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जिले की नहरों में रविवार को आया पानी, किसान खुश
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नहरों में आया पानी, किसान खुश
बिजनौर। जिले की नहरों में रविवार को पानी आ गया है। किसानों की फसल को सूखने से बचाने के लिए शेड्यूल से एक माह पहले पानी छोड़ा गया है।
नहरों से करीब सात हजार हेक्टेयर रकबे की सिंचाई होती है। किसानों की लॉकडाउन के कारण खरीफ की फसल हाथ से निकल गई। किसानों को अचानक गर्मी बढ़ने से गन्ने की फसल बचाने की चिंता थी। साथ हुई धान की फसल की बुवाई की तैयारी करनी थी, इसलिए नहरों में पानी छोड़ने की मांग की जा रही थी। किसान नेता बाबूराम तोमर तथा भाजपा किसान नेता मास्टर रमेश सिंह इस बारे में नहर विभाग के अधिकारियों से मिले थे। मामला डीएम रमाकांत पांडेय के सामने आया। इस पर डीएम ने नहर अधिकारियों को फसलों को सूखने से बचाने के लिए नहरों में पानी छोड़ने के निर्देश दिए। जिला सिंचाई नोडल अधिकारी एवं अधिशासी अभियंता पिरथी सिंह ने बताया कि हरिद्वार के भीमगोड़ा डैम से पांच जून की रात पानी छोड़ा गया था। पानी जिले की 250 नहर में रविवार को आ गया है। नहरों में पानी छोड़ने का शेड्यूल जुलाई से है। इमरजेंसी में जून में 500 क्यूसेक छोड़ा गया है। जो जून के लिए आखिर तक 1000 क्यूसेक हो जाएगा। किसान पानी आने से खुश हैं। बाबूराम तोमर, रणवीर सिंह का कहना है कि नहरों में पानी की मात्रा बढ़े। इससे नहरों के टेल तक पानी पहुंचे।
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बिजनौर। जिले की नहरों में रविवार को पानी आ गया है। किसानों की फसल को सूखने से बचाने के लिए शेड्यूल से एक माह पहले पानी छोड़ा गया है।
नहरों से करीब सात हजार हेक्टेयर रकबे की सिंचाई होती है। किसानों की लॉकडाउन के कारण खरीफ की फसल हाथ से निकल गई। किसानों को अचानक गर्मी बढ़ने से गन्ने की फसल बचाने की चिंता थी। साथ हुई धान की फसल की बुवाई की तैयारी करनी थी, इसलिए नहरों में पानी छोड़ने की मांग की जा रही थी। किसान नेता बाबूराम तोमर तथा भाजपा किसान नेता मास्टर रमेश सिंह इस बारे में नहर विभाग के अधिकारियों से मिले थे। मामला डीएम रमाकांत पांडेय के सामने आया। इस पर डीएम ने नहर अधिकारियों को फसलों को सूखने से बचाने के लिए नहरों में पानी छोड़ने के निर्देश दिए। जिला सिंचाई नोडल अधिकारी एवं अधिशासी अभियंता पिरथी सिंह ने बताया कि हरिद्वार के भीमगोड़ा डैम से पांच जून की रात पानी छोड़ा गया था। पानी जिले की 250 नहर में रविवार को आ गया है। नहरों में पानी छोड़ने का शेड्यूल जुलाई से है। इमरजेंसी में जून में 500 क्यूसेक छोड़ा गया है। जो जून के लिए आखिर तक 1000 क्यूसेक हो जाएगा। किसान पानी आने से खुश हैं। बाबूराम तोमर, रणवीर सिंह का कहना है कि नहरों में पानी की मात्रा बढ़े। इससे नहरों के टेल तक पानी पहुंचे।