{"_id":"60e892558ebc3e55284c31a8","slug":"work-boycott-against-transfer-policy-bijnor-news-mrt5466278180","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्थानांतरण नीति के खिलाफ कार्य बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्थानांतरण नीति के खिलाफ कार्य बहिष्कार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्थानांतरण नीति के खिलाफ कार्य बहिष्कार
अफजलगढ़। शासन द्वारा किये जा रहे स्थानांतरण के खिलाफ चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक, नर्स एवं फार्मासिस्ट तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया।
शुक्रवार को संगठन के आला नेतृत्व के आह्वान पर जबरन स्थानांतरण नीति के तहत किये जा रहे स्थानांतरण को लेकर चिकित्सकों, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन तथा नर्सों के अलावा स्वास्थ्य कर्मियों ने सवेरे आठ बजे से 10 बजे तक कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान उपस्थित कर्मियों का कहना है कि जब तक जबरन स्थानांतरण की व्यवस्था समाप्त नहीं की जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा, स्थानांतरण करना है तो स्वयं के अनुरोध पर ही स्थानांतरण किया जाय, जिससे इस वैश्विक महामारी के दौरान किसी को किसी भी तरह की अनावश्यक परेशानी का समाना नहीं करना पड़ेगा। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में कई कर्मचारियों व अधिकारियों का कोविड के दौरान निधन भी हो गया है।
ऐसे समय में जब कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान नहीं है। जबकि ऐसे मौके पर सभी लोगों को सम्मानित किया जाना चाहिए था। जब तीसरे लहर की बात चल रही हैं, उस समय पर केवल जबरन स्थानांतरण की बात करके सरकार सभी के मनोबल पर कुठाराघात कर रही है। चिकित्सकों सहित कर्मचारियों ने शासन से स्थानांतरण नीति में बदलाव लाए जाने की मांग की है। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक रजनीश कुमार, पीएचसी चिकित्साधिकारी कासमपुरगढ़ी सर्वेश निराला, डाक्टर अरुण कुमार, फार्मासिस्ट मनोज शर्मा, अमित विश्नोई, दिनेश कुमार सिंह, पंकज कुमार, सतीश कुमार, सरवेंद्र कुमार, जमाल अहमद, प्रमोद कुमार, राजीव, शहनाज जहां आदि उपस्थित रहे ।
विज्ञापन
विज्ञापन
अफजलगढ़। शासन द्वारा किये जा रहे स्थानांतरण के खिलाफ चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक, नर्स एवं फार्मासिस्ट तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया।
शुक्रवार को संगठन के आला नेतृत्व के आह्वान पर जबरन स्थानांतरण नीति के तहत किये जा रहे स्थानांतरण को लेकर चिकित्सकों, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन तथा नर्सों के अलावा स्वास्थ्य कर्मियों ने सवेरे आठ बजे से 10 बजे तक कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान उपस्थित कर्मियों का कहना है कि जब तक जबरन स्थानांतरण की व्यवस्था समाप्त नहीं की जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा, स्थानांतरण करना है तो स्वयं के अनुरोध पर ही स्थानांतरण किया जाय, जिससे इस वैश्विक महामारी के दौरान किसी को किसी भी तरह की अनावश्यक परेशानी का समाना नहीं करना पड़ेगा। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग में कई कर्मचारियों व अधिकारियों का कोविड के दौरान निधन भी हो गया है।
विज्ञापन
ऐसे समय में जब कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान नहीं है। जबकि ऐसे मौके पर सभी लोगों को सम्मानित किया जाना चाहिए था। जब तीसरे लहर की बात चल रही हैं, उस समय पर केवल जबरन स्थानांतरण की बात करके सरकार सभी के मनोबल पर कुठाराघात कर रही है। चिकित्सकों सहित कर्मचारियों ने शासन से स्थानांतरण नीति में बदलाव लाए जाने की मांग की है। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक रजनीश कुमार, पीएचसी चिकित्साधिकारी कासमपुरगढ़ी सर्वेश निराला, डाक्टर अरुण कुमार, फार्मासिस्ट मनोज शर्मा, अमित विश्नोई, दिनेश कुमार सिंह, पंकज कुमार, सतीश कुमार, सरवेंद्र कुमार, जमाल अहमद, प्रमोद कुमार, राजीव, शहनाज जहां आदि उपस्थित रहे ।
विज्ञापन