गूंजीं तो माहौल भक्तिभाव से ओतप्रोत हो गया। धार्मिक क्रियाकलाप के साथ ही नवदंपतियों की हंसी ठिठोली भी गूंज रही थी। आचार्यों ने नवदंपतियों को सुखमय जीवन का आशीर्वाद दिया।
दूसरी ओर लगे पंडाल में काजी मुस्लिम जोड़ों का निकाह पढ़ा रहे थे। 17 मुस्लिम जोड़ों को डीआईओएस की ओर से जुटाए गए काजियों ने कुरान की आयतों से एक-दूजे का बना दिया। छुआरे खिलाने के साथ ही आखिर में खुतबा की रस्म निभाई गई। निकाह कबूल है... की गूंज के साथ ही जोड़ों के साथ आए उनके परिवारीजनों और मित्रों ने मुबारकबाद पेश कर दी। इसके बाद मंत्री और अधिकारियों ने भी इनके सुखमय जीवन की कामना की।
एक कोने पर बने तीसरे पंडाल में अलापुर रोड के बौद्ध विहार से आए भंते रक्तपाल और भमरत्न ने तीन जोड़ों को विवाह बंधन में बांध दिया।
दिव्यांग सुग्रीव और प्रियंका की भी बन गई जोड़ी
गायत्री परिवार की रीति से दिव्यांग जोड़े का भी विवाह संपन्न हो गया। उझानी के बसोमा निवासी सुग्रीव शर्मा पैरों से दिव्यांग हैं। बिल्सी के महमदगंज निवासी प्रियंका शर्मा भी एक पैर से अक्षम हैं। सुग्रीव के किसी रिश्तेदार ने इन दोनों के रिश्ते की बात शुरू की थी। बात चल रही थी, इस बीच प्रशासनिक आयोजन में इन्हें शामिल कर लिया गया। नवदंपति काफी खुश थे। बताया कि वह दोनों अब उम्र भर एकदूसरे का सहारा बनेंगे।
रेलिया बैरन पिया को नहीं लाई, तीन दुल्हनें निराश
रेलिया बैरन पिया को लिए जाए रे...गीत की टीस शुक्रवार को विवाह समारोह में मौजूद तीन दुल्हनों काजल, सुशीला और स्मिता के चेहरे पर साफ दिखी। वह पूरे समय इंतजार करती रहीं पर उनके भावी जीवनसाथी आखिरी वक्त तक नहीं आए। वजह ट्रेन का छूटना रहा।सामूहिक विवाह योजना में बगरैन निवासी जगदीश ने आवेदन किया था। इसमें उन्होंने एक बेटी की शादी बड़गांव निवासी मंगल व दूसरी बेटी की शादी खेड़ा नवादा के आकाश से तय की थी। यह दोनों हिमाचल प्रदेश के बद्दी में काम करते हैं। शादी की तारीख तय होने के बाद गुरुवार शाम को यह बदायूं के लिए रवाना होने स्टेशन पहुंचे। उनके पहुंचने से पहले ट्रेन निकल गई। उन्होंने आने की हर कोशिश की लेकिन शुक्रवार को वह शाम तक पुलिस परेड ग्राउंड नहीं पहुंच सके। मायूस दोनों बहनें काजल, सुशीला लौट गई। वहीं उघैती के चाचीपुर गांव निवासी प्रेमवीर सिंह ने अपनी बेटी की शादी रनवीर सिंह से तय की थी। रनवीर भी ट्रेन के विलंब से चलने के कारण कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके। जबकि पांच मुस्लिम युवक भी निकाह में नहीं पहुंच सके।