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अब ब्लॉकों में ठेका पर नहीं होंगे विकास कार्य
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Sun, 15 Apr 2018 08:37 PM IST
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विकास कार्यों में भ्रष्टाचार रोकने और गुणवत्तापूर्ण कार्य के लिए शासन ने एक और कदम उठाया है। शासन ने ब्लॉक स्तर पर ठेके पर होने वाले विकास कार्यों पर रोक लगा दी है। अब सारे विकास कार्य बीडीओ की देख रेख में होंगे। इस संबंध में संयुक्त विकास आयुक्त ने पत्र भी जारी कर दिया है।
जिले में अब तक मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में सांसद, विधायक निधि से होने वाले विकास कार्यों को ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) कराता है। वहीं आरईएस संस्था भी स्वयं कार्य न कर निर्माण कार्यों को ठेकेदारों के माध्यम से कराती रही है। जिससे सांसद और विधायक निधि से होने निर्माण कार्यों पर दस फीसदी अतिरिक्त धनराशि खर्च होती है। संयुक्त विकास आयुक्त श्रीकृष्ण त्रिपाठी ने एतराज जताया है। उन्होंने सीडीओ को पत्र जारी कर कहा कि कोई भी कार्य ठेकेदारों से न कराया जाए। जिले में सांसद व विधायक निधि से भी जो भी कार्य होंगे, वे बीडीओ के संरक्षण में होंगे। इससे न सिर्फ मनरेगा मजदूरों लाभांवित होंगे। बल्कि ठेकेदारों को दी जाने वाली दस प्रतिशत धनराशि की भी बचत होगी। जेडीसी से मिले निर्देश पर सीडीओ ने आरईएस को निर्देश दिए हैं। यही नहीं विकास कार्यों के प्रस्तावों पर रोक लगाते हुए वापस कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे आरईएस के अधिकारियों में अफरा-तफरी का माहौल है।
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जिले में अब तक मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में सांसद, विधायक निधि से होने वाले विकास कार्यों को ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) कराता है। वहीं आरईएस संस्था भी स्वयं कार्य न कर निर्माण कार्यों को ठेकेदारों के माध्यम से कराती रही है। जिससे सांसद और विधायक निधि से होने निर्माण कार्यों पर दस फीसदी अतिरिक्त धनराशि खर्च होती है। संयुक्त विकास आयुक्त श्रीकृष्ण त्रिपाठी ने एतराज जताया है। उन्होंने सीडीओ को पत्र जारी कर कहा कि कोई भी कार्य ठेकेदारों से न कराया जाए। जिले में सांसद व विधायक निधि से भी जो भी कार्य होंगे, वे बीडीओ के संरक्षण में होंगे। इससे न सिर्फ मनरेगा मजदूरों लाभांवित होंगे। बल्कि ठेकेदारों को दी जाने वाली दस प्रतिशत धनराशि की भी बचत होगी। जेडीसी से मिले निर्देश पर सीडीओ ने आरईएस को निर्देश दिए हैं। यही नहीं विकास कार्यों के प्रस्तावों पर रोक लगाते हुए वापस कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे आरईएस के अधिकारियों में अफरा-तफरी का माहौल है।
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