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लेह पहुंचे दुर्गम इलाके में फंसे मजदूर, एक लापता
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लेह पहुंचे कारगिल के दुर्गम इलाके में फंसे मजदूर, एक लापता
बिजनौर। गांव रावली के मजदूरों को कारगिल से ऊंचे क्षेत्र से बचाकर लेह लाया गया है। इनमें से एक मजदूर लापता हो गया है। उसकी तलाश की जा रही है। भाजपा विधायक सुचि मौसम चौधरी के पति ऐश्वर्य चौधरी मजदूरों को लेने के लिए लेह पहुंच गए हैं। सभी मजदूरों का कोरोना टेस्ट कराया गया है। भाजपा नेता को देखते ही मजदूर उनसे लिपटकर रो पडे़। बृहस्पतिवार को मजदूर श्रीनगर से दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे और शाम तक मजदूर किसी समय अपने घर पहुंच जाएंगे।
देहरादून का एक ठेकेदार गांव रावली के 28 लोगों को जम्मू में अच्छी मजदूरी दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया था। ठेकेदार मजदूरों से धोखाधड़ी करते हुए उन्हें कारगिल से 150 किलोमीटर आगे दुर्गम इलाके में रारू के पास बन रहे एक पावर प्लांट में छोड़कर फरार हो गया। वहां मजदूरों के रहने, खाने पीने की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। ऊंचाई पर मजदूरों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। मंगलवार को इसकी शिकायत मजदूरों के परिजनों ने भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी से की थी। वहीं, जब प्रशासन को इसका पता चला तो डीएम उमेश मिश्रा ने वहां के प्रशासनिक अफसरों से बात कर उन्हें वापस लाने का प्रयास शुरू कर दिया।
ऐश्वर्य चौधरी मजदूरों को लेने के लिए मंगलवार को ही लेह के लिए रवाना हो गए थे। एक टूर एंड ट्रैवल कंपनी से बात कर वे मजदूरों को मिनी बसों से लेह लेकर आए। ऐश्वर्य चौधरी बुधवार को लेह पहुंचे तो मजदूर भावुक हो गए। कुछ मजदूर तो उनसे लिपटकर फूट फूटकर रोए भी। मजदूर बोले कि उन्होंने अपने बचने की आस ही छोड़ दी थी। उन्होंने बताया कि उनके साथ आया गांव गजरौलाशिव निवासी मुकेश सैनी लापता हो गया है, उसका कुछ पता नहीं चला है। वह अपने घर भी नहीं पहुंचा है। कुछ लोग चार और लोगों को पकड़ना चाहते थ,े लेकिन वे किसी तरह बच गए। लापता मजदूर के बारे में संगठन के लोगों को बता दिया गया है। उसकी तलाश की जा रही है। ठेकेदार का पता लगाने के लिए प्रशासन से भी कहा गया है। यह मानव तस्करी करने वाला कोई गैंग भी हो सकता है।
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सभी मजदूरों का स्वास्थ्य है खराब
भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी ने बताया कि मजदूरों की हालत बहुत खराब है। ज्यादातर मजदूर वृद्ध हैं। सभी के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था की गई है और होटल में ठहराया गया है। सभी को बृहस्पतिवार को इंडिगो की फ्लाइट से दिल्ली ले जाया जाएगा। वे भी उनके साथ रहेंगे। इसके बाद दिल्ली से सबको घर लेकर जाएंगे। मजदूरों को रारू गांव से लेह आने में करीब 400 किलोमीटर का दुर्गम सफर तय किया है। मजदूरों से मिलकर ऐश्वर्य चौधरी ने उनकी उनके परिजनों से बात भी कराई। मजदूरों के परिजन भी फोन पर उनसे बात करके रो पड़े।
अब तक ये मजदूर मिले
बचाए गए मजदूरों के नाम देवराज, श्रीराम, अजय कुमार, मनोज कुमार, वीरु, संदीप, सुरेश, रोहित, चंद्रप्रकाश, रवि, नवीन कुमार, अंकित सिंह, चेतन कुमार, मुन्नू, सुमित कुमार, परशुराम, दीपक, संजय कुमार, सादिक, राम सिंह, देवा, रामौतार, संदीप, गोविंद, कल्लू, संतराम हैं। ऐश्वर्य चौधरी के साथ भाजपा मंडल अध्यक्ष ललित कुमार व मनोज भी लेह गए हैं।
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बिजनौर। गांव रावली के मजदूरों को कारगिल से ऊंचे क्षेत्र से बचाकर लेह लाया गया है। इनमें से एक मजदूर लापता हो गया है। उसकी तलाश की जा रही है। भाजपा विधायक सुचि मौसम चौधरी के पति ऐश्वर्य चौधरी मजदूरों को लेने के लिए लेह पहुंच गए हैं। सभी मजदूरों का कोरोना टेस्ट कराया गया है। भाजपा नेता को देखते ही मजदूर उनसे लिपटकर रो पडे़। बृहस्पतिवार को मजदूर श्रीनगर से दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे और शाम तक मजदूर किसी समय अपने घर पहुंच जाएंगे।
देहरादून का एक ठेकेदार गांव रावली के 28 लोगों को जम्मू में अच्छी मजदूरी दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया था। ठेकेदार मजदूरों से धोखाधड़ी करते हुए उन्हें कारगिल से 150 किलोमीटर आगे दुर्गम इलाके में रारू के पास बन रहे एक पावर प्लांट में छोड़कर फरार हो गया। वहां मजदूरों के रहने, खाने पीने की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। ऊंचाई पर मजदूरों को सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। मंगलवार को इसकी शिकायत मजदूरों के परिजनों ने भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी से की थी। वहीं, जब प्रशासन को इसका पता चला तो डीएम उमेश मिश्रा ने वहां के प्रशासनिक अफसरों से बात कर उन्हें वापस लाने का प्रयास शुरू कर दिया।
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ऐश्वर्य चौधरी मजदूरों को लेने के लिए मंगलवार को ही लेह के लिए रवाना हो गए थे। एक टूर एंड ट्रैवल कंपनी से बात कर वे मजदूरों को मिनी बसों से लेह लेकर आए। ऐश्वर्य चौधरी बुधवार को लेह पहुंचे तो मजदूर भावुक हो गए। कुछ मजदूर तो उनसे लिपटकर फूट फूटकर रोए भी। मजदूर बोले कि उन्होंने अपने बचने की आस ही छोड़ दी थी। उन्होंने बताया कि उनके साथ आया गांव गजरौलाशिव निवासी मुकेश सैनी लापता हो गया है, उसका कुछ पता नहीं चला है। वह अपने घर भी नहीं पहुंचा है। कुछ लोग चार और लोगों को पकड़ना चाहते थ,े लेकिन वे किसी तरह बच गए। लापता मजदूर के बारे में संगठन के लोगों को बता दिया गया है। उसकी तलाश की जा रही है। ठेकेदार का पता लगाने के लिए प्रशासन से भी कहा गया है। यह मानव तस्करी करने वाला कोई गैंग भी हो सकता है।
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सभी मजदूरों का स्वास्थ्य है खराब
भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी ने बताया कि मजदूरों की हालत बहुत खराब है। ज्यादातर मजदूर वृद्ध हैं। सभी के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था की गई है और होटल में ठहराया गया है। सभी को बृहस्पतिवार को इंडिगो की फ्लाइट से दिल्ली ले जाया जाएगा। वे भी उनके साथ रहेंगे। इसके बाद दिल्ली से सबको घर लेकर जाएंगे। मजदूरों को रारू गांव से लेह आने में करीब 400 किलोमीटर का दुर्गम सफर तय किया है। मजदूरों से मिलकर ऐश्वर्य चौधरी ने उनकी उनके परिजनों से बात भी कराई। मजदूरों के परिजन भी फोन पर उनसे बात करके रो पड़े।
अब तक ये मजदूर मिले
बचाए गए मजदूरों के नाम देवराज, श्रीराम, अजय कुमार, मनोज कुमार, वीरु, संदीप, सुरेश, रोहित, चंद्रप्रकाश, रवि, नवीन कुमार, अंकित सिंह, चेतन कुमार, मुन्नू, सुमित कुमार, परशुराम, दीपक, संजय कुमार, सादिक, राम सिंह, देवा, रामौतार, संदीप, गोविंद, कल्लू, संतराम हैं। ऐश्वर्य चौधरी के साथ भाजपा मंडल अध्यक्ष ललित कुमार व मनोज भी लेह गए हैं।