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मक्का समेत सब्जी फसलों को बरसात से मिली राहत
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
Updated Wed, 04 Jul 2018 12:04 AM IST
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मक्का
सोमवार रात और मंगलवार सुबह झमाझम बरसात ने किसानों के चेहरों पर रौनक लौटा दी। मानसून की दस्तक के इंतजार में धान की फसल समेत पिछैती मक्का और बाजरा की बुआई के लिए भी किसानों के हाथ सुनहरा मौका लग गया है। अगेती मक्का, मैंथा और सब्जी फसलों को भी बरसात से राहत मिल गई है।
बूंदाबांदी यूं तो पिछले दो-तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही थी लेकिन सोमवार रात में बरसात ने रफ्तार पकड़ी तो खेतों में जुताई लायक माहौल बन गया। अगेती मक्का की फसल पर हरियाली छा गई। मैंथा और सब्जी फसलों में लौकी, तोरई, करेला और भिंडी की फसल को भी बरसात से फायदा मिल गया। सब्जी फसलें सिंचाई की किल्लत की वजह से झुलसने लगी थी जिन पर बरसात ने संजीवनी का काम किया है। मैंथा को फसल में बरसात ने एक सिंचाई का काम कर दिया है। इससे किसानों को सब्जी फसलों की अच्छी पैदावार मिलने की उम्मीद है। सबसे अच्छी बात तो यह कि जो किसान पिछले कई दिनों से बरसात की उम्मीद लगाए बैठे थे, उनके चेहरे पर रौनक लौट आई। अब किसान धान, बाजरा और पशुओं के चारा के लिए ज्वार की बुआई कर सकते हैं। किसानों का कहना है कि एक-दो दिन में बरसात और हुई तो आने वाली फसलों की तैयारी करने में आसानी हो जाएगी।
सड़कों पर सूख रही मक्का समेटनी हुई मुश्किल
उझानी। अगेती मक्का की हाईब्रिड प्रजातियों में से कुछ फसल किसानों के घर भी पहुंच चुकी है। गहाई के बाद किसानों ने उसे सुखाने के लिए सड़कों पर बिछा रखा था। सोमवार रात बूंदाबांदी शुरू हुई तो किसानों ने समझा कि इससे नुकसान नहीं होगा लेकिन बरसात तेज होने पर किसानों का पसीना छूट गया। उन्हें सड़कों पर बिछ़ी मक्का को समेटना भी मुश्किल हो गया। बरसात की वजह से सड़कों पर ही मक्का भीग भी गई है।
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बूंदाबांदी यूं तो पिछले दो-तीन दिनों से रुक-रुक कर हो रही थी लेकिन सोमवार रात में बरसात ने रफ्तार पकड़ी तो खेतों में जुताई लायक माहौल बन गया। अगेती मक्का की फसल पर हरियाली छा गई। मैंथा और सब्जी फसलों में लौकी, तोरई, करेला और भिंडी की फसल को भी बरसात से फायदा मिल गया। सब्जी फसलें सिंचाई की किल्लत की वजह से झुलसने लगी थी जिन पर बरसात ने संजीवनी का काम किया है। मैंथा को फसल में बरसात ने एक सिंचाई का काम कर दिया है। इससे किसानों को सब्जी फसलों की अच्छी पैदावार मिलने की उम्मीद है। सबसे अच्छी बात तो यह कि जो किसान पिछले कई दिनों से बरसात की उम्मीद लगाए बैठे थे, उनके चेहरे पर रौनक लौट आई। अब किसान धान, बाजरा और पशुओं के चारा के लिए ज्वार की बुआई कर सकते हैं। किसानों का कहना है कि एक-दो दिन में बरसात और हुई तो आने वाली फसलों की तैयारी करने में आसानी हो जाएगी।
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सड़कों पर सूख रही मक्का समेटनी हुई मुश्किल
उझानी। अगेती मक्का की हाईब्रिड प्रजातियों में से कुछ फसल किसानों के घर भी पहुंच चुकी है। गहाई के बाद किसानों ने उसे सुखाने के लिए सड़कों पर बिछा रखा था। सोमवार रात बूंदाबांदी शुरू हुई तो किसानों ने समझा कि इससे नुकसान नहीं होगा लेकिन बरसात तेज होने पर किसानों का पसीना छूट गया। उन्हें सड़कों पर बिछ़ी मक्का को समेटना भी मुश्किल हो गया। बरसात की वजह से सड़कों पर ही मक्का भीग भी गई है।
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