{"_id":"5efb7e628ebc3ea1a1461635","slug":"we-all-have-pride-our-beloved-india-nazibabad-news-mrt4889841116","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला काव्य मंच की ऑन लाइन काव्य संध्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला काव्य मंच की ऑन लाइन काव्य संध्या
विज्ञापन
हम सबकी है शान, हमारा प्यारा हिंदुस्तान
नजीबाबाद। महिला काव्य मंच की ओर से ऑनलाइन काव्य संध्या में जनपद व आसपास के क्षेत्रों की कवयित्रियों ने सामाजिक परिवेश से जुड़ीं रचनाएं पेश कीं।
महिला काव्य मंच की काव्य संध्या की मुख्य अतिथि डा. तारा गुप्ता, विशिष्ट अतिथि डा.सारंगा देश असीम के निर्देशन में ऑनलाइन काव्य संध्या का शुभारंभ राष्ट्रीय कवयित्री डा. अंजू जैन ने घिसी इतनी कि चंदन हो गई, झुकी इतनी की वंदन हो गई, रचना पेश करके किया। डा. तारा गुप्ता की रचना दौलत, मजहब, जाति, घराना, गैरत, मजहब, खुद्दारी, जीवन की चादर को सब खींच रहे हैं बारी-बारी, डा. सारंगा देश असीम की रचना जितना भी दर्द हो तुम्हारी मुस्कानों में., शशिकला राजपूत की रचना हम सबकी है शान हमारा प्यारा हिंदुस्तान, इंदु गुप्ता की रचना मां सबसे अलहदा होती है, हर वक्त प्यार का लम्हा होती है, अंजलि गोयल की रचना खुल गए मंदिर मस्जिद सारे बस ट्रेन बाजार पर मुश्किल है सहना कोरोना वार.. रचना पंसद की गई।
मंजू जौहरी के संचालन में आयोजित ऑनलाइन काव्य संध्या में सुमन चौधरी, प्रतिभा मिश्रा, सुमन वर्मा, रचना शास्त्री, नीमा शर्मा, पूनम अग्रवाल, अनुप्रिया, नीलम अग्रवाल ने अपनी रचनाएं पेश कीं।
विज्ञापन
नजीबाबाद। महिला काव्य मंच की ओर से ऑनलाइन काव्य संध्या में जनपद व आसपास के क्षेत्रों की कवयित्रियों ने सामाजिक परिवेश से जुड़ीं रचनाएं पेश कीं।
महिला काव्य मंच की काव्य संध्या की मुख्य अतिथि डा. तारा गुप्ता, विशिष्ट अतिथि डा.सारंगा देश असीम के निर्देशन में ऑनलाइन काव्य संध्या का शुभारंभ राष्ट्रीय कवयित्री डा. अंजू जैन ने घिसी इतनी कि चंदन हो गई, झुकी इतनी की वंदन हो गई, रचना पेश करके किया। डा. तारा गुप्ता की रचना दौलत, मजहब, जाति, घराना, गैरत, मजहब, खुद्दारी, जीवन की चादर को सब खींच रहे हैं बारी-बारी, डा. सारंगा देश असीम की रचना जितना भी दर्द हो तुम्हारी मुस्कानों में., शशिकला राजपूत की रचना हम सबकी है शान हमारा प्यारा हिंदुस्तान, इंदु गुप्ता की रचना मां सबसे अलहदा होती है, हर वक्त प्यार का लम्हा होती है, अंजलि गोयल की रचना खुल गए मंदिर मस्जिद सारे बस ट्रेन बाजार पर मुश्किल है सहना कोरोना वार.. रचना पंसद की गई।
मंजू जौहरी के संचालन में आयोजित ऑनलाइन काव्य संध्या में सुमन चौधरी, प्रतिभा मिश्रा, सुमन वर्मा, रचना शास्त्री, नीमा शर्मा, पूनम अग्रवाल, अनुप्रिया, नीलम अग्रवाल ने अपनी रचनाएं पेश कीं।
विज्ञापन