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ये कैसा हाईवे...छह किमी में 623 गड्ढे
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ये कैसा हाईवे...छह किमी में 623 गड्ढे
रजनीश त्यागी
बिजनौर। आप बिजनौर से मेरठ जा रहे हैं तो सावधान रहिए। शहर से निकलने के दो किमी बाद ही आपकी राह कठिन हो सकती है, क्योंकि इस राह में गड्डे ही गड्ढे हैं। अमर उजाला की टीम ने मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे शहर के चक्कर चौराहे से बैराज पुल तक के गड्ढे गिने तो संख्या चौंकाने वाली थी। इस चौराहे से दो से तीन किमी तक तो सात गड्ढे मिले, लेकिन आखिरी से पांच से छह किमी की दूरी में 623 गड्ढे मिले। इनमें से कई खाई का रूप ले चुके हैं, जो रात में बड़े ट्रक के पलटने का भी कारण बन सकते हैं। अब सवाल उठता है कि प्रशासन द्वारा तीन से चार बार चेतावनी देने के बावजूद भी यह गड्ढे नहीं भरे गए तो किसके कहने पर इसकी हालत सुधर पाएगी।
पिछले दिनों डीएम उमेश मिश्रा ने स्वयं एनएचआई के अधिकारियों के साथ बैठक कर शीघ्र ही हाईवे के गड्ढे भरने की चेतावनी दी थी। साथ ही किसी की जान गड्ढों के कारण जाने पर एफआईआर कराने को भी कहा था। इसके बावजूद बैराज रोड का हाल जस का जस है। चेतावनी के बाद अफसरों को दिखाने के लिए शहर से बैराज की ओर कुछ दूरी तक गड्ढे जरूर भरे गए, लेकिन करीब दो किमी बाद डरावना सफर शुरू हो जाता है। गड्ढे ऐसे कि दोपहिया वाहन का संतुलन बिगड़ना तो तय है ही, बड़े वाहन भी आय दिन संतुलन खोते दिख जाते हैं।
समय: दोपहर के 12:10 बजे
बैराज रोड पर सड़क किनारे एक पिकअप खड़ी दिखाई दी। पिकअप में सामान लादकर मेरठ ले जा रहे सोनू शर्मा ने बताया कि गड्ढे में पहिया गिरा तो जोर का झटका लगा। इससे डीजल का पाइप टूट गया और गाड़ी को सड़क किनारे रोकना पड़ा। करीब डेढ़ से दो घंटे बाद पिकअप ठीक हो सकी।
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने किया निरीक्षण
एसडीएम सदर एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक से जब बैराज रोड के गड्ढों के बारे में बात की गई तो उन्होंने इस रोड का निरीक्षण किया। इसके बाद डीएम बिजनौर को पत्र लिखकर इस रोड की दयनीय स्थिति के बारे में अवगत कराया। साथ ही एनएचआई के अफसरों की कारगुजारी के बारे में भी डीएम को अगवत कराया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि कई बारे इस बारे में एनएचआई अफसरों को चेतावनी दी जा चुकी है।
शीघ्र ही एनएचआई के अफसरों की बैठक बुलाई जाएगी। हाईवे रोड की ऐसी हालत होना चिंता का विषय है। इस पर वार्ता कर शीघ्र ठीक कराने का प्रयास किया जाएगा।
उमेश मिश्रा, डीएम, बिजनौर
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रजनीश त्यागी
बिजनौर। आप बिजनौर से मेरठ जा रहे हैं तो सावधान रहिए। शहर से निकलने के दो किमी बाद ही आपकी राह कठिन हो सकती है, क्योंकि इस राह में गड्डे ही गड्ढे हैं। अमर उजाला की टीम ने मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे शहर के चक्कर चौराहे से बैराज पुल तक के गड्ढे गिने तो संख्या चौंकाने वाली थी। इस चौराहे से दो से तीन किमी तक तो सात गड्ढे मिले, लेकिन आखिरी से पांच से छह किमी की दूरी में 623 गड्ढे मिले। इनमें से कई खाई का रूप ले चुके हैं, जो रात में बड़े ट्रक के पलटने का भी कारण बन सकते हैं। अब सवाल उठता है कि प्रशासन द्वारा तीन से चार बार चेतावनी देने के बावजूद भी यह गड्ढे नहीं भरे गए तो किसके कहने पर इसकी हालत सुधर पाएगी।
पिछले दिनों डीएम उमेश मिश्रा ने स्वयं एनएचआई के अधिकारियों के साथ बैठक कर शीघ्र ही हाईवे के गड्ढे भरने की चेतावनी दी थी। साथ ही किसी की जान गड्ढों के कारण जाने पर एफआईआर कराने को भी कहा था। इसके बावजूद बैराज रोड का हाल जस का जस है। चेतावनी के बाद अफसरों को दिखाने के लिए शहर से बैराज की ओर कुछ दूरी तक गड्ढे जरूर भरे गए, लेकिन करीब दो किमी बाद डरावना सफर शुरू हो जाता है। गड्ढे ऐसे कि दोपहिया वाहन का संतुलन बिगड़ना तो तय है ही, बड़े वाहन भी आय दिन संतुलन खोते दिख जाते हैं।
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समय: दोपहर के 12:10 बजे
बैराज रोड पर सड़क किनारे एक पिकअप खड़ी दिखाई दी। पिकअप में सामान लादकर मेरठ ले जा रहे सोनू शर्मा ने बताया कि गड्ढे में पहिया गिरा तो जोर का झटका लगा। इससे डीजल का पाइप टूट गया और गाड़ी को सड़क किनारे रोकना पड़ा। करीब डेढ़ से दो घंटे बाद पिकअप ठीक हो सकी।
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ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने किया निरीक्षण
एसडीएम सदर एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक से जब बैराज रोड के गड्ढों के बारे में बात की गई तो उन्होंने इस रोड का निरीक्षण किया। इसके बाद डीएम बिजनौर को पत्र लिखकर इस रोड की दयनीय स्थिति के बारे में अवगत कराया। साथ ही एनएचआई के अफसरों की कारगुजारी के बारे में भी डीएम को अगवत कराया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि कई बारे इस बारे में एनएचआई अफसरों को चेतावनी दी जा चुकी है।
शीघ्र ही एनएचआई के अफसरों की बैठक बुलाई जाएगी। हाईवे रोड की ऐसी हालत होना चिंता का विषय है। इस पर वार्ता कर शीघ्र ठीक कराने का प्रयास किया जाएगा।
उमेश मिश्रा, डीएम, बिजनौर