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निकाय चुनाव को अध्यक्ष पद को आरक्षण तय नहीं
Updated Wed, 13 Sep 2017 10:03 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। नवंबर में संभावित निकाय चुनाव को भले अभी तक आरक्षण तय नहीं हो पाया है, लेकिन भाजपा में संभावित दावेदारों की लाइन लंबी है। टिकट पाने को पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के जरिए यह दावेदार मुहल्लों में झाड़ू लगाकर लोगों के दिलों में जगह बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
सरकार ने नवंबर में निकाय चुनाव कराने की तैयारी शुरू कर दी है। सो हर जगह मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। चूंकि संभावित चुनाव का समय भी अब ज्यादा नहीं बचा है। शासन स्तर से निकाय अध्यक्षों का आरक्षण तय होना है फिर भी इस बार चुनावी समर में उतरने को दावेदारों ने तैयारियां शुरू कर दीं हैं। अभी तक जो स्थिति सामने नजर आ रही है उसके अनुसार केंद्र और राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा में टिकट हासिल करने वालों की लाइन बड़ी है।
बदायूं नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद को बीजेपी में कई ऐसे चेहरे सामने आ रहे हैं जो टिकट हासिल करने को बड़े नेताओं के संपर्क में हैं, लेकिन उनके सामने बड़ी समस्या अभी तक यहीं है कि अध्यक्ष पद को शासन से आरक्षण तय नहीं हो पाया है। प्रशासनिक सूत्रों की माने तो जल्द ही आरक्षण भी तय हो जाएगा। तब दावेदार पूरी तरह से खुलकर सामने आ जाएंगे। गौरतलब पहलू है कि बीजेपी के जो दावेदार हैं वह पीएम मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को बड़ा मुद्दा मान रहे हैं। वह इसी के जरिए मुहल्ले में सफाई भी कर रहे हैं। लोगों को बताने की कोशिश कर रहे हैं, कि यदि जनता ने बीजेपी का अध्यक्ष चुना तो उसकी प्राथमिकता में जनसमस्याएं प्रमुखता ही होंगी।
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इंसेट-
दातागंज में पहली बार चुना जाएगा पालिका का अध्यक्ष
बदायूं। शासन ने नगर पंचायत रही दातागंज को नगर पालिका परिषद का दर्जा दे दिया है। सो यहां की जनता निकाय चुनाव में पहली दफा पालिका का अध्यक्ष चुनेंगी।
बदायूं। नवंबर में संभावित निकाय चुनाव को भले अभी तक आरक्षण तय नहीं हो पाया है, लेकिन भाजपा में संभावित दावेदारों की लाइन लंबी है। टिकट पाने को पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के जरिए यह दावेदार मुहल्लों में झाड़ू लगाकर लोगों के दिलों में जगह बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
सरकार ने नवंबर में निकाय चुनाव कराने की तैयारी शुरू कर दी है। सो हर जगह मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। चूंकि संभावित चुनाव का समय भी अब ज्यादा नहीं बचा है। शासन स्तर से निकाय अध्यक्षों का आरक्षण तय होना है फिर भी इस बार चुनावी समर में उतरने को दावेदारों ने तैयारियां शुरू कर दीं हैं। अभी तक जो स्थिति सामने नजर आ रही है उसके अनुसार केंद्र और राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा में टिकट हासिल करने वालों की लाइन बड़ी है।
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बदायूं नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद को बीजेपी में कई ऐसे चेहरे सामने आ रहे हैं जो टिकट हासिल करने को बड़े नेताओं के संपर्क में हैं, लेकिन उनके सामने बड़ी समस्या अभी तक यहीं है कि अध्यक्ष पद को शासन से आरक्षण तय नहीं हो पाया है। प्रशासनिक सूत्रों की माने तो जल्द ही आरक्षण भी तय हो जाएगा। तब दावेदार पूरी तरह से खुलकर सामने आ जाएंगे। गौरतलब पहलू है कि बीजेपी के जो दावेदार हैं वह पीएम मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को बड़ा मुद्दा मान रहे हैं। वह इसी के जरिए मुहल्ले में सफाई भी कर रहे हैं। लोगों को बताने की कोशिश कर रहे हैं, कि यदि जनता ने बीजेपी का अध्यक्ष चुना तो उसकी प्राथमिकता में जनसमस्याएं प्रमुखता ही होंगी।
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दातागंज में पहली बार चुना जाएगा पालिका का अध्यक्ष
बदायूं। शासन ने नगर पंचायत रही दातागंज को नगर पालिका परिषद का दर्जा दे दिया है। सो यहां की जनता निकाय चुनाव में पहली दफा पालिका का अध्यक्ष चुनेंगी।