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सगे भाइयों समेत नौ को कैद, जुर्माना भी
Updated Mon, 12 Jun 2017 07:11 PM IST
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बदायूं। स्पेशल जज एससीएसटी एक्ट पंकज कुमार अग्रवाल ने फौजदारी और घर में आग लगाने के मामले में नामजद सगे भाइयों समेत नौ आरोपियों को दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल कैद और छह-छह हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
वारदात थाना रजपुरा के गांव कहरौला गर्वी में 27 अगस्त 2009 को हुई थी। गांव के हरजीत पुत्र जगत सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका गांव के ही महेंद्र सिंह, प्रेमपाल पुत्रगण रामेश्वर, धर्मवीर, महेंद्र पुत्रगण हरी सिंह और रामकिशोर पुत्र सियाराम, रनवीर पुत्र हरी सिंह, बनवारी पुत्र मथुरी, गिरिराज पुत्र कल्यान सिंह और धर्मवीर पुत्र मुन्नी लाल से पट्टे की जमीन को लेकर रंजिश चल रही थी। अरोपियों ने 27 अगस्त 2009 की सुबह छह बजे उसके घर में आग लगा दी। उसके पिता और भाभी को लाठी-डंडों से पीटकर जख्मी कर दिया। आग से उसके घर का सारा सामान जलकर राख हो गया।
न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद अैर बचाव पक्ष के वकीलों को सुनने के बाद सभी नामजद नौ आरोपियों को दोषी करार दिया। इन सभी को पांच-पांच साल कैद और छह-छह हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माने की रकम से बतौर मुआवजा आधी रकम पीड़ित को देने का भी कोर्ट ने आदेश किया है।
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वारदात थाना रजपुरा के गांव कहरौला गर्वी में 27 अगस्त 2009 को हुई थी। गांव के हरजीत पुत्र जगत सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका गांव के ही महेंद्र सिंह, प्रेमपाल पुत्रगण रामेश्वर, धर्मवीर, महेंद्र पुत्रगण हरी सिंह और रामकिशोर पुत्र सियाराम, रनवीर पुत्र हरी सिंह, बनवारी पुत्र मथुरी, गिरिराज पुत्र कल्यान सिंह और धर्मवीर पुत्र मुन्नी लाल से पट्टे की जमीन को लेकर रंजिश चल रही थी। अरोपियों ने 27 अगस्त 2009 की सुबह छह बजे उसके घर में आग लगा दी। उसके पिता और भाभी को लाठी-डंडों से पीटकर जख्मी कर दिया। आग से उसके घर का सारा सामान जलकर राख हो गया।
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न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद अैर बचाव पक्ष के वकीलों को सुनने के बाद सभी नामजद नौ आरोपियों को दोषी करार दिया। इन सभी को पांच-पांच साल कैद और छह-छह हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माने की रकम से बतौर मुआवजा आधी रकम पीड़ित को देने का भी कोर्ट ने आदेश किया है।
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