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पीसीएफ ने एसआईटी को सौंपे खाद खरीदारी के रिकॉर्ड
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बदायूं। तीन करोड़ के खाद घोटाले की जांच कर रही एसआईटी को रविवार दोपहर खाद खरीद के रिकॉर्ड मिल गए। टीम में शामिल दो पुलिसकर्मी रविवार दोपहर पीसीएफ कार्यालय पहुंचे और लिखा पढ़त के बाद रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए। बताया जा रहा है कि खाद खरीदने का रिकॉर्ड तो मिला है लेकिन घोटाले से संबंधित कोई कागजात हाथ नहीं आया है। आखिर तीन करोड़ की खाद कहां और कैसे गायब हो गई, यह सवाल अब भी बना हुआ है।
तीन करोड़ की खाद आंवला फैक्ट्री से बदायूं गोदामों में पहुंची थी। आंवला से निकले खाद के एक-एक कट्टे का हिसाब पीसीएफ के पास मौजूद है लेकिन रास्ते से या गोदामों से खाद कब और कैसे गायब हुई? कहां-कहां भेजी गई? इसका कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। यही सबसे बड़े घोटाले की जड़ है। खाद घोटाले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद एसआईटी ने पूरा रिकॉर्ड मांगा था, लेकिन पीसीएफ रिकार्ड देने में टालमटोल कल कर रहा था। अमर उजाला ने भी रिकॉर्ड न सौंपने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इससे विभाग में खलबली मच गई, वहीं एसआईटी ने भी सख्ती शुरू कर दी। रविवार दोपहर करीब 12 बजे टीम में शामिल एसआई वीकेश कुमार और एसआई अरविंद कुमार पीसीएफ कार्यालय पहुंचे और पीसीएफ के जिला प्रबंधक अशोक शर्मा से बात की। अशोक ने कागज निकलवाकर टीम को सौंप दिए। पुलिस की माने तो खाद कितनी आई थी, कब आई, इसका पूरा रिकॉर्ड मिल गया है। परंतु खाद गायब कैसे हुई, इसकी अभी छानबीन चल रही है। टीम की छानबीन में नामजदों के अलावा कुछ अन्य कर्मचारी-अधिकारी भी लपेटे में आ सकते हैं। इससे विभाग में खलबली मची हुई है।
गोदाम से हटाए जाएंगे ट्रक
पीसीएफ कार्यालय के नजदीक गोदाम में कई दिन से कुछ ट्रक खड़े हैं। यह ट्रक घोटाले में नामजद परिवहन ठेकेदार के बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद यहां ठेकेदार की मनमानी चल रही है। पीसीएफ के जिला प्रबंधक ने कहा है कि सोमवार को ट्रक मालिकों को पत्र देकर अवगत कराया जाएगा। उसके बाद ट्रक हटवाए जाएंगे।
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तीन करोड़ की खाद आंवला फैक्ट्री से बदायूं गोदामों में पहुंची थी। आंवला से निकले खाद के एक-एक कट्टे का हिसाब पीसीएफ के पास मौजूद है लेकिन रास्ते से या गोदामों से खाद कब और कैसे गायब हुई? कहां-कहां भेजी गई? इसका कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है। यही सबसे बड़े घोटाले की जड़ है। खाद घोटाले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद एसआईटी ने पूरा रिकॉर्ड मांगा था, लेकिन पीसीएफ रिकार्ड देने में टालमटोल कल कर रहा था। अमर उजाला ने भी रिकॉर्ड न सौंपने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इससे विभाग में खलबली मच गई, वहीं एसआईटी ने भी सख्ती शुरू कर दी। रविवार दोपहर करीब 12 बजे टीम में शामिल एसआई वीकेश कुमार और एसआई अरविंद कुमार पीसीएफ कार्यालय पहुंचे और पीसीएफ के जिला प्रबंधक अशोक शर्मा से बात की। अशोक ने कागज निकलवाकर टीम को सौंप दिए। पुलिस की माने तो खाद कितनी आई थी, कब आई, इसका पूरा रिकॉर्ड मिल गया है। परंतु खाद गायब कैसे हुई, इसकी अभी छानबीन चल रही है। टीम की छानबीन में नामजदों के अलावा कुछ अन्य कर्मचारी-अधिकारी भी लपेटे में आ सकते हैं। इससे विभाग में खलबली मची हुई है।
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गोदाम से हटाए जाएंगे ट्रक
पीसीएफ कार्यालय के नजदीक गोदाम में कई दिन से कुछ ट्रक खड़े हैं। यह ट्रक घोटाले में नामजद परिवहन ठेकेदार के बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद यहां ठेकेदार की मनमानी चल रही है। पीसीएफ के जिला प्रबंधक ने कहा है कि सोमवार को ट्रक मालिकों को पत्र देकर अवगत कराया जाएगा। उसके बाद ट्रक हटवाए जाएंगे।
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