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Bijnor News: बढ़ा जलस्तर, नहीं चल रहा ट्रैक्टर, बाढ़ पीड़ितों ने की मोटर बोट की मांग
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गांव मीरापुर सीकरी के किसान शमशेर सिंह चीमा- स्रोत किसान
जलीलपुर। करीब एक माह से गंगा के निकटवर्ती आधा दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सड़क से खेत तक सब जलमग्न है। आबादी में पानी घुसा है। रोजी-रोटी के साथ पशुओं का पेट भरना भी मुश्किल हो गया है। मरीजों को समय पर इलाज तक नहीं मिल रहा है। पानी से घिरे गांवों से बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। हताश गांव वासियों ने मोटर बोट उपलब्ध कराने की मांग की है।
ब्लॉक जलीलपुर क्षेत्र के गांव रायपुर खादर, जलालपुर खादर, मीरापुर सीकरी, सलेमपुर खादर का विजयनगर, जमालुदीनपुर का खेड़ा, कुम्हरिया आदि की आबादी गंगा से आई बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है। चार अगस्त को गंगा की धारा ने खेतों की तरफ रुख किया था तब से पानी कम नहीं हुआ। करीब एक माह से गांव वाले दुर्दशा झेल रहे हैं। फिर से गांव के रास्तों पर पांच फिट तक पानी बह रहा है। ट्रैक्टर से भी आवाजाही बंद हो गई है।
गांव मीरापुर सीकरी के शमशेर सिंह चीमा ने बताया अब धैर्य जवाब दे रहा है। आंखों के सामने फसल नष्ट हो रहीं हैं। छतों पर पन्नी डालकर जीवन काट रहे हैं। सुनवाई नहीं हो रही है। एक माह होने को है, पशुओं का चारा आदि की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। कुछ ग्रामीणों ने अपने पशुओं को गांव से बाहर भेज दिया है।
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गुरविंदर सिंह ने बताया बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो गया है। स्कूल की फीस व वाहनों का किराया देना होगा। रास्तों पर पानी है, बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। उन्होंने गांव में स्थाई रूप से मोटरबोट की व्यवस्था कराने की मांग की।
गांव सुजातपुर खादर के कुलदीप सिंह चौहान ने बताया गांव में कुछ परिवारों को राहत किट मिली है, जबकि अनेक जरूरतमंद परिवार इससे वंचित रह गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।
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ब्लॉक जलीलपुर क्षेत्र के गांव रायपुर खादर, जलालपुर खादर, मीरापुर सीकरी, सलेमपुर खादर का विजयनगर, जमालुदीनपुर का खेड़ा, कुम्हरिया आदि की आबादी गंगा से आई बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है। चार अगस्त को गंगा की धारा ने खेतों की तरफ रुख किया था तब से पानी कम नहीं हुआ। करीब एक माह से गांव वाले दुर्दशा झेल रहे हैं। फिर से गांव के रास्तों पर पांच फिट तक पानी बह रहा है। ट्रैक्टर से भी आवाजाही बंद हो गई है।
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गांव मीरापुर सीकरी के शमशेर सिंह चीमा ने बताया अब धैर्य जवाब दे रहा है। आंखों के सामने फसल नष्ट हो रहीं हैं। छतों पर पन्नी डालकर जीवन काट रहे हैं। सुनवाई नहीं हो रही है। एक माह होने को है, पशुओं का चारा आदि की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। कुछ ग्रामीणों ने अपने पशुओं को गांव से बाहर भेज दिया है।
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गुरविंदर सिंह ने बताया बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो गया है। स्कूल की फीस व वाहनों का किराया देना होगा। रास्तों पर पानी है, बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। उन्होंने गांव में स्थाई रूप से मोटरबोट की व्यवस्था कराने की मांग की।
गांव सुजातपुर खादर के कुलदीप सिंह चौहान ने बताया गांव में कुछ परिवारों को राहत किट मिली है, जबकि अनेक जरूरतमंद परिवार इससे वंचित रह गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।