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गंगा किनारे मेला, शहर पड़ गया अकेला
Updated Sun, 05 Nov 2017 12:17 AM IST
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सुनसान पड़ीं सड़कें।
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। मेला ककोड़ा की वजह से शनिवार को शहर बेरौनक नजर आया। दुकानें बंद होने से बाजार में सन्नाटा था तो सड़कों से लेकर चौराहे सूनसान पड़े था।
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा किनारे जगह-जगह मेले लगे थे। शहर वाले सुबह ही ककोड़ा और कछला आदि स्थानों पर मेले में चले गए। सुबह के समय सड़कों पर कुछ चहलपहल जरूर दिखी। बाद में सन्नाटा छा गया। दोपहर के समय शहर के प्रमुख रास्ते सूने हो गए। चौराहों पर गंगा जाने के इंतजार में कुछ लोग जरूर वाहनों की तलाश कर रहे थे। मोहल्लों की गलियों तक में सन्नाटा था। शहर के प्रमुख बाजार लगभग बंद थे। कहीं एकाध दुकान खुली थी। हालात यह थे कि चाय के होटल तक बंद मिले। शहर के लगभग सभी भोजनालय भी बंद नजर आए। मेडिकल स्टोर्स को छोड़कर बाकी सामान की दुकानें बंद थीं। हमेशा भीड़भाड़ भरे रहने वाले रोडवेज चौराहे, छह सड़का, इंद्रा चौक और पुलिस लाइंस चौराहा तक पर भीड़ नजर नहीं आई।
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रोडवेज बस स्टैंड भी सुनसान
केवल सुबह के समय रोडवेज बस स्टैंड पर भीड़ दिखी। इसके बाद दोपहर के समय यहां भी सन्नाटा पसर गया। दोपहर में कुछेक मुसाफिर ही यहां नजर आए। चूंकि रोडवेज ने मेला जाने के लिए बसों का बेहतर प्रबंध कर रखा था, इसलिए मुसाफिरों को ज्यादा देर भटकने की जरूरत नहीं पड़ी। लोगों की सुविधा के लिए लाउडस्पीकर से एनाउंसमेंट करके भी बसों की जानकारी दी जा रही थी। जिन लोगों को पता लगा कि रास्ते में बड़े वाहनों की वजह से जाम लगा है, उन्होंने भी बस से जाने का इरादा छोड़ दिया।
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कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा किनारे जगह-जगह मेले लगे थे। शहर वाले सुबह ही ककोड़ा और कछला आदि स्थानों पर मेले में चले गए। सुबह के समय सड़कों पर कुछ चहलपहल जरूर दिखी। बाद में सन्नाटा छा गया। दोपहर के समय शहर के प्रमुख रास्ते सूने हो गए। चौराहों पर गंगा जाने के इंतजार में कुछ लोग जरूर वाहनों की तलाश कर रहे थे। मोहल्लों की गलियों तक में सन्नाटा था। शहर के प्रमुख बाजार लगभग बंद थे। कहीं एकाध दुकान खुली थी। हालात यह थे कि चाय के होटल तक बंद मिले। शहर के लगभग सभी भोजनालय भी बंद नजर आए। मेडिकल स्टोर्स को छोड़कर बाकी सामान की दुकानें बंद थीं। हमेशा भीड़भाड़ भरे रहने वाले रोडवेज चौराहे, छह सड़का, इंद्रा चौक और पुलिस लाइंस चौराहा तक पर भीड़ नजर नहीं आई।
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रोडवेज बस स्टैंड भी सुनसान
केवल सुबह के समय रोडवेज बस स्टैंड पर भीड़ दिखी। इसके बाद दोपहर के समय यहां भी सन्नाटा पसर गया। दोपहर में कुछेक मुसाफिर ही यहां नजर आए। चूंकि रोडवेज ने मेला जाने के लिए बसों का बेहतर प्रबंध कर रखा था, इसलिए मुसाफिरों को ज्यादा देर भटकने की जरूरत नहीं पड़ी। लोगों की सुविधा के लिए लाउडस्पीकर से एनाउंसमेंट करके भी बसों की जानकारी दी जा रही थी। जिन लोगों को पता लगा कि रास्ते में बड़े वाहनों की वजह से जाम लगा है, उन्होंने भी बस से जाने का इरादा छोड़ दिया।
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