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Bijnor News: नशे के लिए हो रहा दर्द निवारक दवाओं का इस्तेमाल
Sun, 07 Sep 2025 12:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sun, 07 Sep 2025 12:19 AM IST
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बिजनौर। लोग नशा करने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। जिन दवाइयों का इस्तेमाल बीमारी को कम करने के लिए किया जाता है। उन दवाइयों का इस्तेमाल कुछ लोग नशे के लिए कर रहे हैं। जिले में अवैध रूप से आ रही दर्द निवारक कैप्सूल की खेप पकड़ी गई है। इसका प्रयोग ज्यादातर नशे के लिए ही किया जा रहा है।
यह कैप्सूल एक दर्द निवारक दवा है। डॉ. विक्की सिंह का कहना है पेट या आंत की मांसपेशियों को आराम देकर ऐंठन या दर्द को कम करने के लिए इस कैप्सूल का प्रयोग किया जाता है। बहुत कम चिकित्सक ही दर्द में इसके सेवन का परामर्श देते हैं। लोग नशे के लिए इसी कैप्सूल का सेवन कर रहे हैं। यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद कम, हानिकारक ज्यादा साबित हो रही है। वहीं, औषधि निरीक्षक का कहना है कि ब्रांडेड कंपनियां इस कैप्सूल का उत्पादन नहीं कर रही हैं। छोटी कंपनियां ही इसे बना रहे हैं। उत्तराखंड के बॉर्डर से बिजनौर में यह कैप्सूल लाए जा रहे हैं। शुक्रवार देर रात भी अवैध रूप से जिले में लाए जा रहे इन कैप्सूल की बड़ी खेप पकड़ी गई है। साथ ही आरोपी को भी जेल भेज दिया गया।
चेकिंग में नहीं मिला था कोई बिल
चेकिंग के दौरान औषधि निरीक्षण और पुलिस की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान बादीगढ़ चौराहे के पास से एक स्विफ्ट कार से 74 डिब्बे बरामद किए। इनमें 17760 कैप्सूल थे। प्रतिबंधित दवाई की कीमत 132240 रुपये आंकी गई है। चेकिंग में आरोपी इबरान कोई बिल नहीं दिखा पाया। बिना बिल ही इन कैप्सूल को जिले में खपाने की तैयारी थी।
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इन साल्ट से बना था कैप्सूल
कैप्सूल में पैरासिटामोल, ट्रामाडोल, डाइसाइक्लोमाइन हाइड्रोक्लोराइड का मिश्रण है। इसके आठ कैप्सूल की कीमत 60 रुपये है। लेकिन, नशे की वजह से लोग इसे महंगे में भी खरीदते हैं। औषधि निरीक्षक ने बताया कि बाजार में इस कैप्सूल को 25 रुपये तक में बेचा जा रहा है।
कैप्सूल बनाने वाली उज्जैन और बेचनी वाली गोरखपुर की कंपनी
यह कैप्सूल उज्जैन की दानिश हेल्थ केयर कंपनी ने बनाया है। जबकि, इस कैप्सूल का वितरण गोरखपुर की अरना हेल्थकेयर कंपनी द्वारा किया जा रहा है।
जिले में बिना बिल के कैप्सूल की खेप आ रही थी। कंपनी के पते पर निरीक्षण करेंगे। फिलहाल पकड़ा गया आरोपी कोर्ट से जेल चला गया है। आगे भी ऐसी ही कार्रवाई जारी रहेगी।
-उमेश भारती, औषधि निरीक्षक, बिजनौर
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यह कैप्सूल एक दर्द निवारक दवा है। डॉ. विक्की सिंह का कहना है पेट या आंत की मांसपेशियों को आराम देकर ऐंठन या दर्द को कम करने के लिए इस कैप्सूल का प्रयोग किया जाता है। बहुत कम चिकित्सक ही दर्द में इसके सेवन का परामर्श देते हैं। लोग नशे के लिए इसी कैप्सूल का सेवन कर रहे हैं। यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद कम, हानिकारक ज्यादा साबित हो रही है। वहीं, औषधि निरीक्षक का कहना है कि ब्रांडेड कंपनियां इस कैप्सूल का उत्पादन नहीं कर रही हैं। छोटी कंपनियां ही इसे बना रहे हैं। उत्तराखंड के बॉर्डर से बिजनौर में यह कैप्सूल लाए जा रहे हैं। शुक्रवार देर रात भी अवैध रूप से जिले में लाए जा रहे इन कैप्सूल की बड़ी खेप पकड़ी गई है। साथ ही आरोपी को भी जेल भेज दिया गया।
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चेकिंग में नहीं मिला था कोई बिल
चेकिंग के दौरान औषधि निरीक्षण और पुलिस की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान बादीगढ़ चौराहे के पास से एक स्विफ्ट कार से 74 डिब्बे बरामद किए। इनमें 17760 कैप्सूल थे। प्रतिबंधित दवाई की कीमत 132240 रुपये आंकी गई है। चेकिंग में आरोपी इबरान कोई बिल नहीं दिखा पाया। बिना बिल ही इन कैप्सूल को जिले में खपाने की तैयारी थी।
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इन साल्ट से बना था कैप्सूल
कैप्सूल में पैरासिटामोल, ट्रामाडोल, डाइसाइक्लोमाइन हाइड्रोक्लोराइड का मिश्रण है। इसके आठ कैप्सूल की कीमत 60 रुपये है। लेकिन, नशे की वजह से लोग इसे महंगे में भी खरीदते हैं। औषधि निरीक्षक ने बताया कि बाजार में इस कैप्सूल को 25 रुपये तक में बेचा जा रहा है।
कैप्सूल बनाने वाली उज्जैन और बेचनी वाली गोरखपुर की कंपनी
यह कैप्सूल उज्जैन की दानिश हेल्थ केयर कंपनी ने बनाया है। जबकि, इस कैप्सूल का वितरण गोरखपुर की अरना हेल्थकेयर कंपनी द्वारा किया जा रहा है।
जिले में बिना बिल के कैप्सूल की खेप आ रही थी। कंपनी के पते पर निरीक्षण करेंगे। फिलहाल पकड़ा गया आरोपी कोर्ट से जेल चला गया है। आगे भी ऐसी ही कार्रवाई जारी रहेगी।
-उमेश भारती, औषधि निरीक्षक, बिजनौर