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प्रवक्ता बनना चाहती है टॉपर श्रुति खंडूजा
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उझानी (बदायूं)। सीबीएसई 12 वीं की परीक्षा में बदायूं जिले की टॉपर श्रुति खंडूजा दो संतानों में छोटी है। बड़ा भाई सचित पिछले साल 12 वीं उत्तीर्ण कर चुका है। 95.6 प्रतिशत अंक अर्जित करने वाली श्रुति ने बताया कि पढ़ाई के दौरान उसका टारगेट प्रदेश स्तर की मेरिट में स्थान पाना रहा। परीक्षा के दौरान उसने पूरी मेहनत की। मन को एकाग्र रखा। कोचिंग नहीं की। सोशल मीडिया से भी लगभग दूर रही। उसने सफलता का श्रेय मां दीपा और पिता हरीश खंडूजा को दिया। कहा-इसमें भाई का भी सहयोग मिला। भाई ने परीक्षा की तैयारी कराई। आगे चलकर प्रवक्ता बनने का इरादा जाहिर करते हुए उसका कहना है कि पहले मैथ ऑनर्स करेगी फिर लक्ष्य प्राप्त कर टीचिंग करेगी। उसने कहा कि मेहनत करने से मंजिल आसान हो जाती है।
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प्रशासनिक सेवा में जाना चाहता हैं श्याम
बदायूं। सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 95.4 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले श्याम अरोरा शहर के श्रीराम नगर कॉलोनी निवासी सत्यनारायण के पुत्र हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल के पहले दिन से ही पढ़ाई को लेकर वह बेहद गंभीर रहे। पढ़ाई में हमेशा माता-पिता का पूरा सहयोग मिला। उन्होंने बताया कि इस सफलता के पीछे उनकी मां रीता अरोरा का हाथ है। उनकी वजह से जिले में वह दूसरा स्थान प्राप्त कर सके हैं। हालांकि उनके पिता सत्यनारायण ने भी परीक्षा के समय उनका काफी ख्याल रखा था। हर छोटी से बड़ी जरूरत को पूरा किया। अगर कहीं पर कोई दिक्कत आती थी, तो वह उसको बेहतर सलाह देते थे। श्याम अरोरा का कहना है कि वह प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते है और देश की सेवा करना चाहते हैं।
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सिविल सर्विस में जाना चाहते हैं रितुल भाटिया
बदायूं। सीबीएसई 12वीं में जिले में दूूसरा स्थान हासिल करने वाले रितुल भाटिया वजीरगंज में अपनी मां ऋतु भाटिया के साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि कॉलेज में पढ़ने के दौरान शिक्षकों ने उनका पूरा सहयोग किया। वह पढ़ाई के दौरान कभी भी मोबाइल का उपयोग नहीं करते थे। वह हमेशा शाम को पढ़ाई करना पसंद करते हैं। सुबह के समय कम ही पढ़ाई करते थे। उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य सिविल सर्विस में जाना है। इसके लिए उन्होंने परीक्षाओं के लिए हर चीज के लिए समय निर्धारित कर दिया था। पढ़ाई करने के दौरान घर पर परिवार का भी उन्हें पूरा सहयोग मिला। इसी का परिणाम ये रहा कि परीक्षा में इतनी सख्ती के बीच 95.4 प्रतिशत अंकों के साथ पास हुए। उन्हें पहले से अनुमान था कि उनके इतने अंक आएंगे, लेकिन ये नहीं पता था कि जिले में दूसरे नंबर पर आएंगे।
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डॉक्टर बनकर समाजसेवा करना चाहते हैं माधव
बदायूं। सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में जिले में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले माधव माहेश्वरी शुरू से ही होनहार छात्र रहे हैं। फ्लोरेंस नाइटेंगल स्कूल में पढ़ने वाले माधव को 95.2 प्रतिशत अंक हासिल हुए हैं। माधव के पिता विकास कुमार गुप्ता निजी चिकित्सक हैं जबकि माता रितु माहेश्वरी घरेलू महिला हैं। भविष्य में माधव डॉक्टर बनकर समाजसेवा करना चाहते हैं। वह कहते हैं कि डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करना उनका प्रमुख उद्देश्य है। आज भी तमाम लोग ऐसे हैं जो इलाज के अभाव में दम तोड़ देते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। खेलकूद में भी आगे रहने वाले माधव अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता समेत सभी गुरुजनों को देते हैं। उनकी इस सफलता पर उनकी दादी मुन्नी देवी, चाचा विवेक माहेश्वरी, चाची अर्चना माहेश्वरी समेत पूरा परिवार बेहद खुश है।
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प्रशासनिक सेवा में जाना चाहता हैं श्याम
बदायूं। सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में 95.4 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में दूसरा स्थान प्राप्त करने वाले श्याम अरोरा शहर के श्रीराम नगर कॉलोनी निवासी सत्यनारायण के पुत्र हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल के पहले दिन से ही पढ़ाई को लेकर वह बेहद गंभीर रहे। पढ़ाई में हमेशा माता-पिता का पूरा सहयोग मिला। उन्होंने बताया कि इस सफलता के पीछे उनकी मां रीता अरोरा का हाथ है। उनकी वजह से जिले में वह दूसरा स्थान प्राप्त कर सके हैं। हालांकि उनके पिता सत्यनारायण ने भी परीक्षा के समय उनका काफी ख्याल रखा था। हर छोटी से बड़ी जरूरत को पूरा किया। अगर कहीं पर कोई दिक्कत आती थी, तो वह उसको बेहतर सलाह देते थे। श्याम अरोरा का कहना है कि वह प्रशासनिक सेवा में जाना चाहते है और देश की सेवा करना चाहते हैं।
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सिविल सर्विस में जाना चाहते हैं रितुल भाटिया
बदायूं। सीबीएसई 12वीं में जिले में दूूसरा स्थान हासिल करने वाले रितुल भाटिया वजीरगंज में अपनी मां ऋतु भाटिया के साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि कॉलेज में पढ़ने के दौरान शिक्षकों ने उनका पूरा सहयोग किया। वह पढ़ाई के दौरान कभी भी मोबाइल का उपयोग नहीं करते थे। वह हमेशा शाम को पढ़ाई करना पसंद करते हैं। सुबह के समय कम ही पढ़ाई करते थे। उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य सिविल सर्विस में जाना है। इसके लिए उन्होंने परीक्षाओं के लिए हर चीज के लिए समय निर्धारित कर दिया था। पढ़ाई करने के दौरान घर पर परिवार का भी उन्हें पूरा सहयोग मिला। इसी का परिणाम ये रहा कि परीक्षा में इतनी सख्ती के बीच 95.4 प्रतिशत अंकों के साथ पास हुए। उन्हें पहले से अनुमान था कि उनके इतने अंक आएंगे, लेकिन ये नहीं पता था कि जिले में दूसरे नंबर पर आएंगे।
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डॉक्टर बनकर समाजसेवा करना चाहते हैं माधव
बदायूं। सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में जिले में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले माधव माहेश्वरी शुरू से ही होनहार छात्र रहे हैं। फ्लोरेंस नाइटेंगल स्कूल में पढ़ने वाले माधव को 95.2 प्रतिशत अंक हासिल हुए हैं। माधव के पिता विकास कुमार गुप्ता निजी चिकित्सक हैं जबकि माता रितु माहेश्वरी घरेलू महिला हैं। भविष्य में माधव डॉक्टर बनकर समाजसेवा करना चाहते हैं। वह कहते हैं कि डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करना उनका प्रमुख उद्देश्य है। आज भी तमाम लोग ऐसे हैं जो इलाज के अभाव में दम तोड़ देते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। खेलकूद में भी आगे रहने वाले माधव अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता समेत सभी गुरुजनों को देते हैं। उनकी इस सफलता पर उनकी दादी मुन्नी देवी, चाचा विवेक माहेश्वरी, चाची अर्चना माहेश्वरी समेत पूरा परिवार बेहद खुश है।