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गेहूं खरीद केंद्रों से नहीं उठ रहा गेहूं
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खरीद केंद्रों से नहीं उठ रहा गेहूं
धामपुर। खरीद केंद्रों से गेहूं का उठान न होने की वजह से केंद्र प्रभारियों की हालत खस्ता हो गई है। वहीं किसान भी परेशान हो रहे हैं। शासन प्रशासन की लचर व्यवस्था के चलते किसान दोराहे पर आ खड़ा हुआ है। एक माह बाद भी केहरीपुर क्रय केंद्र पर मात्र 23 किसानों के गेहूं की ही तौल हो पाई है। बाकी किसान अभी लाइन में लगे हैं।
किसान महावीर सिंह, गजेंद्र सिंह, चंद्रपाल सिंह, भूप सिंह, आशीष कुमार, मनोज कुमार आदि का आरोप है कि प्रशासन ने इस बार किसानों के साथ अन्याय किया है। किसान गेहूं कटाई के एक माह बाद भी गेहूं को अपने घर में रखे बैठे हैं। केहरीपुर क्रय केंद्र पर 32 राजस्व ग्रामों को जोड़ा गया है। लेकिन इस क्षेत्र में बड़े किसानों की संख्या ज्यादा होने की वजह से छोटे किसान परेशान है। क्रय केंद्र पर गेहूं का भंडार लगा है। खरीद के बाद गेहूं का उठान न होने से केंद्र प्रभारी भी परेशान है। किसानों का आरोप है की केहरीपुर क्रय केंद्र पर एक माह बीतने के बाद भी कुल 23 किसानों की ही तौल हो पाई है। जबकि 200 से ज्यादा किसान लाइन में लगे हैं। किसानों ने प्रशासन से गांव उदयपुर में पहले से संचालित क्रय केंद्र को खोले जाने की मांग की है। एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि वह इस मामले में डिप्टी एआरएमओ से बात कर किसानों की समस्या का निराकरण करने का प्रयास करेंगे।
अफजलगढ़ परगने से होता है गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा
अफजलगढ़ ब्लॉक में गेहूं की पैदावार जनपद के अन्य ब्लॉक से ज्यादा है। यहां पर गेहूं की पैदावार 48 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। जनपद की गेहूं खरीद का लक्ष्य भी अफजलगढ़ ब्लॉक पर ही निर्भर करता है। लेकिन इस बार गेहूं क्रय केंद्रों की संख्या कम होने की वजह से गेहूं की अपेक्षा के अनुसार खरीद नहीं हो पा रही है। बाजार में गेहूं का दाम 1700 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है। इसलिए किसान गेहूं को खरीद केंद्रों पर ही बेचने की जुगत में लगे हैं।
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धामपुर। खरीद केंद्रों से गेहूं का उठान न होने की वजह से केंद्र प्रभारियों की हालत खस्ता हो गई है। वहीं किसान भी परेशान हो रहे हैं। शासन प्रशासन की लचर व्यवस्था के चलते किसान दोराहे पर आ खड़ा हुआ है। एक माह बाद भी केहरीपुर क्रय केंद्र पर मात्र 23 किसानों के गेहूं की ही तौल हो पाई है। बाकी किसान अभी लाइन में लगे हैं।
किसान महावीर सिंह, गजेंद्र सिंह, चंद्रपाल सिंह, भूप सिंह, आशीष कुमार, मनोज कुमार आदि का आरोप है कि प्रशासन ने इस बार किसानों के साथ अन्याय किया है। किसान गेहूं कटाई के एक माह बाद भी गेहूं को अपने घर में रखे बैठे हैं। केहरीपुर क्रय केंद्र पर 32 राजस्व ग्रामों को जोड़ा गया है। लेकिन इस क्षेत्र में बड़े किसानों की संख्या ज्यादा होने की वजह से छोटे किसान परेशान है। क्रय केंद्र पर गेहूं का भंडार लगा है। खरीद के बाद गेहूं का उठान न होने से केंद्र प्रभारी भी परेशान है। किसानों का आरोप है की केहरीपुर क्रय केंद्र पर एक माह बीतने के बाद भी कुल 23 किसानों की ही तौल हो पाई है। जबकि 200 से ज्यादा किसान लाइन में लगे हैं। किसानों ने प्रशासन से गांव उदयपुर में पहले से संचालित क्रय केंद्र को खोले जाने की मांग की है। एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि वह इस मामले में डिप्टी एआरएमओ से बात कर किसानों की समस्या का निराकरण करने का प्रयास करेंगे।
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अफजलगढ़ परगने से होता है गेहूं खरीद का लक्ष्य पूरा
अफजलगढ़ ब्लॉक में गेहूं की पैदावार जनपद के अन्य ब्लॉक से ज्यादा है। यहां पर गेहूं की पैदावार 48 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। जनपद की गेहूं खरीद का लक्ष्य भी अफजलगढ़ ब्लॉक पर ही निर्भर करता है। लेकिन इस बार गेहूं क्रय केंद्रों की संख्या कम होने की वजह से गेहूं की अपेक्षा के अनुसार खरीद नहीं हो पा रही है। बाजार में गेहूं का दाम 1700 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है। इसलिए किसान गेहूं को खरीद केंद्रों पर ही बेचने की जुगत में लगे हैं।
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