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अस्थायी स्टड बनाने में जुटे ग्रामीण
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अस्थायी स्टड बनाने में जुटे ग्रामीण
नांगलसोती। गांव गौसपुर में गंगा से कटान रोकने के लिए ग्रामीणों और मनरेगा श्रमिकों ने स्वयं अस्थायी स्टड बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। ग्रामीणों द्वारा कट्टों में मिट्टी व रेत भरकर नदी किनारे भरान किया जा रहा है।
नांगलसोती के गांव गौसपुर में करीब एक दशक से गंगा नदी कहर बरपा रही है। इस वर्ष भी गंगा नदी पिछले तीन माह के भीतर किसानों की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि का कटान कर चुकी है। प्रधान अनीता समेत सभी ग्रामीण प्रशासन से स्थायी स्टड बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व प्रधान राजेश, अवनीश, सुनीत, मुकेश का कहना है कि सिंचाई विभाग द्वारा नदी किनारे कुछ अस्थायी स्टड बनाए गए थे, लेकिन नदी में पानी आने के बाद से कार्य रोक दिया गया। कटान के कारण किसानों की कई बीघा भूमि गंगा में समा चुकी है और गांव की दूरी अब करीब 50 मीटर है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन नदी किनारे स्थायी स्टड बनाने में उदासीन रवैया अपना रहा है, जिससे ग्रामीणों मेें रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने अब स्वयं ही कटान रोकने का बीड़ा उठा लिया है। शुक्रवार को ग्राम प्रधान अनीता देवी, रोजगार सेवक नीरज कुमार, विपिन कुमार के नेतृत्व में ग्रामीणों व मनरेगा श्रमिकों ने श्रमदान कर गंगा किनारे मिट्टी व रेत से भरे कट्टे लगाकर अस्थायी स्टड बनाने का कार्य शुरू किया।
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नांगलसोती। गांव गौसपुर में गंगा से कटान रोकने के लिए ग्रामीणों और मनरेगा श्रमिकों ने स्वयं अस्थायी स्टड बनाने का कार्य शुरू कर दिया है। ग्रामीणों द्वारा कट्टों में मिट्टी व रेत भरकर नदी किनारे भरान किया जा रहा है।
नांगलसोती के गांव गौसपुर में करीब एक दशक से गंगा नदी कहर बरपा रही है। इस वर्ष भी गंगा नदी पिछले तीन माह के भीतर किसानों की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि का कटान कर चुकी है। प्रधान अनीता समेत सभी ग्रामीण प्रशासन से स्थायी स्टड बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व प्रधान राजेश, अवनीश, सुनीत, मुकेश का कहना है कि सिंचाई विभाग द्वारा नदी किनारे कुछ अस्थायी स्टड बनाए गए थे, लेकिन नदी में पानी आने के बाद से कार्य रोक दिया गया। कटान के कारण किसानों की कई बीघा भूमि गंगा में समा चुकी है और गांव की दूरी अब करीब 50 मीटर है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन नदी किनारे स्थायी स्टड बनाने में उदासीन रवैया अपना रहा है, जिससे ग्रामीणों मेें रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने अब स्वयं ही कटान रोकने का बीड़ा उठा लिया है। शुक्रवार को ग्राम प्रधान अनीता देवी, रोजगार सेवक नीरज कुमार, विपिन कुमार के नेतृत्व में ग्रामीणों व मनरेगा श्रमिकों ने श्रमदान कर गंगा किनारे मिट्टी व रेत से भरे कट्टे लगाकर अस्थायी स्टड बनाने का कार्य शुरू किया।
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