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स्वयं का दोयम दर्जे का नागरिक न समझे महिलाएं: अल्पना सिंह
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‘स्वयं को दोयम दर्जे का नागरिक न समझें महिलाएं’
धामपुर। एसबीडी महिला महाविद्यालय में ‘मिशन शक्ति‘ के अंतर्गत लैंगिक समानता विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
हिंदी विभाग की ओर से आयोजित गोष्ठी में शिक्षिकाओं और छात्राओं ने लैंगिक समानता पर विचार रखे। शिक्षिकाओं ने कहा कि पुरुष प्रधान समाज में आज भी महिलाओं को दोयम दर्जे का ही समझ उनके साथ बर्ताव किया जाता है और भागीदारी भी की जाती है। लैंगिक भेदभाव के खत्म न होने से महिलाओं को उनका पूरा हक नहीं मिल पा रहा है। इस मौके पर छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने को ताइक्वांडों का अभ्यास कराया गया।
हिन्दी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. अल्पना सिंह ने कहा कि हमारा समाज प्रारम्भ से ही पितृ सत्तात्मक रहा है। यही कारण है कि स्त्री को हमेशा दोयम दर्जे पर गिना जाता रहा है। यद्यपि संविधान ने हमें लिंग, जाति, धर्म आदि के आधार पर समान अधिकार दिए है। लेकिन यह बहुत बड़ी विडंबना है कि अभी में स्त्रियां लैंगिक असमानता का शिकार होती हैै। प्राचार्या डा. पूनम चौहान ने ‘मिशन शक्ति‘ के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रमों की महत्ता और सार्थकता बताई। अंग्रेजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. पायल शर्मा ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम शारीरिक शिक्षा विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर नगमा परवीन द्वारा संचालित किया गया। कार्यक्रम में आरजू, दिपाली, तानिया, अक्शा, राफिया, भावना रही।
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धामपुर। एसबीडी महिला महाविद्यालय में ‘मिशन शक्ति‘ के अंतर्गत लैंगिक समानता विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
हिंदी विभाग की ओर से आयोजित गोष्ठी में शिक्षिकाओं और छात्राओं ने लैंगिक समानता पर विचार रखे। शिक्षिकाओं ने कहा कि पुरुष प्रधान समाज में आज भी महिलाओं को दोयम दर्जे का ही समझ उनके साथ बर्ताव किया जाता है और भागीदारी भी की जाती है। लैंगिक भेदभाव के खत्म न होने से महिलाओं को उनका पूरा हक नहीं मिल पा रहा है। इस मौके पर छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने को ताइक्वांडों का अभ्यास कराया गया।
हिन्दी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. अल्पना सिंह ने कहा कि हमारा समाज प्रारम्भ से ही पितृ सत्तात्मक रहा है। यही कारण है कि स्त्री को हमेशा दोयम दर्जे पर गिना जाता रहा है। यद्यपि संविधान ने हमें लिंग, जाति, धर्म आदि के आधार पर समान अधिकार दिए है। लेकिन यह बहुत बड़ी विडंबना है कि अभी में स्त्रियां लैंगिक असमानता का शिकार होती हैै। प्राचार्या डा. पूनम चौहान ने ‘मिशन शक्ति‘ के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रमों की महत्ता और सार्थकता बताई। अंग्रेजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. पायल शर्मा ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम शारीरिक शिक्षा विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर नगमा परवीन द्वारा संचालित किया गया। कार्यक्रम में आरजू, दिपाली, तानिया, अक्शा, राफिया, भावना रही।
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