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बरात चढ़ी या डीजे बजा, तो निकाह नहीं पढ़ाएंगे : उलमा
Sun, 04 Jun 2023 11:08 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sun, 04 Jun 2023 11:08 PM IST
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- जमीअतुल उलमा ए हिंद की स्थानीय शाखा ने बैठक करने के बाद सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
नींदडू (बिजनौर)। जमीअतुल उलमा ए हिंद की स्थानीय शाखा ने शादी-निकाह के अवसर पर बरात चढ़ाने, बैंड बजाने, डीजे के शोर पर डांस करने, आतिशबाजी छोड़ने, शराब का सेवन करने, कार व बाइक पर स्टंट करने, खड़ा होकर खाना खाने, शादी स्थल पर मर्दों व औरतों का एक जगह जमा होने, वीडियो बनाने तथा फिजूलखर्ची जैसी दीनी व सामाजिक बुराइयों के चलते निकाह नहीं पढ़ाने का फैसला लिया है।
रविवार को जामा मस्जिद में नींदडू खास, बाजीदपुर-बीरु व मोहम्मद अलीपुर भिक्कन पंचायतों की मस्जिदों के इमाम, मुतवल्ली और जिम्मेदार लोगों की बैठक हुई। उलमा ने शादी-निकाह के अवसर पर शराब, बाजा, डीजे, तथा आतिशबाजी के बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त करते हुए इन दीनी व सामाजिक बुराइयों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने पर सहमति जताई। 2014 में शुरु की गई तंजीम अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन को फिर से जीवित करने के लिए सतत प्रयास व मिलकर कार्य करने पर जोर दिया।
इमामों ने इस्लाम विरोधी कार्य वाली शादी में निकाह नहीं पढ़ाने पर सख्ती से अमल करने के लिए जागरूक किया। इस बाबत पहले माहेगीर बिरादरी को साधने पर इत्तेफ़ाक हुआ। मुफ्ती मोहम्मद अशरफ की अध्यक्षता और कारी महफूजुर्रहमान के संचालन में हुई बैठक की शुरुआत कारी इमरान अहमद के कुरआन की तिलावत से हुई। कारी मुबीन कुरैशी ने नात पढ़ी। मुफ्ती मोहम्मद अशरफ, मुफ्ती मोहम्मद कासिम, मुफ्ती सदाकत हुसैन, मुफ्ती मुजम्मिल हुसैन, मौलवी मोहम्मद फैसल, मौलवी शमशीर अहमद, डाॅ. रफत मसऊद, जमीर ठेकेदार तथा महबूब अहमद ने विचार व्यक्त किए।
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नींदडू (बिजनौर)। जमीअतुल उलमा ए हिंद की स्थानीय शाखा ने शादी-निकाह के अवसर पर बरात चढ़ाने, बैंड बजाने, डीजे के शोर पर डांस करने, आतिशबाजी छोड़ने, शराब का सेवन करने, कार व बाइक पर स्टंट करने, खड़ा होकर खाना खाने, शादी स्थल पर मर्दों व औरतों का एक जगह जमा होने, वीडियो बनाने तथा फिजूलखर्ची जैसी दीनी व सामाजिक बुराइयों के चलते निकाह नहीं पढ़ाने का फैसला लिया है।
रविवार को जामा मस्जिद में नींदडू खास, बाजीदपुर-बीरु व मोहम्मद अलीपुर भिक्कन पंचायतों की मस्जिदों के इमाम, मुतवल्ली और जिम्मेदार लोगों की बैठक हुई। उलमा ने शादी-निकाह के अवसर पर शराब, बाजा, डीजे, तथा आतिशबाजी के बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त करते हुए इन दीनी व सामाजिक बुराइयों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने पर सहमति जताई। 2014 में शुरु की गई तंजीम अंजुमन इस्लाहुल मुस्लेमीन को फिर से जीवित करने के लिए सतत प्रयास व मिलकर कार्य करने पर जोर दिया।
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इमामों ने इस्लाम विरोधी कार्य वाली शादी में निकाह नहीं पढ़ाने पर सख्ती से अमल करने के लिए जागरूक किया। इस बाबत पहले माहेगीर बिरादरी को साधने पर इत्तेफ़ाक हुआ। मुफ्ती मोहम्मद अशरफ की अध्यक्षता और कारी महफूजुर्रहमान के संचालन में हुई बैठक की शुरुआत कारी इमरान अहमद के कुरआन की तिलावत से हुई। कारी मुबीन कुरैशी ने नात पढ़ी। मुफ्ती मोहम्मद अशरफ, मुफ्ती मोहम्मद कासिम, मुफ्ती सदाकत हुसैन, मुफ्ती मुजम्मिल हुसैन, मौलवी मोहम्मद फैसल, मौलवी शमशीर अहमद, डाॅ. रफत मसऊद, जमीर ठेकेदार तथा महबूब अहमद ने विचार व्यक्त किए।
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