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सीडीओ ने स्वेच्छाग्रहियों को दिया प्रशिक्षण
Updated Wed, 15 Nov 2017 11:43 PM IST
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प्रशिक्षण देते सीडीओ।
- फोटो : अमर उजाला
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बदायूं। स्वच्छ भारत अभियान अंतर्गत ग्रामीणों को स्वच्छता और खुले में शौच न जाने के प्रति जागरूक करने के लिए 110 स्वेच्छाग्रहियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें स्वेच्छाग्रही गांव-गांव जाकर स्वच्छता की अलख जगाएंगे। पांच दिवसीय कार्यक्रम का शुभांरभ सीडीओ शेषमणि पांडेय ने किया।
सीडीओ ने कहा कि ग्रामीणों को खुले में शौच से होने वाली हानियों, बीमारियों के बारे में विस्तार से बताया जाए। इससे लोगों को आसानी से समझ आ जाएगा। अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीणों के पास दो-दो मंजिला पक्के मकान, गाड़ी, टैक्टर, ट्रॉली, महंगे मोबाइल हैं, लेकिन शौचालय निर्माण के लिए सरकारी धन की ही आशा रखते हैं। सरकार गरीब, विकलांग, विधवा और बेसहारा लोगों को ही सरकारी सहायता उपलब्ध कराएगी। खुद में सक्षम व्यक्ति अपने शौचालय का निर्माण स्वयं अपने संसाधनों से करें। गांव के सकारात्मक सोच वाले व्यक्तियों को अपने साथ लेकर ग्रामीणों को प्रेरित करें। इससे वह आसानी से शौचालय के लाभ को समझ सकें। डीपीआरओ राजीव कुमार मौर्य ने कहा कि स्वेच्छाग्रहियों की टीम सुबह गांव में पहुंचकर टिगरिंग के माध्यम से शौचालय निर्माण के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करेगी। प्रशिक्षण में दिलचस्पी न लेने, कार्य में लापरवाही बरतने वाले स्वेच्छाग्रहियों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। इस अवसर पर यूनिसेफ मंडलीय कोआर्डिनेटर अब्दुल अहद जांबाज, स्वच्छ भारत मिशन जिला समंवयक प्रियंका मौजूद रहीं।
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सीडीओ ने कहा कि ग्रामीणों को खुले में शौच से होने वाली हानियों, बीमारियों के बारे में विस्तार से बताया जाए। इससे लोगों को आसानी से समझ आ जाएगा। अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीणों के पास दो-दो मंजिला पक्के मकान, गाड़ी, टैक्टर, ट्रॉली, महंगे मोबाइल हैं, लेकिन शौचालय निर्माण के लिए सरकारी धन की ही आशा रखते हैं। सरकार गरीब, विकलांग, विधवा और बेसहारा लोगों को ही सरकारी सहायता उपलब्ध कराएगी। खुद में सक्षम व्यक्ति अपने शौचालय का निर्माण स्वयं अपने संसाधनों से करें। गांव के सकारात्मक सोच वाले व्यक्तियों को अपने साथ लेकर ग्रामीणों को प्रेरित करें। इससे वह आसानी से शौचालय के लाभ को समझ सकें। डीपीआरओ राजीव कुमार मौर्य ने कहा कि स्वेच्छाग्रहियों की टीम सुबह गांव में पहुंचकर टिगरिंग के माध्यम से शौचालय निर्माण के लिए ग्रामीणों को प्रेरित करेगी। प्रशिक्षण में दिलचस्पी न लेने, कार्य में लापरवाही बरतने वाले स्वेच्छाग्रहियों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। इस अवसर पर यूनिसेफ मंडलीय कोआर्डिनेटर अब्दुल अहद जांबाज, स्वच्छ भारत मिशन जिला समंवयक प्रियंका मौजूद रहीं।
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