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वन्यजीव और आवारा पशु बर्बाद कर रहे फसल
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वन्यजीव और आवारा पशु बर्बाद कर रहे फसल
अफजलगढ़। ग्रामीण इलाकों में वन्यजीव और आवारा पशु फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। इसकी रोकथाम न होने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उन्होंने वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से आवारा गोवंश, वन्यजीवों से निजात दिलाने की मांग की है।
मेहंदी हसन, पीरुबक्स, वसीम अंसारी, जाकिर हाफिज, जलाल, मतलब, जसवंत आदि का कहना है कि मीरापुर, बनियोवाला, भिक्कावाला, इस्लामनगर आदि गांवों के किसान माहे, हाथी और हिरनों से बुरी तरह से त्रस्त हैं। बावजूद इनके अब आवारा गोवंश फसलाें को बर्बाद कर रहे हैं। वन विभाग फसलों के नुकसान का कोई मुआवजा नहीं दे रहा है। आरोप है कि वन विभाग के अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। पंचायत सेक्रेटरी और ब्लॉक अधिकारी भी आवारा गोवंश की कोई सुध नहीं ले रहे हैं। ग्रामीणों ने डीएम से गोवंश को पकड़वाने की मांग की है। वहीं, डिप्टी रेंजर श्यामलाल यादव का कहना है कि वन्यजीवों के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। आदेश मिलने पर वन्यजीवों से निजात दिलाई जाएगी। एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि किसी भी पंचायत में आवारा गोवंश मिलता है तो संबंधित पंचायत का ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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अफजलगढ़। ग्रामीण इलाकों में वन्यजीव और आवारा पशु फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। इसकी रोकथाम न होने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उन्होंने वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से आवारा गोवंश, वन्यजीवों से निजात दिलाने की मांग की है।
मेहंदी हसन, पीरुबक्स, वसीम अंसारी, जाकिर हाफिज, जलाल, मतलब, जसवंत आदि का कहना है कि मीरापुर, बनियोवाला, भिक्कावाला, इस्लामनगर आदि गांवों के किसान माहे, हाथी और हिरनों से बुरी तरह से त्रस्त हैं। बावजूद इनके अब आवारा गोवंश फसलाें को बर्बाद कर रहे हैं। वन विभाग फसलों के नुकसान का कोई मुआवजा नहीं दे रहा है। आरोप है कि वन विभाग के अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। पंचायत सेक्रेटरी और ब्लॉक अधिकारी भी आवारा गोवंश की कोई सुध नहीं ले रहे हैं। ग्रामीणों ने डीएम से गोवंश को पकड़वाने की मांग की है। वहीं, डिप्टी रेंजर श्यामलाल यादव का कहना है कि वन्यजीवों के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। आदेश मिलने पर वन्यजीवों से निजात दिलाई जाएगी। एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि किसी भी पंचायत में आवारा गोवंश मिलता है तो संबंधित पंचायत का ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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