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बाजार में गेहूं पर मंदी की मार तो किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों की ओर किया रूख
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बिजनौर। बाजार में फिर से गेहूं पर मंदी की मार छाई हुई है। बाजार में गेहूं के दाम सरकारी दाम से काफी कम मिल रहे हैं। नुकसान से बचने के लिए किसान गेहूं बेचने के लिए बाजार के बजाए सरकारी क्रय केंद्रों की ओर रुख कर रहे हैं। क्रय केंद्रों पर अब तक 17 हजार 734 मीट्रिक टन गेहूं बेचा जा चुका है।
जिले में गेहूं की खरीदारी के लिए 48 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। सरकार ने गेहूं की खरीद के दाम 1975 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किए हैं। सरकारी क्रय केंद्रों पर तो गेहूं का यही रेट लागू है लेकिन खुले बाजार में पिछले साल की ही तरह गेहूं की फसल सस्ती है। बाजार में गेहूं के दाम 1700 से 1750 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहे हैं। यानि सरकारी मूल्य के मुकाबले गेहूं के दाम 225 से 275 रुपये प्रति क्विंटल तक कम है। किसान सरकारी क्रय केंद्रों और बाजार दोनों पर गेहूं बेचते हैं, लेकिन इस बार बाजार में गेहूं के दाम बहुत कम हैं। ऐसे में खुला बाजार गेहूं की फसल के लिए नुकसान का सौदा है। किसान गेहूं बेचने के लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर ही रुख कर रहे हैं। क्रय केंद्रों पर गेहूूं की खरीदारी एक अप्रैल से चल रही है। गेहूं की गहाई इस बार अप्रैल खत्म होने के बाद तक चली है। अब तक सरकारी क्रय केंद्रों पर 17 हजार 734 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। क्रय केंद्रों पर किसानों की लाइन लगी हुई है। अभी भी काफी किसान क्रय केंद्रों पर भीड़ कम होने के इंतजार में फसल घर पर ही रखे हुए हैं। ये भी फसल क्रय केंद्रों पर ही बेचेंगे। इस बार पिछले साल के मुकाबले क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीदारी कहीं ज्यादा होने का अनुमान है।
बाजार में दाम कम है: धनश्याम वर्मा
खाद्य एवं विपणन अधिकारी घनश्याम वर्मा के अनुसार बाजार में गेहूं के दाम बहुत कम हैं। इसलिए किसान इस बार ज्यादा संख्या में क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए आ रहे हैं।
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जिले में गेहूं की खरीदारी के लिए 48 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। सरकार ने गेहूं की खरीद के दाम 1975 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किए हैं। सरकारी क्रय केंद्रों पर तो गेहूं का यही रेट लागू है लेकिन खुले बाजार में पिछले साल की ही तरह गेहूं की फसल सस्ती है। बाजार में गेहूं के दाम 1700 से 1750 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहे हैं। यानि सरकारी मूल्य के मुकाबले गेहूं के दाम 225 से 275 रुपये प्रति क्विंटल तक कम है। किसान सरकारी क्रय केंद्रों और बाजार दोनों पर गेहूं बेचते हैं, लेकिन इस बार बाजार में गेहूं के दाम बहुत कम हैं। ऐसे में खुला बाजार गेहूं की फसल के लिए नुकसान का सौदा है। किसान गेहूं बेचने के लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर ही रुख कर रहे हैं। क्रय केंद्रों पर गेहूूं की खरीदारी एक अप्रैल से चल रही है। गेहूं की गहाई इस बार अप्रैल खत्म होने के बाद तक चली है। अब तक सरकारी क्रय केंद्रों पर 17 हजार 734 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। क्रय केंद्रों पर किसानों की लाइन लगी हुई है। अभी भी काफी किसान क्रय केंद्रों पर भीड़ कम होने के इंतजार में फसल घर पर ही रखे हुए हैं। ये भी फसल क्रय केंद्रों पर ही बेचेंगे। इस बार पिछले साल के मुकाबले क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीदारी कहीं ज्यादा होने का अनुमान है।
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बाजार में दाम कम है: धनश्याम वर्मा
खाद्य एवं विपणन अधिकारी घनश्याम वर्मा के अनुसार बाजार में गेहूं के दाम बहुत कम हैं। इसलिए किसान इस बार ज्यादा संख्या में क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए आ रहे हैं।
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