फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   With the growing city, the problem of drainage increased

बढ़ते शहर के साथ बढ़ती गई ड्रेनेज की समस्या

Tue, 02 Aug 2022 12:36 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 02 Aug 2022 12:36 AM IST
विज्ञापन
With the growing city, the problem of drainage increased
बिजनौर में झालू रोड के पास खाली जमीन में भरा पानी। - फोटो : BIJNOR
बढ़ते शहर के साथ बढ़ती गई ड्रेनेज की समस्या
विज्ञापन

बिजनौर। शहर बिजनौर की आबादी लगातार बढ़ रही है, लेकिन ड्रेनेज सिस्टम पुराना ही है। हाल ही में नगर पालिका बिजनौर के हुए सीमा विस्तार में 13 ग्राम पंचायतें एवं उनमें बसी कॉलोनियां शामिल हुई है। वर्तमान में शहर की आबादी में पेयजल आपूर्ति के लिए 28 नलकूप संचालित है। हर बार आबादी बढ़ी और पानी की खपत भी बढ़ी, लेकिन ड्रेनेज की समस्या पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसके कारण शहर के बाहरी कॉलोनियों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने से वहां खाली प्लाटों व बाहरी क्षेत्र की जमीन में जलभराव हो रहा है। इससे वहां रहने वाले लोगों को परेशानी होती और संक्रमण रोग फैलने का अंदेशा बना रहता है।
बिजनौर नगर पालिका की आबादी करीब दो लाख है। शहर के मोहल्लों, कालोनियों से पानी की निकासी के लिए 21 छोटे लंबे तथा 38 बड़े लंबे नाले बने हुए हैं। पुराने बाजार एवं पुरानी कालोनियों के अंदर अतिक्रमण होने से नालों की स्थिति दशकों पुरानी ही है। दस साल पहले शहर में करीब 15 नलकूप थे। वर्तमान में 28 नलकूप चल रहे हैं। इनमें तीन नलकूप हाल ही में पालिका में शामिल हुए है, जिसमें से एक आवास-विकास कालोनी में नया बना है और दो नई आबादी के साथ शहर में शामिल हुए हैं। आबादी के साथ शहर में पानी का खर्च भी बढ़ा है। शहर में सीवर लाइन से अंदर व बाहर जाने वाले नाले अभी शतप्रतिशत नहीं जोड़े गए हैं। शहर के अंदर से बाहर की ओर निकासी करने वाले नालों का पानी के लिए तालाब आदि की भी व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन

बाहरी क्षेत्र को मिले पानी भराव से निजात
झालू रोड स्थित शैलेंद्र चौधरी का कहना है कि शहर में नाली-नाले बनाकर अंदर पानी बाहर छोड़ दिया जाता है। इस कारण बाहरी कॉलोनियों के खाली प्लाट में पानी भराव रहता है। गंदा पानी भरा होने बदबू आती है, वहीं संक्रमण रोग फैलने का अंदेशा बना रहता हैैैै। इससे निजात पाने दिलाने को ठोस कदम उठाया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीवर सिस्टम से जोड़े जाए नाले
कई वर्षों पहले शहर में सीवर लाइन बिछाई गई है। सीवर लाइन शहर के अंदर के साथ बाहरी कॉलोनियों में बिछाई गई है। सीवर लाइन से शतप्रतिशत नालों को छोड़ा जाए, तो बाहरी क्षेत्र की समस्या से निजात मिल जाएगी। इसके नगर पालिका परिषद को ठोस कदम उठाया जाए।
घरों में घुस जाता है बारिश का पानी
विशाल ढाका ने कहा कि उनकी कालोनी आवास-विकास जलभराव की बड़ी समस्या है। रोजमर्रा प्रयोग होने वाले पानी की निकासी की अच्छी व्यवस्था नहीं है। बारिश का पानी तो कालोनी के अधिकांश घरों में घुस जाता है। उनकी कॉलोनी अब पालिका में शामिल हो गई है। पालिका इस पर ठोस कदम उठाएं।
निकासी की बड़ी समस्या
मुकेश चौहान का कहना है कि शहर के बाहरी क्षेत्र में पानी निकासी की बड़ी समस्या है। पालिका सीमा विस्तार में शामिल हुई व पुरानी कॉलोनी पानी निकासी ध्वस्त है। शहर के बाहरी कालोनियां ड्रेनेज सिस्टम से नहीं जुड़ी हुई है। इससे उन कालोनियों व शहर के अंदर का पानी से खाली जमीन, प्लाटों में भर जाता है।

अचानक बारिश आने से जलभराव की समस्या होती है। बाहरी कॉलोनियों के लिए ड्रेनेज सिस्टम बनाने के लिए प्लान तैयार किय जा रहा है। - रुखसाना, चेयरपर्सन नगर पालिका
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed