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Bijnor News: जिंदगी बचाने जा रहे थे और जिंदगी गवां बैठे
Thu, 28 Mar 2024 01:44 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 28 Mar 2024 01:44 AM IST
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नजीबाबाद। सड़क हादसे में परिवार के मुखिया और घर के दोनों चिराग बुझ गए। परिवार के दो बेटों की मौत से परिजन और संबंधी स्तब्ध हैं। परिजनों ने स्वप्न में भी नहीं सोचा था कि एक व्यक्ति की जिंदगी बचाने के लिए जाते समय सभी लोग खुद जिंदगी गवां बैठेंगे।
अमरोहा जनपद के गांव सरकड़ा निवासी मेहरचंद का कुछ समय से एम्स ऋषिकेश अस्पताल में इलाज चल रहा था। मेहरचंद का बड़ा पुत्र परविंदर सिंह रामपुर जनपद के अजीमनगर थाने में सिपाही है। परविंदर रामपुर से अपने पिता को एम्स ऋषिकेश उपचार के लिए ले जाने के लिए कार से बिजनौर पहुंचा। परविंदर के पिता मेहरचंद, भाई रतन सिंह और मामा देवेंद्र कुमार गजरौला पैसेंजर ट्रेन से बुधवार की रात बिजनौर पहुंचे। परविंदर तीनों को कार में बैठाकर एम्स हरिद्वार के लिए रवाना हुआ।
तेज रफ्तार कार पलक झपकते ही नजीबाबाद थाने के गुनियापुर क्षेत्र में हाईवे पर अनियंत्रित होकर पलट गई और चारों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा देर रात किस समय हुआ और किसी को मालूम नहीं। क्षतिग्रस्त कार और शव सड़क से काफी नीचे निर्माणाधीन कॉलोनी क्षेत्र में पड़े थे। सवेरे क्षेत्र के लोगों ने क्षतिग्रस्त कार और शव देखकर पुलिस को सूचना दी। अनुमान है कि कार ने कई पलटे खाए। मौके पर शीशे टूटे थे, गंभीर रूप से घायल कार से बाहर निकले। अनुमान है कि घंटों इलाज न मिलने से घायलों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
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मेहरचंद के दो ही पुत्र और दो पुत्रियां हैं। दोनों पुत्र विवाहित थे। एक पुत्र के दो पुत्र और दूसरे पुत्र के दो पुत्रियां हैं। घर के मुखिया और दोनों पुत्रों की मौत से परिवार में पुरुष के रूप में कोई सहारा नहीं रहा। मृतकों के संबंधी राजपाल सिंह और परिजन घटना की सूचना मिलने पर बिजनौर पहुंचे। उनका रो-रो कर बुरा हाल था। उन्हें विश्वास नहीं आ रहा था कि कार पलटने से इतना बड़ा हादसा होगा और चारों की मौत हो जाएगी। बुधवार की देर शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर गांव के लिए रवाना हो गए।
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अमरोहा जनपद के गांव सरकड़ा निवासी मेहरचंद का कुछ समय से एम्स ऋषिकेश अस्पताल में इलाज चल रहा था। मेहरचंद का बड़ा पुत्र परविंदर सिंह रामपुर जनपद के अजीमनगर थाने में सिपाही है। परविंदर रामपुर से अपने पिता को एम्स ऋषिकेश उपचार के लिए ले जाने के लिए कार से बिजनौर पहुंचा। परविंदर के पिता मेहरचंद, भाई रतन सिंह और मामा देवेंद्र कुमार गजरौला पैसेंजर ट्रेन से बुधवार की रात बिजनौर पहुंचे। परविंदर तीनों को कार में बैठाकर एम्स हरिद्वार के लिए रवाना हुआ।
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तेज रफ्तार कार पलक झपकते ही नजीबाबाद थाने के गुनियापुर क्षेत्र में हाईवे पर अनियंत्रित होकर पलट गई और चारों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा देर रात किस समय हुआ और किसी को मालूम नहीं। क्षतिग्रस्त कार और शव सड़क से काफी नीचे निर्माणाधीन कॉलोनी क्षेत्र में पड़े थे। सवेरे क्षेत्र के लोगों ने क्षतिग्रस्त कार और शव देखकर पुलिस को सूचना दी। अनुमान है कि कार ने कई पलटे खाए। मौके पर शीशे टूटे थे, गंभीर रूप से घायल कार से बाहर निकले। अनुमान है कि घंटों इलाज न मिलने से घायलों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
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मेहरचंद के दो ही पुत्र और दो पुत्रियां हैं। दोनों पुत्र विवाहित थे। एक पुत्र के दो पुत्र और दूसरे पुत्र के दो पुत्रियां हैं। घर के मुखिया और दोनों पुत्रों की मौत से परिवार में पुरुष के रूप में कोई सहारा नहीं रहा। मृतकों के संबंधी राजपाल सिंह और परिजन घटना की सूचना मिलने पर बिजनौर पहुंचे। उनका रो-रो कर बुरा हाल था। उन्हें विश्वास नहीं आ रहा था कि कार पलटने से इतना बड़ा हादसा होगा और चारों की मौत हो जाएगी। बुधवार की देर शाम पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर गांव के लिए रवाना हो गए।